- दिल्ली पुलिस ने दो बांग्लादेशी महिलाओं को बिना वैध दस्तावेज के भारत में रहने के आरोप में गिरफ्तार किया.
- दोनों महिलाएं पहचान छुपाकर घरेलू कामकाज कर रही थीं, जिनमें से एक ग्रेजुएट और दूसरी अनपढ़ है.
- पुलिस ने जांच में पाया कि महिलाओं के पास प्रतिबंधित IMO ऐप और बांग्लादेश के पहचान पत्र मौजूद थे.
दिल्ली पुलिस ने राजधानी में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नॉर्थ-वेस्ट जिले के शालीमार बाग इलाके से दो बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है. दोनों महिलाएं लंबे समय से पहचान छुपाकर घरेलू कामकाज (मेड) के रूप में काम कर रही थीं.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 1 अप्रैल 2026 को फॉरेनर्स सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ बांग्लादेशी महिलाएं चोरी-छिपे शालीमार बाग इलाके में घरेलू काम करने के लिए आ रही हैं. इस इनपुट के आधार पर एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने इलाके में निगरानी और वेरिफिकेशन अभियान शुरू किया.
पुलिस ने रोका तो बहाने बनाने लगीं दो महिलाएं
इसी दौरान सुबह के समय दो संदिग्ध महिलाओं को हैदरपुर की ओर जाते हुए रोका गया. प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने खुद को भारतीय नागरिक बताते हुए आसपास के घरों में काम करने की बात कही. हालांकि, पूछताछ के दौरान उनके जवाबों में विरोधाभास पाए जाने पर पुलिस को शक हुआ.
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कागज चेक किए तो हुआ खुलासा
इसके बाद गहन जांच, दस्तावेजों की पड़ताल और डिजिटल फुटप्रिंट की जांच की गई, जिसमें सामने आया कि दोनों महिलाएं बांग्लादेश की नागरिक हैं और बिना किसी वैध दस्तावेज के भारत में रह रही थीं.
पहचान छिपाकर दिल्ली में काम कर रही थी महिलाएं
पूछताछ के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि गिरफ्तार महिलाओं में से एक ग्रेजुएट है और बेहतर कमाई के उद्देश्य से दिल्ली आई थी, जबकि दूसरी महिला अनपढ़ है. दोनों ही लंबे समय से मेड के रूप में काम कर रही थीं और अपनी असली पहचान छुपाकर रह रही थीं.
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फोन में मिले बैन्ड Apps
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो स्मार्टफोन बरामद किए हैं, जिनमें प्रतिबंधित IMO ऐप इंस्टॉल मिला है. इसके अलावा मोबाइल फोन की गैलरी से बांग्लादेश के पहचान पत्र भी बरामद हुए हैं, जिससे उनकी नागरिकता की पुष्टि हुई. गिरफ्तार महिलाओं की पहचान अफरोजा खातून (47 वर्ष) और लुकी बेगम (36 वर्ष) के रूप में हुई है. दोनों बांग्लादेश के अलग-अलग जिलों की रहने वाली हैं.
दिल्ली पुलिस ने दोनों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है. उन्हें FRRO (फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस) के समक्ष पेश किया गया है और डिपोर्टेशन यानी बांग्लादेश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके.














