- NEET छात्रा की पटना के गर्ल्स हॉस्टल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई, जिसके बाद न्यायिक जांच की मांग बढ़ी
- छात्रा के माता-पिता दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं और न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं
- छात्रा की मां ने बिहार सरकार और सीबीआई पर भरोसा न रखते हुए केंद्र सरकार से न्याय की अपील की है
पटना के गर्ल्स हॉस्टल में जहानाबाद की NEET छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला बढ़ता ही जा रहा है. इस मामले की न्यायिक जांच की मांग को लेकर छात्रा के माता-पिता दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. इस दौरान छात्रा की मां का दर्द छलका. छात्रा के माता-पिता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के जज की निगरानी में इस मामले की जांच की जाए, ताकि इंसाफ मिल सके. छात्रा की मां ने कहा कि बिहार सरकार और सीबीआई पर भरोसा नहीं है और केंद्र सरकार से न्याय की उम्मीद है.
जहानाबाद की NEET छात्रा की पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. इसकी जांच के लिए SIT बनाई गई थी. फिर बाद में सरकार ने इसकी सीबीआई जांच की सिफारिश की. हालांकि, परिवार इससे खुश नहीं है. परिवार इस मामले की न्यायिक जांच की मांग कर रहा है. इसी मांग को लेकर रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हो रहा है, जिसमें छात्रा के माता-पिता भी शामिल हुए हैं.
जंतर-मंतर पहुंचीं छात्रा की मां ने गुस्से में कहा कि उनकी लड़ाई आखिर तक जारी रहेगी. आखिर में चाहे फिर तलवार उठाकर मार देंगे या अपनी गर्दन काट लेंगे. उन्होंने कहा कि कैसे मंत्री हैं जो एक बेटी को इंसाफ नहीं दिला सकते. ऐसे मंत्री धरती पर बोझ हैं.
'एक बेटी की मम्मी नहीं रो रही'
छात्रा की मां ने कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ, उसके लिए हॉस्टल संचालक, मालिक, डॉक्टर और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली सरकार दोषी है. उन्होंने कहा कि 'ये सिर्फ एक बेटी की मम्मी नहीं रो रही. पूरी जनता की मां रो रही है. मेरी बेटी तो चली गई लेकिन कई बच जाएंगी.' उन्होंने कहा कि 'मेरी बेटी गंगा थी, गंगा है और गंगा रहेगी.'
बिहार सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
छात्रा के माता-पिता ने बिहार सरकार और अब तक की जांच को लेकर सवाल उठाए हैं. छात्रा की मां ने कहा कि बिहार सरकार हमें अपराधी की तरह प्रताड़ित कर रही है. एक महीने हो गए हैं लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि 'SIT वाले रात में आए और डीजीपी से मिलने की बात की लेकिन डीजीपी ने कहा कि आप मान लीजिए कि आपकी बेटी ने आत्महत्या की है.'
उन्होंने कहा 'मेरी बेटी 2024 से हॉस्टल में रह रही थी. हमने बेटी को सुरक्षित हॉस्टल पहुंचाया था. 6 जनवरी को बताया कि बेटी बेहोश हो गई. 11 जनवरी को पता चला कि रेप हुआ है. फिर बोल रहे थे कि रेप नहीं हुआ.' उन्होंने कहा कि 'डॉक्टर ने साथ छोड़ दिया. प्रशासन ने छोड़ दिया. बेटी के इंसाफ के लिए कहां जाएं?'
केंद्र सरकार से न्याय की उम्मीद
छात्रा की मां ने कहा कि बिहार सरकार से उम्मीद नहीं हैं. केंद्र सरकार से निवेदन है कि न्याय मिले. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से अपील है कि हमारी बेटी को न्याय दिलाएं, ताकि बिहार की बेटियां सुरक्षित रहें. उन्होंने कहा कि हमें सीबीआई जांच पर भरोसा नहीं है. सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के जज के देखरेख में जांच हो, ताकि बेटी को न्याय मिल सके. उन्होंने कहा कि बेटी को इंसाफ दिलाने की लड़ाई मरते दम तक जारी रहेगी.














