दिल्ली यूनिवर्सिटी में UGC कानून पर बवाल, महिला यूट्यूबर से हाथापाई, छात्रों का आधी रात तक हंगामा

दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में यूजीसी कानून को लेकर महिला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की का मामला सामने आया.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • DU के नॉर्थ कैंपस में यूजीसी कानून को लेकर प्रदर्शन के दौरान महिला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से कथित बदसलूकी हुई
  • महिला ने सवाल पूछने पर उसे घेर कर नाम और जाति पूछी गई तथा उसके साथ हाथापाई की गई थी
  • बदसलूकी के बाद छात्रों का एक समूह महिला के समर्थन में आया और पुलिस स्टेशन के बाहर नारेबाजी की
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्‍ली:

दिल्ली में देश के सबसे प्रतिष्ठित दिल्‍ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस में शुक्रवार को जमकर बवाल हुआ. नॉर्थ कैंपस में यूजीसी (UGC) कानून को लेकर प्रदर्शन के दौरान एक महिला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के साथ कथित बदसलूकी और धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है. आरोप है कि सवाल पूछने पर उसे घेर लिया गया, उसका नाम और जाति पूछी गई और उसके साथ हाथापाई की गई. 

महिला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के साथ हुई बदसलूकी के बाद कुछ छात्रों का ग्रुप उनके समर्थन में आ गया. मामले के बाद मॉरिस नगर पुलिस स्‍टेशन के बाहर छात्रों का जमावड़ा लग गया और देर रात तक नारेबाजी होती रही. ये छात्र उन छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे, जिन्‍होंने महिला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के साथ कथित बदसलूकी की थी.   

यूजीसी कानून को लेकर विवाद

एक युवा यूट्यूबर इन्फ्लुएंसर छात्रों की भीड़ के बीच घिरी हुई थी. उसने यूजीसी कानून को लेकर सवाल पूछे और इसी दौरान माहौल अचानक गरमा गया. आरोप है कि UGC समर्थकों ने उसके नाम के टाइटल को लेकर आपत्ति जताई, उससे जाति पूछी गई और फिर धक्का मुक्की, खींचातानी और बदसलूकी की गई. इस घटना से जुड़ी कुछ तस्‍वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें युवती भीड़ के बीच फंसी दिखाई दे रही है. कुछ लोग उसे घेरते हुए नजर आते हैं और पत्रकारों को भी वहां से हटाने की कोशिश की जाती है. मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह युवती को बाहर निकाला. 

सवाल पूछने पर विवाद

दोपहर में UGC के नए एक्ट के समर्थन में रैली निकाली गई थी. छात्र UGC कानून लागू करने की मांग कर रहे थे, जबकि इस कानून पर 19 तारीख को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है. इसी दौरान यह विवाद खड़ा हो गया. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बताया, 'दिल्ली विश्वविद्यालय में आज जो घटना हुई है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, जो लोग महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं, उनका असली चेहरा सामने आ गया है. एक महिला फ्रीलांसर पत्रकार से सवाल पूछने पर उसकी जाति पूछी गई और बदसलूकी की गई.'

Advertisement

वहीं, युवती ने अपने ऊपर हुए हमले की शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने का रुख किया. रात होते होते थाने के बाहर बड़ी संख्या में छात्र इकट्ठा हो गए. नारेबाजी हुई और न्याय की मांग तेज होती गई. इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब विश्वविद्यालय परिसर भी विचारधाराओं की लड़ाई का अखाड़ा बनते जा रहे हैं?

ये भी पढ़ें :- UGC नए नियम : 'सामान्य वर्ग के साथ भेदभाव...' वाली याचिका पर केंद्र-यूजीसी को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

Advertisement

बता दें कि UGC कानून पर देश की सर्वोच्च अदालत में सुनवाई बाकी है, लेकिन उससे पहले ही कैंपस की राजनीति सड़कों पर उतर आई है. आने वाले दिनों में विरोधी और समर्थक छात्र संगठनों के बीच टकराव और बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. फिलहाल सवाल यही है, क्या सवाल पूछना अब खतरे से खाली?

ये भी पढ़ें :- यूजीसी नियम के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन अपराध नहीं.., चंद्रशेखर आजाद ने यूपी सरकार पर साधा निशाना

Featured Video Of The Day
Goa का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में बीच, पार्टी आ जाती है, लेकिन असली गोवा कुछ और है!
Topics mentioned in this article