दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को नंदू गैंग के मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है. टीम ने गैंग के सक्रिय सदस्य मनोज राठी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ का रहने वाला है और उस पर नजफगढ़ थाने में दर्ज एक सनसनीखेज हत्या के साथ आर्म्स एक्ट के दो गंभीर केस दर्ज हैं. मनोज लंबे समय से फरार था और अदालत ने इसे अपराधी घोषित क्या हुआ था.
IGI एयरपोर्ट पर दबोचा गया आरोपी
स्पेशल सेल के अनुसार आरोपी फरवरी 2024 में देश छोड़कर फरार हो गया था.इसके बाद उसके खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट जारी कराया गया और लुकआउट सर्कुलर भी खोला गया. 9 जनवरी 2026 को जैसे ही वह विदेश से दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पहुंचा, LOC के आधार पर उसे इंटरसेप्ट कर गिरफ्तार कर लिया गया.
ऐसे हुआ था मामले का खुलासा
इस पूरे मामले की शुरुआत 4 फरवरी 2024 को हुई, जब स्पेशल सेल ने मध्य प्रदेश के दो हथियार सप्लायरों अंकित मिश्रा और जितेंद्र राजपूत को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 12 अवैध पिस्टल बरामद की थीं. पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया था कि ये हथियार मनोज राठी और उसके साथियों को सप्लाई किए जाने थे.
आर्म्स एक्ट और मर्डर में घोषित आरोपी
जांच में सामने आया है कि मनोज राठी नजफगढ़ थाने के एक मर्डर केस में भी वांछित है. इसके अलावा वह बाबा हरिदास नगर थाने के आर्म्स एक्ट केस में घोषित अपराधी है. नजफगढ़ हत्या केस में उसके खिलाफ धारा 82 CrPC की कार्रवाई भी चल रही थी. पुलिस के अनुसार मनोज साल 2019 में गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू के संपर्क में आया और उसके बाद उसने गैंग के लिए आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देना शुरू किया. साल 2021 में नजफगढ़ इलाके में एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या भी नंदू के निर्देश पर की गई थी.
जमानत के बाद हथियार नेटवर्क खड़ा किया
हत्या के मामले में करीब तीन साल जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आने पर आरोपी ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से अवैध हथियार मंगाने का नेटवर्क तैयार किया. हथियार सप्लायरों की गिरफ्तारी के बाद वह देश से फरार हो गया और करीब दो साल तक विदेश में रहकर भी नंदू गैंग के लिए काम करता रहा.
फिलहाल स्पेशल सेल आरोपी से पूछताछ कर रही है. पुलिस नंदू गैंग से जुड़े आगे-पीछे के लिंक, हथियार सप्लाई चैन और विदेश में बैठे नेटवर्क की भूमिका की गहन जांच कर रही है.














