- बिहार 10वीं बोर्ड के नतीजे जारी किए गए हैं जिसमें टॉप-3 में दो छात्राओं ने पहला और दूसरा स्थान हासिल किया है
- इस बार कुल 81.79 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए और टॉप 10 में 139 मेधावी छात्र हैं जिनमें 57 छात्राएं शामिल हैं
- परीक्षा में कुल 15,10,928 विद्यार्थी शामिल हुए जिनमें 12,35,743 छात्र-छात्राएं सफल घोषित किए गए हैं
बिहार 10वीं बोर्ड के नतीजे जारी कर दिए गए हैं. एक बार फिर लड़कियों ने लड़कों को पीछे छोड़ते हुए बाजी मारी है. टॉप-3 में दो छात्राओं ने कमाल करते हुए टॉप हासिल किया है. एक छात्र जमुई की है और दूसरी वैशाली की है. मैरिट लिस्ट पर गौर करें तो टॉप 10 की मेधा सूची में कुल 139 परीक्षार्थी शामिल हैं, जिनमें से 57 छात्राएं हैं. रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र-छात्राएं आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं. इस बार कुल 81.79 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए हैं.
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनन्द किशोर ने सभी टॉपर्स और बाकी उत्तीर्ण स्टूडेंट्स को बधाई दी और कहा कि बिहार पहला राज्य जहां इंटर और मैट्रिक का रिजल्ट मार्च में निकला है. सरकार ने बताया कि कॉपियों के मूल्यांकन के 12 दिन के भीतर ही रिजल्ट जारी कर दिए गए.
नीचे दिए QR कोड को स्कैन कर जानें रिजल्ट
लड़कियों ने फिर मारी बाजी
बिहार 10वीं बोर्ड के नतीजे के बाद फिर एक बार लड़कियों का बोलबाला रहा. टॉप-3 में दो लड़कियों ने बाजी मारी है. इनमें एक छात्रा जमुई की सिमुलतला आवासीय विद्यालय की पुष्पांजलि कुमारी और वैशाली की समरीन परवीन ने 492 अंक लाकर विजय पताका लहराया है. दोनों संयुक्त टॉपर हैं. टॉपर सूची में दो छात्राओं ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया है.दोनों ही छात्राओं ने 492 अंक (98.4%) हासिल कर राज्य का नाम रोशन किया है. एक और खास बात यह है कि टॉप-10 में 139 स्टूडेंट्स हैं जिसमें 57 छात्राएं हैं.
बिहार बोर्ड नतीजे की हर डिटेल
इस साल परीक्षा में कुल 15,10,928 विद्यार्थी शामिल हुए थे. जिसमें उत्तीर्ण हुए कुल छात्र-छात्राओं की संख्या 12,35,743 रही. उत्तीर्ण होने वाले छात्रों में छात्राओं की संख्या 6,34,353 रही तो वहीं छात्रों की संख्या 6,01,390 है जो तुलना में कम है.
➔प्रथम श्रेणी (1st Division)
4,43,723
➔द्वितीय श्रेणी (2nd Division)
4,75,511
➔तृतीय श्रेणी (3rd Division)
3,03,103
बिहार बोर्ड ने रचा इतिहास
बिहार बोर्ड ने नया कीर्तिमान रचते हुए 28 दिनों में ही सबसे तेज नतीजे जारी कर दिए हैं. बिहार बोर्ड ने तकनीक आधारित नई व्यवस्थाओं के दम पर इस वर्ष अपना ही रिकॉर्ड तोड़ते हुए अब तक का सबसे तेज (Fastest) परिणाम जारी किया है. मूल्यांकन शुरू होने के मात्र 28 दिनों के भीतर रिजल्ट घोषित कर दिया गया. पिछले वर्ष यह कार्य 29 दिनों में पूरा हुआ था. बोर्ड ने लगभग 89.67 लाख कॉपियों और इतनी ही ओ.एम.आर. शीट की जांच रिकॉर्ड समय में पूरी की है. देश के अन्य शिक्षा बोर्डों की तुलना में बिहार बोर्ड ने मार्च महीने में ही इंटर और मैट्रिक दोनों के परिणाम जारी कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है.
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