टेलीकॉम कंपनियों के वायर चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 1400 किलो वायर बरामद

दक्षिण रेंज क्राइम ब्रांच ने एक बड़े संगठित चोरी के रैकेट का पर्दाफाश करते हुए MTNL, AIRTEL और अन्य टेलीकॉम कंपनियों की अंडरग्राउंड कॉपर केबल चोरी करने वाले गैंग को पकड़ा है.

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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है, जो कि टेलीकॉम कंपनियों के वायर चोरी कर लेते थे जिससे कि कम्युनिकेशन नेटवर्क में रुकावट आती थी. इस ग्रह के पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जिनके पास से 1400 किलो कॉपर वायर बरामद हुआ है. दक्षिण रेंज क्राइम ब्रांच ने एक बड़े संगठित चोरी के रैकेट का पर्दाफाश करते हुए MTNL, AIRTEL और अन्य टेलीकॉम कंपनियों की अंडरग्राउंड कॉपर केबल चोरी करने वाले गैंग को पकड़ा है. इस कार्रवाई में 5 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं और करीब 1400 किलो कॉपर वायर, एक ट्रक और एक JCB मशीन जब्त की गई है. यह गिरोह बीते काफी समय से दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था। आरोपी खुद को सरकारी कॉन्ट्रैक्टर बताकर फर्जी खुदाई करते थे और लाखों रुपये की केबल चोरी कर ले जाते थे.

गिरफ्तार आरोपी:

1. समीर, निवासी गाज़ीपुर, लोनी (उत्तर प्रदेश)


2. अमित, निवासी लोनी, गाज़ियाबाद – ट्रक ड्राइवर


3. आरिफ, निवासी नजफगढ़, दिल्ली – चोरी का माल खरीदने वाला


4. शकील, निवासी लोनी, गाज़ियाबाद


5. अमज़द, निवासी लोनी, गाज़ियाबाद

ये सभी आरोपी पहले भी ऐसे मामलों में शामिल रह चुके हैं और दिल्ली के कई थानों में दर्ज एक दर्जन से ज्यादा केस इनसे जुड़े हुए हैं. 28 जुलाई 2025 की सुबह, क्राइम ब्रांच की टीम सीआर पार्क इलाके में पेट्रोलिंग कर रही थी, तभी टीम ने कुछ लोगों को एक संदिग्ध खुदाई करते हुए देखा. पुलिस को देखकर कुछ लोग मौके से भाग निकले, लेकिन अमित और समीर को मौके से पकड़ लिया गया.

शुरुआत में दोनों ने खुद को MTNL के कॉन्ट्रैक्टर बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब MTNL के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया तो उन्होंने साफ कहा कि उस जगह पर कोई अधिकृत काम नहीं चल रहा था। इसके बाद दोनों ने पूछताछ में तार चोरी की साजिश स्वीकार की. आरोपी ट्रक और JCB मशीन के जरिए खुदाई करते थे. 
खुद को किसी टेलीकॉम कंपनी का कॉन्ट्रैक्टर बताकर सुरक्षा कर्मियों और आम लोगों को भ्रमित करते थे. वारदात ज्यादातर सुबह के समय की जाती थी जब इलाके में सन्नाटा होता था. चोरी किए गए तांबे के तार को कबाड़ी और स्क्रैप डीलरों को बेच दिया जाता था. 2 अगस्त 2025 को पुलिस ने तीन और आरोपियों आरिफ, शकील और अमज़द को गिरफ्तार किया। आरिफ चोरी किए गए तांबे का खरीदार है, जबकि शकील और अमज़द खुदाई और तार खींचने में शामिल थे। आरिफ और शकील पहले भी हरियाणा के भिवानी जिले में इसी तरीके से चोरी के मामले में पकड़े जा चुके हैं. जांच में खुलासा हुआ है कि यह गैंग बीते दो सालों से इस तरह की केबल चोरी कर रहा है और इसका नेटवर्क लोनी, गाज़ियाबाद में सक्रिय है. पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है.

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