दिल्ली सरकार के एक विभाग में कमिश्नर की उपस्थिति में एक अनूठी लॉटरी निकाली गई. इस प्रक्रिया में शामिल होने वाले भी वही 87 अधिकारी थे, जिन्हें दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में नियुक्त किया जाना था. संभवतः यह पहली बार है जब दिल्ली सरकार के स्टेट जीएसटी (SGST) विभाग में लॉटरी सिस्टम के माध्यम से 87 अधिकारियों का तबादला और पदस्थापन (Posting) किया गया है.
यह पूरी प्रक्रिया करीब दो घंटे तक चली. इसका मुख्य उद्देश्य दिल्ली में SGST अधिकारियों की नियुक्तियों को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना था. मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि नियुक्ति की पारदर्शी प्रक्रिया के तहत ही अधिकारियों के कार्यक्षेत्र का निर्धारण लॉटरी के माध्यम से किया गया है.
जीएसटी कार्यालय पर मुख्यमंत्री का औचक निरीक्षण
इस बड़े प्रशासनिक बदलाव की नींव 8 अप्रैल को पड़ी थी, जब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली के आईटीओ (ITO) स्थित स्टेट जीएसटी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था. उस दौरान कई अधिकारी अपनी ड्यूटी से नदारद मिले थे, साथ ही कामकाज में देरी और अनुशासन की कमी जैसी गंभीर खामियां उजागर हुई थीं.
निरीक्षण के तत्काल बाद मुख्यमंत्री ने अनुपस्थित अधिकारियों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी करने और बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करने के सख्त निर्देश दिए थे. इसी कड़े रुख का परिणाम रहा कि 23 अप्रैल को विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया, जिसके अंतर्गत लगभग 162 अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला किया गया.
मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण: भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस
आकाशवाणी समाचार सेवा के अनुसार, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के लिए लगातार ठोस व नवाचार-आधारित कदम उठा रही है. इसी दिशा में व्यापार एवं कर विभाग ने पहली बार नवनियुक्त जीएसटी अधिकारियों और निरीक्षकों को उनकी पोस्टिंग लॉटरी सिस्टम के जरिए आवंटित की है. मुख्यमंत्री ने इसे एक ऐतिहासिक और अहम कदम बताया.
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ये सभी अधिकारी 23 अप्रैल के सर्विस ऑर्डर के तहत विभाग में स्थानांतरित होकर आए थे. कुल 87 जीएसटी अधिकारियों और निरीक्षकों को इस प्रक्रिया के तहत विभिन्न वार्डों में तैनात किया गया है.
स्वयं अधिकारियों ने निकाली अपनी पर्ची
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि पोस्टिंग प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए विशेष रूप से लॉटरी प्रणाली अपनाई गई, जिसमें प्रत्येक अधिकारी ने स्वयं अपने हाथों से अपनी पोस्टिंग की पर्ची निकाली. उन्होंने जोर देकर कहा कि दिल्ली सरकार भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस' की नीति पर अडिग है और यह पहल उसी दिशा में एक सशक्त कदम है. मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में अन्य विभागों में भी सुशासन को मजबूत करने के लिए ऐसी ही पारदर्शी और तकनीक-आधारित प्रक्रियाओं को लागू करने पर विचार किया जा रहा है.
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