यूपी में यौन उत्पीड़न का विरोध करने पर लड़की को ट्रेन के आगे फेंका, एक हाथ और दोनों पैर कटे

मामले के संबंध में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया और लापरवाही के लिए तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है

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प्रतीकात्मक तस्वीर
बरेली:

यौन उत्पीड़न का विरोध करने पर एक युवक ने 17  साल की एक लड़की को ट्रेन के आगे फेंक दिया, जिससे उसका एक हाथ और दोनों पैर कट गए. पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी. डॉक्टरों का कहना है कि उसकी हालत गंभीर है. 

यूपी पुलिस ने कहा है कि मंगलवार को बरेली शहर के सीबी गंज इलाके में हुई इस घटना में लड़की को कई फ्रैक्चर हुए.जिलाधिकारी ने कहा कि मामले के संबंध में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया और लापरवाही के लिए तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.

लड़की के पिता के मुताबिक, उनकी बेटी मंगलवार को शाम को करीब 4.30 बजे अपने कोचिंग सेंटर से लौट रही थी, तभी उसके गांव के विजय मौर्य ने उसे रोक लिया. उसने अश्लील बातें कीं और उसे परेशान किया.पिता ने अपनी शिकायत में कहा है कि मौर्य को एक अन्य युवक ने उनकी बेटी का पीछा करते हुए देखा था.

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उनकी शिकायत के आधार पर आरोपी मौर्य के खिलाफ धारा 307 (हत्या का प्रयास), 342 (किसी को जबरन रोकना), 504 (जानबूझकर अपमान करना), 354 डी (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना), और 326 (गंभीर चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने कहा, के उस पर POCSO अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं.सीबी गंज पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर राधेश्याम ने कहा कि घटना के सिलसिले में विजय मौर्य और उसके पिता कृष्ण पाल को गिरफ्तार किया गया है.

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लड़की के पिता के अनुसार, उनकी बेटी इंटरमीडिएट की छात्रा थी.वह बचने के लिए खड़ाऊ की ओर भागी लेकिन मौर्य ने उसे ट्रेन के सामने धक्का दे दिया, जिससे उसके पैर और एक हाथ कट गया. लड़की खड़ाऊ रेलवे क्रॉसिंग के पास खून से लथपथ पाई गई. उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां उसका ऑपरेशन किया गया.

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पिता ने कहा कि उन्होंने मौर्य के परिवार के सामने उत्पीड़न का मामला उठाया था लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. मूल रूप से यह आरोप लगाया गया था कि दो लोगों ने लड़की को ट्रेन के आगे फेंक दिया, लेकिन एफआईआर में केवल मौर्य का नाम है. घटना के गवाह के रूप में एक अन्य व्यक्ति का नाम है.

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बरेली के जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया है और लड़की के परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है.

कुमार ने कहा, लड़की की गंभीर हालत को देखते हुए उसको उच्च चिकित्सा सुविधा में स्थानांतरित किया जा रहा है. सरकार उसके इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी. 

प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल में लड़की से मुलाकात कर उसके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली. अस्पताल के डायरेक्टर डॉ ओपी भास्कर ने कहा कि लड़की के दोनों पैर घुटने के नीचे से कट गए हैं और उसका एक हाथ भी कट गया है. उन्होंने कहा, ''उसकी हालत चिंताजनक है.''

सीबी गंज पुलिस स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार कंबोज, उप-निरीक्षक नितेश कुमार शर्मा और बीट कांस्टेबल आकाशदीप को निलंबित कर दिया गया है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रभान को उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं.

एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, एसपी सिटी राहुल भाटी को मामले की जांच करने का निर्देश दिया गया है. लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की थी लेकिन वे इसकी जांच करने उनके गांव तक नहीं आए.

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