AI से अश्लील तस्वीरें बनाकर लड़कियों को ब्लैकमेल करता था शातिर, दिल्ली पुलिस ने दबोचा

आरोपी नौकरी दिलाने दिलाने के नाम पर युवतियों से संपर्क करता था और फिर उनसे रिज्यूमे मंगवाता. वहीं वीडियो वेरिफिकेशन कॉल के दौरान लिए गए स्क्रीनशॉट्स को AI टूल्स की मदद से अश्लील तस्वीरों में बदलता था.

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साइबर थाना नॉर्थ ने आरोपी को किया गिरफ्तार

दिल्ली में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शातिर युवक सोशल मीडिया के जरिए युवतियों को अपने जाल में फंसाकर उनकी तस्वीरों को AI तकनीक की मदद से मॉर्फ कर ब्लैकमेल करता था. नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की साइबर थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और वाई-फाई राउटर बरामद किया है.

आरोपी ने 30 हजार रुपये की मांग की

पुलिस के मुताबिक, मलका गंज इलाके में रहने वाली 19 साल की युवती ने NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी कि एक अज्ञात व्यक्ति उसे सोशल मीडिया पर ब्लैकमेल कर रहा है. शिकायत में बताया गया कि आरोपी ने व्हाट्सऐप पर संपर्क कर उसकी मॉर्फ की गई तस्वीर भेजी और फिर स्नैपचैट पर बातचीत करने के लिए कहा. आरोपी ने तस्वीर हटाने के बदले 30 हजार रुपये की मांग की. परिवार ने डर और दबाव में आकर QR कोड के जरिए आरोपी को पैसे ट्रांसफर कर दिए.

दूसरी लड़कियों से बात कराने का बनाया दबाव

मामला यहीं नहीं रुका. फरवरी 2026 में आरोपी ने दोबारा युवती से संपर्क किया और फिर से पैसों की मांग शुरू कर दी. बातचीत के बाद पीड़िता ने 10 हजार रुपये और भेजे, लेकिन आरोपी लगातार अधिक रकम मांगता रहा.  इतना ही नहीं, उसने युवती पर दूसरी लड़कियों के मोबाइल नंबर और संपर्क विवरण देने का भी दबाव बनाया. जब युवती ने ऐसा करने से इनकार कर दिया तो आरोपी ने उसे लगातार धमकाना शुरू कर दिया. परेशान होकर पीड़िता ने पुलिस से मदद मांगी.

आरोपी गिरफ्तार

शिकायत के आधार पर साइबर थाना नॉर्थ में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. इसके बाद SHO रोहित गहलोत के नेतृत्व में और ACP ऑपरेशन विशेष दत्तरवाल की निगरानी में एक विशेष टीम का गठन किया गया. तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले. लगातार ट्रैकिंग के बाद 4 जून 2026 को आरोपी को भलस्वा डेयरी इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया.

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निजी फाइनेंस कंपनी में काम करता है आरोपी

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह एक निजी फाइनेंस कंपनी में काम करता है और अतिरिक्त कमाई के लिए साइबर उगाही का धंधा करता था. वह सोशल मीडिया पर खुद को नौकरी दिलाने वाला व्यक्ति बताकर युवतियों से संपर्क करता था. भरोसा जीतने के बाद उनसे रिज्यूमे मंगवाता और वीडियो वेरिफिकेशन कॉल करने के लिए कहता था. कॉल के दौरान लिए गए स्क्रीनशॉट्स को AI टूल्स की मदद से अश्लील तस्वीरों में बदल देता था. इसके बाद उन्हीं तस्वीरों के आधार पर युवतियों को ब्लैकमेल कर पैसे वसूलता था.

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी इसी तरह के मामलों में गिरफ्तार हो चुका है. उसके खिलाफ 2022 और 2023 में भी यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और उगाही से जुड़े मामले दर्ज हुए थे. इसके बावजूद वह लगातार इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था. गिरफ्तार आरोपी की पहचान 30 साल के सौरव के रूप में हुई है, जो भलस्वा डेयरी इलाके का रहने वाला है. वह स्कूल ड्रॉपआउट है और फिलहाल एक निजी फाइनेंस कंपनी में नौकरी करता था. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने अब तक कितनी युवतियों को अपना शिकार बनाया और इस नेटवर्क में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं.

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पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड और अपराध में इस्तेमाल किया गया वाई-फाई राउटर बरामद किया है. मामले की आगे की जांच जारी है.

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