- दिल्ली पुलिस ने पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास मिली तीन शवों की जांच के दौरान तांत्रिक कमरुद्दीन को गिरफ्तार किया है
- कमरुद्दीन ने शिव नरेश, रणधीर और लक्ष्मी को जहर मिलाकर उनकी हत्या की और नकदी लेकर फरार हो गया था
- आरोपी का तंत्र-मंत्र का काला कारोबार गाजियाबाद के लोनी स्थित बाबा कमाल खां की मजार से संचालित होता था
दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास एक गाड़ी में तीन शव मिलने की गुत्थी सुलझाते हुए दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे शातिर को पकड़ा है, जो दशकों से बाबा के चोले में मौत का व्यापार कर रहा था. पुलिस ने गाजियाबाद के लोनी स्थित बाबा कमाल खां की मजार से अपना काला कारोबार चलाने वाले बाबा कमरुद्दीन को गिरफ्तार किया है. उस पर तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को ठगने और फिर उनकी हत्या करने का आरोप है.
कमरुद्दीन की हरकतें तब सामने आईं, जब हाल ही में पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास एक कार में शिव नरेश, रणधीर और लक्ष्मी के शव मिले थे. शुरुआत में इसे आत्महत्या का मामला माना गया लेकिन जांच में पता चला कि कमरुद्दीन ने इन्हें पैसों की बारिश का लालच देकर फंसाया था.
जांच में सामने आया कि तीनों कमरूद्दीन को बीते 3 महीने से जानते थे. जिस दिन घटना हुई उस दिन कमरुद्दीन ने उनसे 2 लाख रुपये नकद, शराब और कोल्ड ड्रिंक लाने को कहा था. लोनी से पीरागढ़ी की यात्रा के दौरान कमरुद्दीन ने उन्हें शराब और कोल्ड ड्रिंक पिलाई और साथ ही जहर मिले लड्डू खिला दिए. जैसे ही तीनों बेहोश हुए, बाबा नकदी लेकर फरार हो गया. पुलिस को इस मामले में पुख्ता तकनीकी साक्ष्य मिले हैं.
वह मजार, जहां से चलता था तंत्र-मंत्र का खेल
लोनी स्थित बाबा कमाल खां की मजार, जहां से कमरुद्दीन यह सब संचालित करता था, वहां अब बर्तन, पतीले और सिलेंडर जैसे सामान पड़े हैं. आसपास के लोगों का कहना है कि यहां लोग छोटे बच्चों की नजर उतरवाने आते थे. वहीं कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि ये तो नकली मजार चल रही थी.
पुलिस के मुताबिक कमरुद्दीन ऐसी ही कई हत्याओं को अंजाम दे चुका है. कमरुद्दीन केवल हत्याओं तक सीमित नहीं था, वह छोटे स्तर पर भी ठगी करता था.
मोहम्मद जुल्फिकार अली खान नामक पीड़ित ने बताया कि उनकी मां उन्हें नशा छुड़वाने के लिए कमरुद्दीन के पास लाई थी. बाबा ने नशा छुड़वाने के नाम पर पहले 11 हजार रुपये लिए, फिर भभूत और अन्य सामानों के नाम पर कुल 20 हजार रुपये का फ्रॉड किया. जुल्फिकार के मुताबिक, बाबा के भभूत से कोई फायदा नहीं हुआ और आखिरकार नशा मुक्ति केंद्र जाकर ही उसकी लत छूटी.
तांत्रिक की बहू का क्या है कहना?
NDTV ने इस मामले में तांत्रिक कमरुद्दीन की बहू शाईना से बातचीत की. शाईना लोनी में ही किराने की दुकान चलाती है. शाईना का आरोप है कि 8 तारीख की रात 1 बजे पुलिस चोरों की तरह टीन फांदकर आई. पुलिस पहले कमरुद्दीन को ले गई, फिर फिरोजाबाद से जेठों को पकड़ा. शाईना ने कहा कि मेरे पति और जेठ को भी यहां से गिरफ्तार कर लिया गया.
शाईना का दावा है कि उसे तंत्र-मंत्र के बारे में कुछ नहीं पता. उसने कहा कि हमें अपनी दुकान से मतलब था. कमरुद्दीन कभी हमसे ऐसी बात नहीं करते थे. मजार पर लोग सिर्फ अगरबत्ती लगाते थे, वहां कोई माला-फूल या तंत्र का सामान नहीं है.
शाईना ने बताया कि कमरुद्दीन के 5 बेटे और 2 बेटियां हैं. दो बेटे लोनी में ही रहते हैं. एक होटल चलाता है और दूसरा ई-रिक्शा. उसने कहा कि मेरे तीन छोटे बच्चे हैं, दो गाड़ियों की किश्त भरनी है. मेरी सास, ननद और पति को रिहा किया जाए. वहीं कमरुद्दीन पर लगे आरोपों पर शाईना ने कहा कि मुझे तंत्र-मंत्र में कोई सच्चाई नहीं दिखती. जिसने किया है वो जाने, मैं यह नहीं कह रही कि इल्जाम गलत है, बस मेरे परिवार के लोग छूट जाएं.
जांच में जुटी पुलिस
तांत्रिक कमरूद्दीन को गिरफ्तार करने के बाद दिल्ली पुलिस अब यह जांच कर रही है कि पिछले सालों में उसने और कितने लोगों को पैसों की बारिश के जाल में फंसाकर मौत के घाट उतारा है. जानकारी के मुताबिक, कमरुद्दीन इतना शातिर था कि वह कार से ऐसी जगह उतरता था जहां सीसीटीवी कैमरे न हों. मूल रूप से फिरोजाबाद का रहने वाला यह तांत्रिक दशकों से मौत और ठगी का यह मायाजाल बुन रहा था.














