Murder in Outer North Delhi16-Year-Old Boy Stabbed to Death by Group: दिल्ली के आउटर नॉर्थ जिले में हमलावरों ने परिवार के इकलौते 16 साल के बेटे की चाकू से गोदकर हत्या कर दी. नाबालिग की हत्या इतनी बेहरमी से की गई कि सड़क पर खून ही खून फैला था. भलस्वा डेरी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है, वारदात के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, घर में मातम है. मां का आरोप- पहले भी थाने में दी शिकायत थी, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया.
दरअसल, दिल्ली का आउटर नॉर्थ जिला एक बार फिर खून से लाल हो गया है. भलस्वा थाना इलाके में बेखौफ बदमाशों ने एक 16 वर्षीय नाबालिग की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी. मृतक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था. इस वारदात ने न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है. सड़क पर बिखरा खून और बिलखता परिवार उस सिस्टम की गवाही दे रहा है, जहां एक मां की गुहार अनसुनी कर दी गई. वारदात भलस्वा इलाके की है, जहां हमलावरों ने एक 16 साल के मासूम को मौत के घाट उतार दिया. चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावरों ने नाबालिग पर चाकू से कई वार किए, जिससे मौके पर ही चारों तरफ खून फैल गया और उसकी मौत हो गई.
पुलिस कर रही आरोपियों की पहचान का प्रयास
इधर, घटना की सूचना मिलते ही भलस्वा थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची. टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने और अन्य अहम साक्ष्य जुटाए हैं. फिलहाल, पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके.
Murder in Outer North Delhi: इकलौटे बेटे की मौत पर बुलखती मां.
बिलखती मां का दर्द... उसी के शब्दों में
मृतक की मां ने रोते कहा- 'पहले भी धमकी दी थी सर, जान से मारने की. मैंने एप्लीकेशन दे रखी थी थाने में, मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई. कोई सुनवाई नहीं थी, एप्लीकेशन अभी तक भी थाने में पड़ी होगी, मेरे पास भी पड़ी है. कोई सुनवाई नहीं थी सर. पुलिस कुछ करती तो मेरे घर का चिराग नहीं बुझता. मेरे बच्चे को दो-चार लोग मारे भी थे पहले. गुंडे चार-पांच दिन उसे मारने के लिए तलाश रहे थे. 'टमाटर' नाम और 'लाल्सा' ने धमकी दी थी कि तेरे बेटे को जान से मरवा देंगे. इनमें एक 'मामा' भी है. मेरा बच्चा 16 साल का था, थोड़ा मुँह का जोर था, सच बोल देता था. दोस्तों के साथ घूम-फिर लेता था, वह कुछ नहीं करता था'. मशीन सही कराने के लिए किसी से हजार रुपये उधार लेकर दिए थे मुझे, कहा था शाम को हजार और दे दूंगा, मशीन सही करा लेना. इतना बोलकर गया था, उसके बाद मेरे पास न कोई फोन आया न कोई खबर आई'.
(रिपोर्ट अनिल कुमार अत्री)














