गाजियाबाद में एक बार फिर नवविवाहिता की संदिग्ध मौत ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है. शादी को छह महीने भी पूरे नहीं हुए थे कि महिला का शव घर के अंदर रेलिंग से लटका मिला. परिवार इस मौत को आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित दहेज हत्या बता रहा है. मामले ने इलाके में सनसनी फैला दी है और पुलिस जांच में जुट गई है.
छह महीने पहले हुई थी शादी
नीतू की शादी 10 दिसंबर 2025 को गाजियाबाद के नंदग्राम थाना क्षेत्र के रहने वाले सुमित कुमार से हुई थी. नीतू के पिता देवेंद्र का कहना है कि उन्होंने अपनी हैसियत से बढ़कर बेटी की शादी की थी. शादी में नकदी, घरेलू सामान और सोने-चांदी के आभूषण भी दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष की मांगें खत्म नहीं हुईं.
दहेज के लिए करते थे परेशान
परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही नीतू को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था. पति सुमित, जेठ अमित, ससुर फेरू सिंह, सास अनीता समेत परिवार के कई सदस्य उस पर अतिरिक्त दहेज लाने का दबाव बना रहे थे. इस वजह से नीतू मानसिक तनाव में रहती थी. 6 जून 2026 को नीतू का शव ससुराल के घर की तीसरी मंजिल पर जीने की रेलिंग से लटका मिला.
हत्या कर आत्महत्या का रूप देने का आरोप
मृतका के परिजनों का कहना है कि नीतू ने खुदकुशी नहीं की, बल्कि उसकी हत्या की गई है. आरोप है कि पहले गला दबाकर उसकी जान ली गई और बाद में सबूत छिपाने के लिए शव को साड़ी के फंदे से लटका दिया गया, ताकि मामला आत्महत्या लगे.
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद ससुराल वालों ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी. नीतू की मौत की खबर उन्हें किसी अन्य व्यक्ति के जरिए मिली. यह भी कहा जा रहा है कि नीतू का मोबाइल फोन आरोपियों ने अपने पास रख लिया था, जिससे कई अहम सुराग छिपाए जा सकते हैं.
नौ लोगों के खिलाफ तहरीर
मृतका के पिता ने थाना नंदग्राम में तहरीर देकर पति समेत नौ लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है. परिवार का कहना है कि आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि उनकी बेटी को न्याय मिल सके. मामले में नंदग्राम पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सच सामने आएगा.