इंडिया गेट प्रदर्शन मामला: कोर्ट ने सभी 6 आरोपियों को पुलिस ने 3 दिनों के लिए रिमांड पर भेजा

दिल्ली पुलिस की तरफ से आज डीसीपी न्यू दिल्ली देवेश कुमार माहला खुद कोर्ट में जिरह करते नजर आए।दरअसल जब इन 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था,तो पुलिस के रिमांड मांगने के बावजूद उन्हें न्यायिक हिरासत यानी जेल भेज दिया गया था.

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नई दिल्ली:

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने इंडिया गेट-कर्तव्य पथ प्रदर्शन मामले में गिरफ्तार 6 आरोपियों को 3 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. इन सभी आरोपियों को बुधवार को ही कोर्ट में पेश किया गया था.दिल्ली पुलिस ने कर्तव्यपथ थाने में दर्ज FIR में सभी 6 आरोपियों की 7 दिन की कस्टडी मांगी थी. दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में कहा कि मोबाइल फोन FSL भेजने, डिजिटल सबूत जुटाने और पूरी साज़िश की जांच के लिए समय चाहिए. दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में कहा कि सभी आरोपियों का ब्रेनवॉश किया गया था,यह पता लगाना ज़रूरी है. पुलिस के अनुसार कुछ आरोपियों ने मान सिंह रोड ब्लॉक किया था और पहले भी विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे हैं।

पुलिस का आरोप कि ये लोग बैन संगठन रेडिकल स्टूडेंट यूनियन और अन्य माओवादी ग्रुप्स से जुड़े हो सकते हैं.दिल्ली पुलिस ने कहा कि इस प्रदर्शन में 10 पुलिसकर्मी जख्मी हुए और तीन आरोपियों से पेपर स्प्रे मिला.पुलिस की इन दलीलों के बाद अदालत ने सभी 6 आरोपियों को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया. इन सभी आरोपियों की जमानत अर्जी पर भी अगली पेशी वाले दिन ही सुनवाई होगी. 

दिल्ली पुलिस की तरफ से आज डीसीपी न्यू दिल्ली देवेश कुमार माहला खुद कोर्ट में जिरह करते नजर आए।दरअसल जब इन 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था,तो पुलिस के रिमांड मांगने के बावजूद उन्हें न्यायिक हिरासत यानी जेल भेज दिया गया था. इस वजह आज नई दिल्ली डीसीपी ने खुद कोर्ट में मौजूद रहकर आरोपियों का पूरा चिट्ठा कोर्ट के सामने रखा.DCP देवेश माहला ने कोर्ट को बताया कि किस तरीके से एक शक्श अक्षय का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर इसे पुलिस की ज्यादती करार दिया गया. जबकि अक्षय के हाथ में पेपर स्प्रे था,अगर उसे नहीं दबोचा जाता तो कई और पुलिसकर्मी जख्मी हो सकते थे. इस ग्रुप की पूरी साजिश पुलिसवालों की आंखों में स्प्रे कर उन्हें जख्मी करने की थी. इससे पहले दस पुलिसकर्मी जख्मी हो चुके थे.

देवेश माहला ने कोर्ट को बताया कि जिस नक्सली ऑर्गेनाइजेशन के सपोर्ट में ये लोग नारे लगा रहे थे,उसे मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स यानी MHA ने टेरर ऑर्गेनाइजेशन करार दिया हुआ है. ये लोग बालिग हैं और ऐसे में इस तरह की नारेबाजी एक सोची समझी साजिश के तहत की गई. जिससे इनके माइंडसेट का अंदाजा लगाया जा सकता है. डीसीपी ने कोर्ट को बताया कि 10 नवंबर को भी इस ग्रुप ने दिल्ली पॉल्यूशन की आड़ में मान सिंह रोड को ब्लॉक करने की कोशिश की थी और पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की थी. जब आरोपियों के वकील ने कोर्ट को कहा कि प्रोटेस्ट करना किसी का भी फंडामेंटल राइट है तो माहला ने कोर्ट को कहा कि फंडामेंटल राइट्स और फंडामेंटल ड्यूटी का फर्क हमे समझना होगा. पुलिस की इन दलीलों के चलते पटियाला हाउस कोर्ट ने सभी 6 आरोपियों को तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया. 

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