MP Board 10th Result: मां ने घरों में खाना बनाकर बेटियों को दी उड़ान, 10वीं में दोनों बहनों ने किया टॉप 

मध्य प्रदेश के सागर की रहने वाली दो बहनों ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया है. आर्थिक तंग के बीच इन दोनों बहनों ने मन लगाकर पढ़ाई की. संसाधनों की कमी को अपनी पढ़ाई के बीच नहीं आने दिया.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
"गरीबी ने कभी भी इरादों को कमजोर नहीं किया" : मां दीप्ति

कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मुश्किल हालात भी रास्ता नहीं रोक सकते. सागर के शासकीय संदीपनी विद्यालय की दो सगी बहनों ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है. अनु मिश्रा और शिवा मिश्रा ने मध्य प्रदेश बोर्ड की कक्षा 10वीं की परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है. जितनी प्रेरणादायक इन छात्राओं की सफलता की कहानी है, उतना ही संघर्ष उनके माता-पिता का भी रहा है. अनु और शिवा दोनों ने बिना किसी कोचिंग के यह उपलब्धि हासिल की है. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी. दोनों बहनें बताती हैं कि उन्होंने रोजाना करीब 6 घंटे पढ़ाई की और हर विषय के लिए एक-एक घंटे का समय तय किया. इसके साथ ही उन्होंने मोबाइल फोन से दूरी बनाए रखी, जिससे उनका पूरा ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रहा.

मात्र 6 हजार रुपए है पिता का आय

परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है. उनके पिता एक निजी कंपनी में सेल्समैन के रूप में काम करते हैं और उनकी मासिक आय मात्र 6 हजार रुपए है. परिवार मूल रूप से देवरी का रहने वाला है, लेकिन वर्तमान में सागर के इंदिरा वार्ड में किराए के मकान में निवास कर रहा है. परिवार में तीन बेटियां और एक छोटा बेटा है, जो कक्षा 8वीं में पढ़ाई कर रहा है.

बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च को पूरा करने के लिए मां दीप्ति मिश्रा लोगों के घरों में खाना बनाने का काम करती हैं. दीप्ति बताती हैं कि जब वह काम पर जाती हैं, तब घर की जिम्मेदारी बेटियां ही संभालती हैं. वे घर के काम के साथ-साथ अपनी पढ़ाई भी पूरी लगन से करती हैं. दीप्ति स्वयं केवल पांचवीं कक्षा तक पढ़ी हैं, लेकिन उन्होंने यह संकल्प लिया है कि अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाकर उनका भविष्य उज्ज्वल बनाएंगी.

पायलट बनना है लक्ष्य

दीप्ति कहती हैं कि गरीबी ने कभी उनके इरादों को कमजोर नहीं किया. उन्होंने हर हाल में अपनी बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. बेटियों ने भी अपनी मां के संघर्ष को समझते हुए मेहनत की और आज उसका परिणाम सभी के सामने है. दोनों बहनों के बड़े सपने हैं. अनु मिश्रा आगे गणित विषय लेकर पढ़ाई करना चाहती हैं और उनका लक्ष्य पायलट बनना है. शिवा मिश्रा फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं.

Advertisement

विद्यालय के शिक्षकों ने दोनों छात्राओं की सफलता पर गर्व जताते हुए कहा कि अनु और शिवा शुरू से ही मेहनती और अनुशासित रही हैं। उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी. यह कहानी केवल दो बहनों की सफलता नहीं, बल्कि एक मां के संघर्ष, त्याग और संकल्प की भी है, जिसने घरों में खाना बनाकर अपनी बेटियों के सपनों को उड़ान दी.

ये भी पढ़ें- MP Board Class 12th Topper: छोटी सी उम्र में छिन गया मां-बाप का साथ, दादी के सहारे पढ़ाई कर आर्ट्स स्ट्रीम में मुरैना की श्रुति ने किया टॉप

Advertisement

Featured Video Of The Day
ट्रंप और जिनपिंग की सीक्रेट डील! ईरान–इजरायल युद्ध का खेल बदल दिया?