मोबाइल चार्जर के एडाप्टरों में चरस, दिल्ली में ड्रग्स तस्करी रैकेट का शातिर तरीका देख पुलिस भी हैरान

दिल्ली पुलिस की तिमारपुर थाना टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है. इस ऑपरेशन में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
मोबाइल चार्जर एडॉप्टर, जिनमें भरा था चरस.
नई दिल्ली:

ड्रग्स तस्करी के गिरोह में शामिल लोग कितने शातिर होते है, इसका एक ताजा उदाहरण राजधानी दिल्ली से सामने आया है. दिल्ली के तिमारपुर इलाके में पुलिस ने ड्रग्स तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने ड्रग्स सिंडिकेट के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से 23 मोबाइल चार्जर एडाप्टर जब्त किए गए. सामने से सामान्य मोबाइल चार्जर एडाप्टर दिखने वाले इन एडाप्टरों में चरस भरा था. जब पुलिस को इस राज की जानकारी मिली तो पुलिस भी हैरान हो गए. 

मोबाइल चार्जर एडाप्टरों में छिपाई गई थी चरस

एडाप्टरों में छुपाई गई 1,112.18 ग्राम चरस बरामद किया गया है, जो कि 23 मोबाइल चार्जर अडैप्टरों में बड़ी चालाकी से छुपाई गई थी. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूरज और दीपक उर्फ बकरा के रूप में हुई है. सूरज की तलाशी में एक पॉलिथीन बैग और बैकपैक से 23 मोबाइल चार्जर अडैप्टर बरामद हुए, जिनमें चरस छिपाई गई थी.

गिरफ्तारी के दौरान एक हुंडई I-10 कार भी बरामद की गई, जो दीपक की है. ड्रग्स की सप्लाई में इस्तेमाल की जा रही थी. दीपक पहले भी मारपीट के एक मामले में शामिल पाया जा चुका है. 

पुलिस को देखते ही भागने लगा था आरोपी

11 अप्रैल 2025 को तिमारपुर थाना के हेड कांस्टेबल अजय, ओमप्रकाश, मुलाराम और कपिल की टीम इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार (SHO तिमारपुर) और एसीपी अनिल कुमार के निर्देशन में गश्त पर थी. शाम करीब 5:35 बजे मजनूं का टीला क्षेत्र में एक संदिग्ध व्यक्ति को देखकर उसे रोका गया, लेकिन वह भागने की कोशिश करने लगा. 

मऊ का रहने वाला है सूरज

पुलिस टीम ने पीछा कर उसे पकड़ा. उसकी पहचान सूरज (निवासी वजीराबाद, दिल्ली; स्थायी पता - मऊ, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई. तलाशी लेने पर उसके पास से 23 मोबाइल चार्जर एडाप्टर मिले, जिनका वजन असामान्य लगने पर जांच की गई और उनमें चरस भरी पाई गई. तुरंत थाना तिमारपुर को सूचना दी गई और एसआई मोहित उज्जवल मौके पर पहुंचे. एनडीपीएस एक्ट के तहत नोटिस देकर 1,112.18 ग्राम चरस को जब्त किया गया.

Advertisement

तिमारपुर इलाके में सप्लाई करनी थी ड्रग

सूरज ने पूछताछ में बताया कि वह दीपक नाम के व्यक्ति के लिए चरस की सप्लाई करता था. इसके बाद दीपक को 13 अप्रैल को वजीराबाद से गिरफ्तार किया गया. दीपक ने बताया कि उसे यह ड्रग्स एक अज्ञात व्यक्ति से मिली थी, जिसे उसने सूरज को तिमारपुर में सप्लाई करने के लिए दी थी.

यमुना नदी से सिक्के निकालता था युवक

सूरज ने बताया कि वह पहले यमुना नदी में धार्मिक चढ़ावे से सिक्के आदि निकालकर जीवन यापन करता था, लेकिन कमाई से असंतुष्ट होकर वह इस अवैध काम में शामिल हुआ. दीपक उसे हर ट्रिप पर ₹1000 देता था. उत्तर दिल्ली पुलिस उपायुक्त पुलिस राजा बंथिया ने उक्त जानकारी दी.

Advertisement
Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | West Bengal Election 2026: बंगाल के वोटर को कौन डरा रहा है? Mamata Banerjee