CBSE ने पहले ही 2028 में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं का रोडमैप तैयार कर लिया है. बोर्ड की तरफ से बताया गया है कि 2028 में 10वीं के छात्रों के लिए पांच विषय अनिवार्य होंगे, साथ ही इसके साथ एक स्किल पेपर चुनने का विकल्प भी मिलेगा. ये स्किल पेपर छात्रों के लिए एक सेफ्टी नेट की तरह काम करेगा, यानी कोई छात्र अगर गणित या फिर साइंस में फेल हो जाता है तो इस स्किल पेपर की मदद से परीक्षा पास कर सकता है. कुल मिलाकर छात्रों का साल बचाने के लिए ये नई चीज जोड़ी जा रही है. हालांकि इश शैक्षणिक सत्र यानी 2026-27 के लिए ये नियम लागू नहीं होगा.
किन छात्रों पर लागू होगा नया नियम?
सीबीएसई का ये नया नियम उन छात्रों पर लागू होगा, जो अभी 9वीं में पढ़ रहे हैं और 2027 में पास होकर 10वीं में जाएंगे. बोर्ड ने साफ किया है कि इंटरडिसिप्लिनरी एरिया और सीटी व एआई के मॉड्यूल उसके सिलेबस में शामिल नहीं किया जाएगा. सीबीएसई की डायरेक्टर (एकेडमिक्स) प्रज्ञा एम सिंह की तरफ से ये जानकारी दी गई. उन्होंने बताया कि कक्षा 10 के छात्रों के लिए वोकेशनल एजुकेशन एक अनिवार्य विषय बना रहेगा. इस जरूरत को पूरा करने के लिए छात्र या तो स्किल डेवलेपमेंट विषय चुन सकते हैं या बोर्ड की तरफ से अधिसूचित 22 स्किल विषयों में से किसी एक को चुन सकते हैं.
स्किल पेपर चुनने वाले छात्रों का ये पेपर स्कूल स्तर पर ही चेक होगा और 33 प्रतिशत अंक लाने पर स्कूल का सर्टिफिकेट भी मिल जाएगा. यानी उन्हें इस विषय के लिए बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी.
छात्रों को मिलेगा स्किल सर्टिफिकेट
2028 में होने वाले इस बदलाव को लेकर बोर्ड की तरफ से बताया गया है कि सीबीएसई ने वोकेशनल एजुकेशन के लिए दो रास्ते बताए हैं, जिससे छात्र स्कूल-आधारित मूल्यांकन और बोर्ड परीक्षा में से किसी एक को चुन सकते हैं. बोर्ड परीक्षा पास करने पर छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त स्किल सर्टिफिकेट मिलेगा. नई शिक्षा नीति के तहत सीबीएसई की कोशिश है कि छात्रों को सिर्फ किताबी पढ़ाई न करवाई जाए, बल्कि उन्हें स्किल एजुकेशन को लेकर भी 10वीं स्तर से ही जागरूक किया जाए.
इस योजना के तहत पांच अनिवार्य विषयों के अलावा कुल 9 विषय होंगे. इसमें तीसरी भाषा, आर्ट, फिजिकल एजुकेशन और वोकेशनल एजुकेशन शामिल हैं. स्किल सब्जेक्ट के तौर पर छात्र डेटा साइंस, एआई, हेल्थकेयर एंड डिजाइन थिंकिंग, आईटी और फाइनेंशियल मार्केट्स को चुन सकते हैं.
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