दिल्ली साइबर पुलिस को बड़ी सफलता, फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़

कार्यवाई के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं, जिसमें 11 मोबाइल फोन, 8 लैपटॉप (जिनसे लाइव विदेशी ग्राहक जुड़े  थे), 03 और लैपटॉप (जिनमें आपराधिक डेटा था), 15 हेडसेट और 2 वाई-फाई राउटर शामिल हैं. 

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दिल्ली पुलिस की साइबर टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है. जिला पुलिस ने छतरपुर के सतबाड़ी इलाके में चल रहे एक ग़ैर-कानूनी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है. यह कॉल सेंटर विदेशी नागरिकों को टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर ठग रहा था. दिल्ली पुलिस ने मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और लैपटॉप - फोन समेत कई सामान जब्त भी किए हैं. 

कैसे होती थी ठगी? 

डीसीपी साउथ ने बताया कि आरोपी लोगों के कंप्यूटर पर फर्जी पॉप-अप भेजते थे, जिसमें लिखा होता था कि सिस्टम में वायरस है. जिसके बाद डरकर लोग उनके दिए टोल-फ्री नंबर पर कॉल करते थे. आरोपी खुद को Microsoft के टेक्निकल एक्सपर्ट बताते थे. AnyDesk / TeamViewer जैसे ऐप से पीड़ितों के कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस ले लेते थे. फिर उनसे गिफ्ट कार्ड (Amazon, Apple, Sephora आदि) के जरिए पैसे ऐंठते थे. कॉल करने के लिए VOIP सर्विस, IBeam, X-Lite जैसे डायलर ऐप इस्तेमाल किए जाते थे.

डीसीपी साउथ के मुताबिक  महरौली थाने की टीम को जानकारी मिली कि बड़ी मस्जिद, गली नंबर 3, सतबाड़ी की एक बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर संदिग्ध तरीके से कॉल सेंटर चल रहा है. जानकारी मिलने पर दिल्ली पुलिस की टीम ने छापा मारा. पुलिस को मौके पर एक एक्टिव कॉल सेंटर मिला, जहां से विदेशों में कॉल कर लोगों को ठगा जा रहा था. साइबर फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया.

डीसीपी के मुताबिक इस फर्जी कॉल सेंटर से कुल 8 लोग पकड़े गए हैं. जिसमें  मोहित जुनेजा (मुख्य संचालक), सार्थक शर्मा, हितेश, रेहान, प्रणव, अभिषेक, मानव तनेजा और एक महिला आरोपी भी शामिल है. डीसीपी ने बताया कि इनमें से 7 आरोपियों को अदालत ने 2 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है.

कार्यवाई में क्या मिला?

इस कार्यवाई के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं, जिसमें 11 मोबाइल फोन, 8 लैपटॉप (जिनसे लाइव विदेशी ग्राहक जुड़े  थे), 03 और लैपटॉप (जिनमें आपराधिक डेटा था), 15 हेडसेट और 2 वाई-फाई राउटर शामिल हैं. 

फिलहाल दिल्ली पुलिस ने मामले में महरौली थाना में FIR नंबर 716/25 दर्ज की है. इसमें  318(4)/319(2)/61(2)/3(5) BNS और आईटी एक्ट की धारा 66C/66D लगाई गयी हैं. आगे की जांच के लिए दिल्ली पुलिस ने जब्त लैपटॉप और मोबाइल से डेटा सुरक्षित कर लिया है. पैसे किस-किस अकाउंट में गए, इसकी जांच जारी है. ये भी देखा जा रहा है कि इनके पीछे कोई बड़ा साइबर गैंग तो शामिल नहीं है.

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