बैंक तिजोरियों का शिकारी ‘मामू’ गिरफ्तार, पुलिस को इस तरह देता था चकमा

कमरूल उर्फ मामू का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद लंबा है. वह 20 साल से ज्यादा वक्त से अपराध की दुनिया में सक्रिय है. सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि कई राज्यों में मामले दर्ज है.

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  • दिल्ली पुलिस ने 51 वर्षीय कमरूल उर्फ मामू को गिरफ्तार किया जो कई राज्यों की पुलिस को चकमा दे रहा था
  • आरोपी कमरूल कर्नाटक और महाराष्ट्र में बैंक डकैती की घटनाओं को अंजाम देने वाले मामू गैंग का लीडर है
  • मामू गैंग के सदस्य फलों का ठेला लगाकर बैंकों का रेक्की करते हैं और रात में सेंधमारी करते हैं
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नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने एक ऐसे बैंक चोर को गिरफ्तार किया है. जो कई राज्यों की पुलिस को लंबे वक्त से चकमा दे रहा था. आरोपी 51 साल कमरूल उर्फ़ मामू यूपी के ककराला, बदायूं का रहने वाला है और 3 बड़े बैंक डकैती के मामलों में वांछित था. जांच में पता चला है कि आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी था. जो बादामी (कर्नाटक) की अदालत ने 18 अक्टूबर 2025 को जारी किया था. पुलिस ने बताया कि कमरूल उर्फ मामू एक संगठित और अंतरराज्यीय गैंग मामू गैंग का लीडर है, जो कर्नाटक और महाराष्ट्र में बैंकों की तिजोरियां तोड़ने की घटनाओं को अंजाम देता रहा है.

पुलिस को इस तरह दे रहा था चकमा

5 नवंबर को SI रवि भूषण को जानकारी मिली कि फरार आरोपी कमरूल उर्फ मामू दिल्ली के महावीर एन्क्लेव इलाके में छिपा हुआ है और खुद को फलों का ठेला लगाने वाला बताकर पुलिस की नजर से बचने की कोशिश कर रहा है. इसके बाद DCP क्राइम हरीश इंदोरा के निर्देशन में एक टीम गठित की गई. टीम ने महावीर एन्क्लेव के पास जाल बिछाया और कुछ देर की निगरानी के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह मामू गैंग का सरगना है जो एक बेहद संगठित और चालाक गिरोह है.

चोरी को ऐसे दे रहा था अंजाम

गैंग के सदस्य दिन में फलों का ठेला या रेहड़ी लगाते हैं, ताकि इलाके में किसी को शक न हो. इसी दौरान वे बैंकों का रेक्की करते हैं. बैंक में आने-जाने वालों का समय, सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी, CCTV कैमरों की स्थिति आदि सब नोट करते हैं. फिर रात के वक्त पूरी तैयारी के साथ बैंक में सेंधमारी करते हैं. वे स्पेशल टूल्स का इस्तेमाल कर ताले और अलार्म सिस्टम तोड़ते हैं, और सबूत मिटाने की कोशिश करते हैं. चोरी के बाद पूरा गिरोह अलग-अलग शहरों में भाग जाता है और फिर कुछ दिनों बाद नए इलाके में जाकर फिर से ‘फलों का ठेला' लगाकर अपनी अगली योजना बनाता है.

आरोपी पर कई मामले दर्ज

कमरूल उर्फ मामू का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद लंबा है. वह 20 साल से ज्यादा वक्त से अपराध की दुनिया में सक्रिय है और यूपी, महाराष्ट्र और कर्नाटक में 10 से अधिक केसों में नामजद है जिनमें हत्या, गैंगस्टर एक्ट, चोरी, बैंक डकैती, हथियार कानून और धोखाधड़ी के मामले शामिल हैं. उसके खिलाफ बदायूं , बुलढाणा और बादामी में कई केस दर्ज हैं. क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी को एक बड़ी कामयाबी बताया है, क्योंकि यह गैंग लंबे समय से दक्षिण भारत के बैंकों में सेंधमारी कर रहा था और पुलिस से बचने के लिए बार-बार पहचान बदलता था.

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