जनकपुरी हादसे पर सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार और पुलिस को घेरा, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट न आने पर भी उठाए सवाल

जनकपुरी में सड़क पर खोदे गए गड्ढे में गिरकर युवक की मौत के मामले में आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि FIR से ठेकदार का नाम हटा दिया गया है और दिल्ली पुलिस मजदूर के पीछे दौड़ रही है. सुना है कि उत्तर प्रदेश में जाकर मजदूर पकड़ा जा रहा है

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आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज.
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  • AAP ने जनकपुरी में गड्ढे में गिरकर हुई युवक कमल ध्यानी की मौत पर दिल्ली सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं.
  • सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पुलिस ने FIR से ठेकेदार का नाम हटा दिया और मजदूरों को दोषी ठहराने की कोशिश की है.
  • परिजनों ने 6 पुलिस थानों में शिकायत दर्ज न होने की बात कही, पुलिस ने रात भर उनकी मदद नहीं की और शिकायत टाल दी.
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नई दिल्ली:

आम आदमी पार्टी (AAP) ने जनकपुरी में सड़क में खोदे गड्ढे में गिर कर हुई 25 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत को लेकर रेखा गुप्ता सरकार पर तीखे हमले बोले हैं. पार्टी के दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली सरकार अपने एक साल पूरे होने का जश्न मना रही है और जनकपुरी में मरने वाले कमल ध्यानी की मां आंसू बहा रही है. उन्होंने कहा कि अब तक मृतक की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं आई है. ज्यादातर मामलों में 24 घंटे में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ जाती है. 

FIR से ठेकदार का नाम हटा दिया, मजदूरों के पीछे दौड़ रही पुलिसः सौरभ भारद्वाज

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि FIR से ठेकदार का नाम हटा दिया गया है और दिल्ली पुलिस मजदूर के पीछे दौड़ रही है. सुना है कि उत्तर प्रदेश में जाकर मजदूर पकड़ा जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रवेश वर्मा ने कहा था कि 100-100 मीटर पर पूरी बैरिकेडिंग थी और आशीष सूद ने कहा था कि सुरक्षा के सारे इंतजाम थे. जबकि सुबह मृतक युवक कमल के भाई करन, उसके परिवार वाले और दोस्तों ने कैमरे पर साफ कहा कि वहां कोई बैरिकेडिंग नहीं थी और बिल्कुल खुला मैदान था. सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया कि क्या इन मंत्रियों के ऊपर कोई कार्रवाई होगी कि इन्होंने लीपापोती करने की कोशिश की.

6 पुलिस स्टेशन दौड़ते रहे परिजन, शिकायत तक दर्ज नहीं हुईः सौरभ भारद्वाज

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अब पुलिस की एफआईआर में आ गया है कि बैरिकेडिंग नहीं थी. एक मजदूर योगेश को पकड़ने के लिए पुलिस उत्तर प्रदेश तक गई है. मजदूर का दोष बताया जा रहा है कि उसने सब-कॉन्ट्रैक्टर को नहीं बताया. उनके हिसाब से उसे फांसी दे देनी चाहिए, मगर उन छह पुलिस स्टेशनों का क्या, जहां कमल के पिता, भाई और दोस्त रात भर घूमे और छह के छह थानों ने उनकी शिकायत तक दर्ज नहीं की, यहां तक कि डायरी एंट्री भी नहीं की.
 

सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस द्वारा आंकड़े मैनेज करने के लिए, कोई लड़की छेड़छाड़ की शिकायत करने आती है तो उसे भगा दिया जाता है, कोई गुमशुदगी की शिकायत करने जाता है तो उसे भगा दिया जाता है और लड़ाई-झगड़े की शिकायत को रफा-दफा कर दिया जाता है. 

उन्होंने कहा कि भाजपा का मकसद अपराध को कम करना नहीं, बल्कि अपराध के आंकड़ों को कम करना है. एक्यूआई को कम करना है, प्रदूषण को नहीं. नकली यमुना बनानी है, असली यमुना को साफ नहीं करना है. हर चीज में फर्जीवाड़ा, हर चीज में फ्रॉड और डेटा में फर्जीवाड़ा करके देश को चलाने की कोशिश की जा रही है.

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