दिल्ली का सबसे पुराना क्लब खुला आम लोगों के लिए, क्या है रोशन आरा क्लब की खासियत जानें

अंग्रेजों ने रोशनारा क्लब को बनवाया था ब्रिटिश युग का एक सांस्कृतिक और सामाजिक केंद्र था. यह क्लब अपनी विरासत औपनिवेशिक वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है. क्लब में अब विभिन्न मनोरंजक और खेल गतिविधियों की सुविधा है, जिसमें खेल के मैदान, जिम, पुस्तकालय और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए स्थान शामिल हैं.

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  • दिल्ली के सबसे पुराने रोशन आरा क्लब को नवीनीकरण के बाद आम जनता के लिए फिर से खोल दिया गया है
  • क्लब का उद्घाटन उपराज्यपाल वीके सक्सेना, सांसद प्रवीण खंडेलवाल और अन्य नेताओं ने किया है
  • रोशन आरा क्लब ब्रिटिश युग का सांस्कृतिक और सामाजिक केंद्र था, जिसमें औपनिवेशिक वास्तुकला है
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नई दिल्ली:

दिल्ली के सबसे पुराने क्लब में से एक रोशन आरा क्लब को आम जनता के लिए खोल दिया गया है. रविवार को उपराज्यपाल वीके सक्सेना, सांसद प्रवीण खंडेलवाल और विधायक अशोक गोयल और सूर्य प्रकाश खत्री के साथ डीडीए के रोशनारा क्लब को रेनोवेशन के बाद जनता के लिए खोल दिया गया है. इस मौके पर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा कि यह सदी से अधिक पुराना क्लब, अपने विरासत औपनिवेशिक आकर्षण, पुरातन वास्तुकला और खेल गतिविधियों के साथ ये क्लब अब दिल्ली के लोगों के लिए फिर से खुल गया है.

रोशनारा क्लब का इतिहास क्या है 

अंग्रेजों ने रोशनारा क्लब को बनवाया था ब्रिटिश युग का एक सांस्कृतिक और सामाजिक केंद्र था. यह क्लब अपनी विरासत औपनिवेशिक वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है. क्लब में अब विभिन्न मनोरंजक और खेल गतिविधियों की सुविधा है, जिसमें खेल के मैदान, जिम, पुस्तकालय और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए स्थान शामिल हैं. क्लब का नवीनीकरण इस तरह से किया गया है कि इसकी ऐतिहासिक विरासत और सौंदर्य को बनाए रखा जा सके. ये क्लब अब दिल्ली के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और सामाजिक केंद्र के रूप में कार्य करेगा.

कौन थी रोशनआरा जिसके नाम पर पड़ा क्लब 

रोशन आरा क्लब का इतिहास बहुत पुराना है और यह दिल्ली के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित क्लबों में से एक है. रोशन आरा बेगम मुगल बादशाह शाहजहां की बेटी थी उसका जन्म 1617 में हुआ था और वह मुगल बादशाह शाहजहां और उनकी पत्नी मुमताज महल की तीसरी बेटी थीं.

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