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NEET-UG का लीक पेपर राजस्थान तक कैसे पहुंचा, सीकर के बच्चों के हाथ कैसे लगा?

NEET Paper Leak: सूत्रों के मुताबिक, यश की पहचान विकास बिवाल से थी. जांच के मुताबिक, विकास बिवाल के पिता दिनेश बिवाल ने ही पेपर की हार्डकॉपी को स्कैन के जरिए पीडीएफ फाइल में कनवर्ट किया था. आरोप है कि इसके बाद ही नीट का लीक पेपर सीकर के कोचिंग सेंटरों में  पढ़ने वाले कई छात्रों तक पहुंचाया गया. 

NEET-UG का लीक पेपर राजस्थान तक कैसे पहुंचा, सीकर के बच्चों के हाथ कैसे लगा?
नीट का लीक पेपर राजस्थान कैसे पहुंचा.
  • नीट-यूजी पेपर राजस्थान में यश यादव के माध्यम से लीक हुआ, जिससे कई छात्रों तक पहुंचा
  • पेपर की हार्डकॉपी को दिनेश बिवाल ने स्कैन कर पीडीएफ में बदला और इसे सीकर के कोचिंग सेंटरों में बांटा गया
  • छात्रों से लीक पेपर के बदले दो से पांच लाख रुपये लिए गए, जिससे एक बड़े नेटवर्क का पता चला
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NEET-UG पेपर लीक मामले में की जांच तेज है. CBI ने अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. 3 मई को एग्जाम हुआ था. जिसके बाद पेपर लीक की जानकारी सामने आई और सरकार ने पेपर कैंसिल कर दिया. सोचिए उन 23 लाख के करीब बच्चों का क्या, जिन्होंने दिन रात एक कर जी तोड़ मेहनत से पढ़ाई की थी. बता दें कि ये पेपर राजस्थान से लीक हुआ था. इस बीच सवाल ये है कि आखिर नीट का पेपर राजस्थान पहुंचा कैसे? 

नीट का लीक पेपर राजस्थान कैसे पहुंचा?

एजेंसियों की जांच में पता चला है कि नीट-यूजी का पेपर यश यादव के जरिए राजस्थान तक पहुंचा था. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यश की पहचान विकास बिवाल से थी. जांच के मुताबिक, विकास बिवाल के पिता दिनेश बिवाल ने ही पेपर की हार्डकॉपी को स्कैन के जरिए पीडीएफ फाइल में कनवर्ट किया था. आरोप है कि इसके बाद ही नीट का लीक पेपर सीकर के कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले कई छात्रों तक पहुंचाया गया. 

पेपर के बदले लिए 2 से 5 लाख रुपये

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, पूछताछ में छात्रों ने ये बात खुद बताई है कि लीक पेपर के बदले उनसे 2 से 5 लाख रुपये की रकम ली गई थी. नीट पेपर लीक नेटवर्क का मास्टरमाइंड नासिक के शुभम खैरनर को बताया जा रहा है. हालांकि उसने खुद का मास्टरमाइंड मानने से इनकार कर दिया है. 

अब तक 5 आरोपी गिरफ्तार, अन्य संदिग्धों से पूछताछ

बता दें कि नीट पेपर लीक मामले में CBI ने 12 मई को केस दर्ज किया था. इस मामले में अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 3 आरोपी राजस्थान के जयपुर से और 1 आरोपी हरियाणा के गुरुग्राम से और एक अन्य आरोपी महाराष्ट्र के नासिक से पकड़ा गया है. अब पुणे से एक और संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है. आरोपी शुभम खैरनर को नासिक से, मंगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल को जयपुर से और यश यादव को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि कई अन्य संदिग्धों से विभिन्न शहरों में पूछताछ की जा रही है और उन्हें बाद में गिरफ्तार किया जा सकता है.

सीबीआई ने संदिग्धों से मोबाइल फोन और लैपटॉप समेत कई डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा ताकि उन मैसेजिंग ऐप का पता लगाया जा सके जिनका इस्तेमाल प्रश्न पत्रों को भेजने के लिए किया गया हो.

हरियाणा से जुड़े सिंडिकेट ने 10 से 15 लाख रुपये में बेचा पेपर

जांच एजेंसियों के मुताबिक, जयपुर और हरियाणा से जुड़े सिंडिकेट ने NEET का पेपर 10 से 15 लाख रुपये में बेचा. वहीं कुछ मामलों में इसे 25 से 30 लाख रुपये तक में खरीदा गया. एक ही पेपर को कई छात्रों तक बेचकर गिरोह ने करोड़ों रुपये का नेटवर्क खड़ा कर लिया, जिसके ठोस सबूत एजेंसियों के पास मौजूद हैं.

सीकर के छात्र को कैसे मिला लीक पेपर?

एसओजी के महानिरीक्षक अजय पाल लांबा ने बताया कि सीकर के छात्र को लीक पेपर सबसे पहले अपने एक दोस्त से मिला, इसे उसने सीकर में दूसरों के साथ साझा किया. इसके बाद यह दस्तावेज कोचिंग कर रहे कई छात्रों तक पहुंचा और फिर 3 मई को परीक्षा से पहले जयपुर और आस-पास के इलाकों के अभ्यर्थियों तक भी पहुंच गया. 

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि केरल वाले छात्र ने यह 'गेस पेपर' सीकर के एक हॉस्टल मालिक और अपने कुछ दोस्तों को भेजा. हॉस्टल मालिक ने हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के साथ यह ‘गेस पेपर' साझा करते हुए कहा था कि यह उनके काम आ सकता है. बाद में खुद हॉस्टल मालिक ने ही स्थानीय पुलिस को इस 'गेस पेपर' के बारे में सूचना दी. अधिकारी ने बताया कि उसने बताया था कि बड़ी संख्या में छात्रों को एक ‘क्वेश्चन बैंक' (प्रश्न संग्रह) बांटा गया है. अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान पहुंचने से पहले इसे कथित तौर पर हरियाणा के गुरुग्राम में रहने वाले एक व्यक्ति के जरिए भेजा गया था.

केरल से नीट का पेपर लीक होने का दावा

बता दें कि राजस्थान के सीकर के  केमिस्ट्री के टीचर, व्हिसल ब्लोअर ने ही सबसे पहले पेपर लीक की शिकायत जांच एजेंसियों से की थी. जांच प्रभावित न हो इसीलिए उनका असली नाम उजागर नहीं किया गया है. बीजेपी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने दावा किया है कि नीट का प्रश्नपत्र राजस्थान में लीक नहीं हुआ. उनका आरोप है कि पेपर लीक की शुरुआत केरल से हुई थी.

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