दिल्ली में ब्रिगेडियर और उनके बेटे पर हमला करने वाले दो गिरफ्तार, LG बोले- DCP से की बात, होगी सख्त कार्रवाई

ब्रिगेडियर पी.एस. अरोड़ा के बेटे तेजस सिंह अरोड़ा ने बताया कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में करीब 15 मिनट तक उन्हें लगातार पीटा गया था, जबकि उनके पिता को तब तक घेरकर रखा गया था.

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एलजी के निर्देश पर मामले में कड़ी कार्रवाई
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  • दिल्ली पुलिस ने सेना के ब्रिगेडियर और उनके बेटे पर हमला करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया
  • घटना तब हुई जब ब्रिगेडियर ने सार्वजनिक रूप से शराब पीने से मना किया था और आरोपियों ने हमला कर दिया था
  • गिरफ्तार आरोपियों में एक विमानन कंपनी के निदेशक और एक ढाबा मालिक शामिल हैं, जिनसे पूछताछ जारी है
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नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस ने वसंत एन्क्लेव इलाके में सार्वजनिक रूप से शराब पीने से मना करने पर कार सवारों द्वारा सेना के एक ब्रिगेडियर और उनके बेटे पर हमला करने के आरोप में विमानन कंपनी के निदेशक और ढाबा मालिक को गिरफ्तार किया है. इस घटना के बाद उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने ब्रिगेडियर पी.एस. अरोड़ा और उनके परिवार को पूरी सुरक्षा प्रदान करने का पुलिस को निर्देश दिया था. एलजी संधू ने घटना पर चिंता व्यक्त की और अधिकारी से इस घटना को लेकर बात की.

एलजी संधू ने दिए जांच और सुरक्षा के निर्देश

उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “मैंने व्यक्तिगत रूप से ब्रिगेडियर पी.एस. अरोड़ा से बात कर घटना की जानकारी ली और उनका कुशलक्षेम पूछा. मैंने पुलिस आयुक्त और पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) से भी बात की और उन्हें निर्देश दिया कि वे घटना की गहन और त्वरित जांच सुनिश्चित करें, ताकि दोषियों के खिलाफ तत्काल और उचित कार्रवाई की जा सके.”

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पुलिस के अनुसार, यह घटना 11 अप्रैल की रात को घटी, जब ब्रिगेडियर और उनका बेटा रात के खाने के बाद टहल रहे थे और उन्होंने अपने आवास के बाहर खड़ी एक कार में दो लोगों को शराब पीते हुए देखा.

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शराब पीने से रोकने पर हमला, वीडियो आए सामने

पुलिस ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में सेना के एक ब्रिगेडियर और उनके आईआईटी स्नातक बेटे पर कुछ लोगों ने कथित तौर पर हमला किया, जबकि उनकी पत्नी को धमकी दी. यह घटना तब हुई जब सैन्य अधिकारी ने अपने घर के पास खड़ी एक कार में शराब पी रहे दो लोगों का विरोध किया, यह घटना 11 अप्रैल को हुई थी. कार में शराब पीने के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वीडियो में गाड़ी में दिख रहे दोनों लोगों को पकड़ लिया गया है, जिनकी पहचान 49 वर्षीय सतेंद्र उर्फ सोनू और 56 साल के संजय शर्मा के तौर पर हुई है.

गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, महरम नगर निवासी सतेंद्र ‘चौधरी एविएशन प्राइवेट लिमिटेड' नामक कंपनी में निदेशक है, जो उड़ान सेवाएं (चार्टर्ड उड़ानें, कार्गो उड़ानें आदि) प्रदान करती है और विमानों और उनके पुर्जों की बिक्री और खरीद में भी शामिल है. पुलिस ने बताया कि शर्मा भी महरम नगर का निवासी है और इलाके में ही एक ढाबा चलाता है.  पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और घटना में शामिल ‘मर्सिडीज़' गाड़ी को जब्त कर लिया गया है. एक अन्य अधिकारी ने बताया, “हमने आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है. हम इस घटना में शामिल लोगों की संख्या की पुष्टि कर रहे हैं.”

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घटना वाली रात क्या हुआ था?

जब अरोड़ा ने रिहायशी इलाके में इस तरह कार में शराब पीने पर आपत्ति जताई, तो स्थिति तेजी से बिगड़ गई. पुलिस के मुताबिक, कुछ लोग मौके पर पहुंचे और उन्होंने कथित तौर पर अधिकारी और उनके बेटे पर हमला किया, साथ ही अधिकारी की पत्नी को भी गाली दी और धमकी दी. ब्रिगेडियर के बेटे, तेजस सिंह अरोड़ा ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा, 'शनिवार रात, खाना खाने के बाद, मेरे पिता, ब्रिगेडियर पीएस अरोड़ा और मैं टहलने निकले थे। हमने एक लग्जरी कार के अंदर दो लोगों को खुलेआम शराब पीते और धूम्रपान करते देखा.'

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ब्रिगेडियर के बेटे तेजस अरोड़ा का बयान

तेजस ने कहा कि उन्होंने संबंधित व्यक्तियों से विनम्रतापूर्वक बात कहीं और जाने का अनुरोध किया, क्योंकि यह एक आवासीय क्षेत्र है और सार्वजनिक रूप से शराब पीना अनुचित है. उन्होंने कहा, 'जैसे ही हमने उनसे जाने का अनुरोध किया, वे आक्रामक हो गए और हमें किसी को भी फोन करने की चुनौती देने लगे. तब मेरे पिता ने मुझे पुलिस नियंत्रण कक्ष को फोन करने के लिए कहा.' तेजस ने आरोप लगाया कि जब पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने उनकी शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया.

पुलिस पर लापरवाही के आरोप और एफआईआर

उन्होंने पत्रकारों को बताया कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में करीब 15 मिनट तक उन्हें लगातार पीटा गया जबकि उनके पिता को घेरे रखा गया. ब्रिगेडियर की पत्नी ने घटना के दौरान बार-बार मदद की गुहार लगाने के बावजूद पुलिसकर्मियों पर कोई मदद नहीं करने का आरोप भी लगाया. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 126(2) (गलत तरीके से रोकना), 351(2) (आपराधिक धमकी), 79 (किसी महिला की गरिमा का अपमान करने या उसकी निजता का उल्लंघन करने के इरादे से कोई शब्द, इशारा, कार्य), 191(2) (दंगा) और 190 (गैरकानूनी सभा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी.

जांच अधिकारी लाइन हाजिर, सेना ने लिया संज्ञान

प्रारंभिक जांच के दौरान जांच अधिकारी की लापरवाही पाई गई, जिसके चलते उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है. इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें एक कार के अंदर दो पुरुषों को शराब की बोतल पकड़े हुए देखा जा सकता है. भारतीय सेना ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है. सेना ने एक बयान में कहा, 'भारतीय सेना ने मामले का गंभीर संज्ञान लिया है. सेना पुलिस के एक दल को अधिकारी की सहायता के लिए भेजा गया है। दिल्ली पुलिस से त्वरित जांच और प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के लिए संपर्क किया गया है.”

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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