क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन इंडिया (CABI) ने हाल ही में भारतीय महिला टीम को पहला वर्ल्ड कप जितवाने में एड़ी-चोटी का ज़ोर लगाया तो अब उसे दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट बॉडी BCCI का साथ मिल गया है. भारतीय पुरुष टीम पहले भी कई वर्ल्ड कप खिताब जीत चुकी है. CABI को अंदाज़ा है कि BCCI के साथ आने से भारत और दुनिया के ब्लाइंड क्रिकेट का स्टार हर महीने में अलग ऊंचाइयां छू सकता है. CABI ने क्रिकेट खेल के प्रति अपनी ऐतिहासिक प्रतिबद्धता के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की सराहना की है और उनका शुक्रिया अदा किया है.
पुरुष और महिला वर्ल्ड चैंपियन टीमें
पिछले दशक में, भारत के दृष्टिबाधित क्रिकेटरों ने 2012 से कई पुरुष विश्व कप खिताब जीते. जबकि, भारतीय महिला टीम ने हाल ही में ऐतिहासिक महिला वर्ल्ड कप जीतकर सबका दिल जीत लिया. बीसीसीआई के औपचारिक समर्थन ने इन कामयाबियों को नए आयाम दे दिए हैं. BCCI और CABI की यह साझेदारी उन्हें सीएसआर ग्रांट या अनुदान के माध्यम से प्राप्त समर्थन में अंतर को पाटने में मदद करेगी, जिससे यह ख़ास तौर से टूर्नामेंट आयोजित करके और विदेशी श्रृंखला में भागीदारी का समर्थन करके ग्लोबल स्टेज पर ब्लाइंड क्रिकेट को अधिक प्रभावी ढंग से बढ़ावा देने में मदद करेगी.
भारत के दृष्टिबाधित क्रिकेटरों की यात्रा को और मजबूत करने के लिए, बीसीसीआई ने पुरुष और महिला राष्ट्रीय टीमों दोनों का समर्थन करने की प्रतिबद्धता जताई है.
इस पार्टनरशिप का फोकस खासतौर से:
A) प्रत्येक टीम (पुरुष और महिला) के लिए वार्षिक दो विदेशी टूर्नामेंटों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा और आवास की व्यवस्था करेगा.
B) भारत में द्विपक्षीय श्रृंखला के दौरान घरेलू और विदेशी टीमों के लिए आवास की व्यवस्था करेगा
C) घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए बीसीसीआई-समर्थित स्टेडियमों और मैदानों तक विशेष पहुंच, विश्व-स्तरीय खेल स्थितियों और पेशेवर मानकों को सुनिश्चित करेगा.
ICC अध्यक्ष जय शाह का रोल
यह महत्वपूर्ण उपलब्धि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अध्यक्ष श्री जय शाह के नेतृत्व में हुई कई सार्थक चर्चाओं का परिणाम है, जिनकी ब्लाइंड क्रिकेट के लिए समर्थन ने इस सहयोग को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. जय शाह ने सीएबीआई नेतृत्व, जिसमें डॉ महंतेश जी किवदासनवर (अध्यक्ष) और श्री शैलेंद्र यादव (महासचिव) शामिल हैं, के साथ मिलकर ब्लाइंड क्रिकेट को एक नई ऊंचाई पर पहुंचने के लिए साझेदारी को बनाने में अहम रोल अदा किया है.
जय शाह ने लगातार जोर दिया है कि क्रिकेट का विकास समावेशी होना चाहिए और खेल की भावना को प्रतिबिंबित करना चाहिए.
2036 ओलंपिक की दावेदारी में मिलेगी मदद
बीसीसीआई और CABI की यह पार्टनरशिप से भारत की ग्लोबल क्रिकेटिंग पावर की छवि और मजबूत होगी, साथ ही इस खेल को सभी के लिए सुलभ बनाने में उन्हें एक लीडर के तौर पर भी सराही जाएगी. भारत 2036 में ओलंपिक खेलों की दावेदारी की जोर-शोर से पेशकश कर रहा है. ऐसे में बीसीसीआई और CABI की यह पार्टनरशिप IOC यानी अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक परिषद के सामने भी एक मिसाल के तौर पर पेश होगी.
भारत में ब्लाइंड बच्चों के लिए दृढ़ता से कम कर रही 'समर्थनम' ग्रुप के फाउंडर डॉ महंतेश जी किवदासनवर ने कहा, "हम बीसीसीआई और श्री जय शाह को उनके सहयोग और हमारे क्रिकेटरों की यात्रा को महत्व देने के लिए सच्चे आभारी हैं." "बीसीसीआई का समर्थन हमारे लिए गर्व का क्षण है और हमारे खिलाड़ियों के लिए एक सच्ची उपलब्धि है. साथ मिलकर, हम सुनिश्चित कर सकते हैं कि भारत में ब्लाइंड क्रिकेट का विकास जारी रहे और कई अन्य लोगों को प्रेरित करे."
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