लखनऊ जिला प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन कर मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने के मामले में कुल 8 निजी स्कूलों पर भारी जुर्माना लगाया है. साथ ही नोटिस जारी किया है. जानकारी के अनुसार स्कूलों पर 5-5 लाख रुपए जुर्माना लगाया गया है. इन 8 स्कूलों को शुल्क विनियमन अधिनियम उल्लंघन में दोषी पाया गया है. जिलाधिकारी (DM) विशाख जी. अय्यर की अध्यक्षता में हुई 'जिला शुल्क नियामक समिति' की बैठक में यह कड़ा फैसला लिया गया. इन स्कूलों के खिलाफ शिकायतें मिली थी. जिसकी जांच की गई थी.
किन स्कूलों पर लगाया जुर्माना
- एलेन हाउस स्कूल
- सीलवती आइडियल
- आश्रम एकेडमी
- हुकुम सिंह कॉलेज
- सेंट डोमिनिक
- सेठ MR जयपुरिया
- ब्राइट वे कॉलेज
- केजे मॉर्डन पब्लिक स्कूल
इन स्कूलों को नोटिस जारी कर 1 जून तक जवाब देने को कहा गया है. इन स्कूलों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. बताया जा रहा है कि इन स्कूलों के खिलाफ प्रशासन को काफी शिकायतें मिली थी. जांच में कई शिकायतें सही पाई गई थी. जिसके बाद एक्शन लेते हुए इनपर भारी जुर्माना लगाया गया. जांच में पाया गया कि इन स्कूलों ने शुल्क विनियमन अधिनियम का उल्लंघन किया था. तय मानक से अधिक फीस बढ़ाई थी.
क्या हैं नियम
लखनऊ के निजी स्कूलों पर कड़े नियम लागू हैं. ये नियम फीस वृद्धि से लेकर यूनिफॉर्म से जुड़े हुए हैं. इन गाइडलाइंस का उल्लंघन करने पर 5 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. यहां तक की स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है. फीस वृद्धि नियम के अनुसार कोई भी स्कूल सालाना Consumer Price Index (CPI) + 5% से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकता. साथ ही लगातार 5 सालों तक स्कूल अपनी यूनिफॉर्म का डिजाइन या रंग भी नहीं बदल सकता है.
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