पंक्चर बनाने वाले के बेटे ने बिहार बोर्ड में छठवीं रैंक लाकर रचा इतिहास, त्रिवेणीगंज के अनुज को 10वां स्थान

बिहार मैट्रिक रिजल्ट में सुपौल जिले के दो छात्रों ने टॉप‑10 में जगह बनाई है. राजदीप कुमार ने छठा और अनुज कुमार ने 10वां स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है. (एनडीटीवी के लिए अभिषेक मिश्रा की रिपोर्ट)

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टॉप-10 में छठवीं रैंक हासिल करने वाले राजदीप
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  • बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने कक्षा दसवीं का परिणाम घोषित करते हुए कुल 81.79 प्रतिशत विद्यार्थी पास
  • सुपौल जिले के अनुज कुमार ने 481 अंक प्राप्त कर राज्य में दसवां स्थान हासिल किया है, जो बड़ी उपलब्धि है
  • राजदीप कुमार ने 485 अंक लेकर छठा स्थान प्राप्त किया, उनके पिता पंक्चर बनाने का काम करते हैं
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बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने रविवार को कक्षा 10 का परिणाम घोषित कर दिया, जिसमें 81.79 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक परीक्षा का परिणाम इस वर्ष सुपौल जिले के लिए बेहद ही शानदार रहा है. जिले के दो होनहार छात्रों ने राज्य की टॉप‑10 सूची में जगह बनाकर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है. रिजल्ट घोषित होते ही सुपौल जिले में उत्साह और खुशी का माहौल बन गया है.

त्रिवेणीगंज के अनुज कुमार ने हासिल किया 10वां स्थान

त्रिवेणीगंज प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, भीमपुर के छात्र अनुज कुमार ने मैट्रिक परीक्षा में कमाल का प्रदर्शन किया है. अनुज ने बिहार बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट में 481 अंक (96.2 प्रतिशत) हासिल कर बिहार में 10वां स्थान हासिल किया है. उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय, गांव और पूरे इलाके में गर्व का माहौल है. साधारण परिवार से आने वाले अनुज ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और माता‑पिता को दिया है.

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पंक्चर बनाने वाले के बेटे राजदीप की छठवीं रैंक

राघोपुर प्रखंड के खुबलाल उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, रामविशनपुर के छात्र राजदीप कुमार ने 485 अंक (97 प्रतिशत) लाकर राज्य में छठवां स्थान हासिल किया है. राजदीप के पिता पंक्चर बनाने का काम करते हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद राजदीप की इस सफलता ने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है. अब उनके घर पर बधाई देने वालों का जमावड़ा लगा हुआ है.

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जिला प्रशासन और शिक्षकों ने दी बधाई

दोनों छात्रों की इस सफलता पर जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने उन्हें बधाई दी है. शिक्षकों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर राज्य स्तर पर टॉप‑10 में जगह बनाना बड़ी उपलब्धि है। उनका मानना है कि यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी.

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स्कूलों में जश्न, छात्रों का हो रहा सम्मान

सुपौल जिले में इस सफलता को लेकर स्कूलों में खूब मिठाइयां बांटी जा रही हैं और छात्रों का सम्मान किया जा रहा है. अभिभावकों का कहना है कि यह परिणाम जिले की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का संकेत देता है. लोगों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में जिले के और छात्र राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करेंगे.

मेहनत और लगन से मिली सफलता

बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट में कुल मिलाकर, अनुज कुमार और राजदीप कुमार की मेहनत और लगन ने यह साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास ईमानदार हों, तो सफलता जरूर मिलती है. दोनों छात्रों की उपलब्धि सुपौल जिले के लिए गर्व की बात है.

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