Delhi Traffic Police Action: दिल्ली में फर्जी ‘नो एंट्री परमिशन’ रैकेट का पर्दाफाश, एक आरोपी गिरफ्तार

Delhi traffic Police action: ट्रैफिक पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ कमर्शियल वाहन चालक प्रतिबंधित समय में आवाजाही के लिए फर्जी नो एंट्री परमिशन का इस्तेमाल कर रहे हैं. इस इनपुट के आधार पर पूर्वी रेंज के नंद नगरी सर्किल में विशेष निगरानी और सख्त प्रवर्तन अभियान चलाया गया.

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Delhi Traffic Police: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कमर्शियल वाहनों के लिए फर्जी ‘नो एंट्री परमिशन' (NEP) बनाने और इस्तेमाल करने वाले एक संगठित रैकेट का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में एक वाहन चालक को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक लाइट गुड्स व्हीकल (LGV) को जब्त कर लिया गया है. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है.

ट्रैफिक पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ कमर्शियल वाहन चालक प्रतिबंधित समय में आवाजाही के लिए फर्जी नो एंट्री परमिशन का इस्तेमाल कर रहे हैं. इस इनपुट के आधार पर पूर्वी रेंज के नंद नगरी सर्किल में विशेष निगरानी और सख्त प्रवर्तन अभियान चलाया गया.

 प्रतिबंधित समय में वाहन पकड़ा गया

27 मार्च 2026 की शाम करीब 6 बजे ट्रैफिक स्टाफ को वजीराबाद रोड स्थित लोनी गोल चक्कर के पास तैनात किया गया था. इसी दौरान एक टाटा ऐस वाहन संदिग्ध रूप से आता दिखाई दिया, जो प्रतिबंधित समय में खजूरी खास की ओर जा रहा था. इस रूट पर शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक कमर्शियल वाहनों की आवाजाही पर रोक रहती है, जब तक कि वैध अनुमति न हो.

जांच में सामने आया फर्जी परमिशन का खेल

वाहन की जांच के दौरान ड्राइवर ने विंड स्क्रीन पर ‘नो एंट्री परमिशन' चिपका रखी थी. जब ट्रैफिक पुलिस ने चालान सिस्टम के जरिए इसकी जांच की, तो पता चला कि संबंधित वाहन के लिए कोई वैध अनुमति जारी ही नहीं हुई थी. इससे स्पष्ट हो गया कि चालक फर्जी दस्तावेज का उपयोग कर रहा था.

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आरोपी की पहचान और कबूलनामा

पुलिस ने आरोपी चालक को हिरासत में लेकर वाहन सहित गोपालपुरी थाने के हवाले कर दिया. जांच में उसकी पहचान मोहम्मद सलीम (45 वर्ष), निवासी सुंदर नगरी, दिल्ली के रूप में हुई. पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने कभी वैध परमिशन के लिए आवेदन नहीं किया. उसने बताया कि एक परिचित के जरिए उसकी मुलाकात एक अज्ञात व्यक्ति से कराई गई, जिसने जाली नो एंट्री परमिशन उपलब्ध कराई थी.

कई धाराओं में मामला दर्ज, जांच जारी

इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3) और 340(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों, विशेष रूप से कथित सहयोगी नाजिम की तलाश कर रही है. जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क का खुलासा करने और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में जुटी हैं.

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दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने साफ किया है कि नियमों के उल्लंघन और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. पुलिस उपायुक्त (पूर्वी रेंज, ट्रैफिक) के. रमेश ने कहा कि सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियानों को लगातार जारी रखा जाएगा.

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