- कमल की बाइक में किसी भी प्रकार की क्षति नहीं पाई गई जबकि आमतौर पर तेज रफ्तार में गिरने पर वाहन टूटता है
- एक चश्मदीद ने बताया कि हादसे से पहले कमल का किसी व्यक्ति से झगड़ा हुआ था जो संदिग्ध स्थिति बनाता है
- हादसे के तुरंत बाद कमल का मोबाइल फोन रहस्यमयी ढंग से बंद हो गया जो सबूत मिटाने की संभावना को जन्म देता है
दिल्ली के जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए एक गहरे गड्ढे ने पालम निवासी बैंककर्मी कमल की जान ले ली. पहली नजर में यह मामला लापरवाही से हुई दुर्घटना का लग रहा है, लेकिन घटनास्थल की स्थिति और कुछ चौंकाने वाले तथ्यों ने अब इसे एक 'रहस्य' बना दिया है. क्या कमल की मौत महज एक हादसा थी, या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है?
इस घटना से जुड़े 5 सवाल उठ रहे हैं, जिनका जवाब मिलना बाकी है.
1. बाइक की हालत: बिना टूट-फूट के मौत कैसे?
सबसे बड़ा सवाल बाइक की कंडीशन को लेकर है. आमतौर पर जब कोई वाहन तेज रफ्तार में गड्ढे में गिरता है, तो उसमें भारी टूट-फूट होती है. लेकिन कमल की बाइक में किसी भी प्रकार की कोई बड़ी क्षति नहीं दिखी है. अगर बाइक सुरक्षित है, तो चालक की जान जाना कई तरह के संदेह पैदा करता है.
2. चश्मदीद का दावा: पहले हुआ था झगड़ा
मामले में नया मोड़ एक चश्मदीद के बयान से आया है. चश्मदीद के मुताबिक, गड्ढे में गिरने से पहले कमल का किसी के साथ झगड़ा हुआ था. यदि यह सच है, तो क्या उस झगड़े का इस हादसे से कोई संबंध है? क्या कमल को जानबूझकर गड्ढे की तरफ धकेला गया या मजबूर किया गया?
3. मोबाइल का रहस्यमयी ढंग से बंद होना
हादसे के तुरंत बाद कमल का मोबाइल फोन बंद हो गया. अक्सर गिरने या चोट लगने पर फोन स्क्रीन टूटती है, लेकिन वह एकदम बंद नहीं होता. गिरने के ठीक बाद फोन का बंद होना इस अंदेशे को जन्म देता है कि क्या सबूत मिटाने के लिए फोन से छेड़छाड़ की गई.
4. बंद सड़क और बैरिकेडिंग का खेल
जिस सड़क पर यह खुदाई चल रही थी, उसे जल बोर्ड ने दोनों तरफ से बंद किया हुआ था. सड़क के एक तरफ दो बैरिकेड्स के बीच इतना गैप था कि वहां से बाइक आसानी से निकल सकती थी. दूसरी तरफ डिवाइडर न होने की वजह से भी रास्ता खुला हुआ था. सवाल यह है कि अगर रास्ता बंद था, तो कमल ने उन्हीं रास्तों को क्यों चुना जो असुरक्षित थे?
5. परिचित रास्तों पर 'अनजान' गलती
कमल उस इलाके के रास्तों से अच्छी तरह वाकिफ थे. उन्हें पता था कि यहां जल बोर्ड की खुदाई चल रही है और गड्ढा कितना गहरा है. एक व्यक्ति जिसे खतरे का पहले से आभास हो, वह अपनी बाइक लेकर सीधे मौत के गड्ढे की ओर क्यों जाएगा?
क्या घर के लिए शॉर्टकट रास्ता लेने के चक्कर में गई कमल की जान ?
घटना का दूसरा एंगल भी हो सकता है. रोहिणी से कमल जब घर की तरफ आया तो उस घर जाने का रास्ता बंद था. क्योंकि सड़क पर एक तरफ काम चल रहा है और दूसरी तरफ की सड़क ट्रैफिक के लिए वन वे है. अब हो सकता है कि जिस तरफ की सड़क बंद है. उसके बेरीकेड लगे हैं लेकिन बीच में बाइक निकालने का स्पेस है. उसी स्पेस में से कमल ने बाइक निकाली हो, फिर गड्डे के बगल में जो पतला रास्ता है वहां से निकलने की कोशिश की हो और उसी दौरान गिर गया हो, क्योंकि अगर वो यहां से निकल जाता तो जिस तरफ सड़क बंद है वहां थोड़ा आगे जाकर एक सड़क पर एक कट है वहां से लेफ्ट लेकर शॉर्टकट लेकर अपने घर के लिए निकल सकता था.














