साहिल को टक्कर मारते वक्त 50-60 KM की स्पीड पर थी स्कॉर्पियो, पुलिस ने बताया हादसे के वक्त क्या हुआ था

दिल्ली के द्वारका में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की टक्कर से साहिल धनेश्रा की मौत के मामले में पुलिस ने कई खुलासे किए हैं. पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के वक्त स्कॉर्पियो की रफ्तार ज्यादा नहीं थी.

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नई दिल्ली:

राजधानी दिल्ली के द्वारका में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो से 23 साल के साहिल धनेश्रा की मौत का मामला बढ़ता ही जा रहा है. जिस स्कॉर्पियो की टक्कर से साहिल की मौत हुई थी, उसे एक नाबालिग चला रहा था. अब पुलिस ने इस मामले में बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने बताया कि स्कॉर्पियो की रफ्तार बहुत ज्यादा नहीं थी. पुलिस का कहना है कि साहिल ने बस को ओवरटेक किया और सीधा स्कॉर्पियो से टकरा गया.

दरअसल, दिल्ली के द्वारका में 3 फरवरी को सुबह 11:57 बजे तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक सवार साहिल को टक्कर मार दी थी. इस दुर्घटना में साहिल की मौके पर ही मौत हो गई थी. इस स्कॉर्पियो को एक नाबालिग चला रहा था. उस वक्त उसके साथ कार में उसकी बहन भी थी. दोनों रील बनाने के लिए घर से निकले थे. साहिल को टक्कर मारने के बाद स्कॉर्पियो एक कैब से भी टकराई थी. 

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घटना के वक्त क्या हुआ?

अब तक माना जा रहा था कि स्कॉर्पियो तेज रफ्तार में थी, इसलिए अनियंत्रित होकर साहिल से टकरा गई. लेकिन अब पुलिस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि घटना के वक्त स्कॉर्पियो की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा थी. पुलिस ने बताया कि रोड के बीच में डिवाइडर नहीं था और दोनों तरफ गाड़ियां थीं, इसलिए गाड़ी की स्पीड बहुत ज्यादा नहीं थी.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि स्कॉर्पियो के सामने से बस आ रही थी. बस के पीछे साहिल था. उसने जैसे ही बस को ओवरटेक किया, वो सीधा स्कॉर्पियो के नीचे आ गया. अचानक बाइक के नीचे आते ही स्कॉर्पियो ड्राइवर हड़बड़ा गया और उसने आगे एक टैक्सी को भी टक्कर मार दी. टैक्सी के टक्कर से स्कॉर्पियो के एयरबैग भी खुल गए. पुलिस ने बताया कि बाकी जांच चल रही है और एक्सीडेंट की डिटेल रिपोर्ट तैयारी की जा रही है.

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आरोपी को लेकर पुलिस ने क्या बताया?

आरोपी ने पहले अपनी उम्र 19 साल बताई थी. लेकिन बाद में उसके बर्थ सर्टिफिकेट से साफ हो गया कि वह नाबालिग है. पुलिस ने बताया कि नाबालिग को पकड़ा गया था और अब पिता का नाम चार्जशीट में आरोपी के तौर पर होगा.

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पुलिस ने कहा कि नाबालिग को हम थाने से भी बेल दे सकते थे लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए हमने उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया. बोर्ड ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे बाल सुधार गृह में भेज दिया. 

पुलिस ने बताया कि बोर्ड एग्जाम के कारण उसे छोड़ा गया है. 5 मार्च को उसके एग्जाम खत्म होंगे और 7 मार्च को वह बाल सुधार गृह में सरेंडर करेगा. पुलिस के मुताबिक, पुणे पोर्श कांड में नाबालिग ने जो एक्सीडेंट किया था, उस मामले में उसके परिवार वालों को इसलिए गिरफ्तार किया गया था, क्योंकि उन पर सबूत मिटाने की आरोप थे.

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