- IPL 2026 में साई सुदर्शन 554 रनों के साथ ऑरेंज कैप की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं. लेकिन टक्कर कांटे की है.
- क्योंकि उनके ठीक पीछे कप्तान शुभमन गिल और कुछ ही कदमों पर चेज मास्टर विराट कोहली भी इस रेस में बने हुए हैं.
- वहीं पर्पल कैप की रेस में सबसे आगे भुवनेश्वर कुमार हैं और बहुत संभव है वो इस रेस को जीत भी जाएं.
IPL 2026 के लीग दौर में 62 मुकाबले खेले जा चुके हैं अब केवल 12 मैच और बाकी हैं. ऐसे में टूर्नामेंट न केवल प्लेऑफ की टीमें तय करने के करीब पहुंच गया है बल्कि ऑरेंज कैप और पर्पल कैप की जंग भी बन गया है. इस सीजन की सबसे दिलचस्प बात ये है कि एक तरफ अनुभवी दिग्गज अपना जलवा दिखा रहे हैं, तो दूसरी तरफ नए चेहरे भी लीग की कहानी बदल रहे हैं. इस लीग में युवा भारतीय क्रिकेटरों ने धूम मचा रखी है तो पुराने योद्धाओं ने साबित किया है कि अनुभव का कोई मुकाबला नहीं है. यही वजह है कि पिछले बार के ऑरेंज कैप विनर साई सुदर्शन एक बार फिर इस रेस में सबसे आगे हैं तो पर्पल कैप की रेस में अपनी गेंद को दोनों तरफ स्विंग करने के माहिर भुवनेश्वर कुमार बाकी सभी गेंदबाजों को पीछे छोड़ चुके हैं.
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ऑरेंज कैप के रेस में भी साई-गिल की जुगलबंदी
गुजरात टाइटंस के युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन ने अपने 554 रनों के दरम्यान इस पूरे सीजन में लय को बरकरार रखा और इसने उन्हें केवल गुजरात ही नहीं बल्कि पूरे टूर्नामेंट का सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बना दिया. उनकी बल्लेबाजी में क्लास भी दिखी और आक्रामकता भी. खास बात बड़े मैचों में उनका प्रदर्शन रहा, जहां दबाव को उन्होंने खुद पर हावी नहीं होने दिया.
साई सुदर्शन के ठीक पीछे उनके कप्तान शुभमन गिल हैं, जिन्होंने 552 रन बनाए हैं. यानी दोनों के बीच सिर्फ 2 रन का फर्क है. सीजन की शुरुआत फीकी करने वाली गुजरात की टीम ने अगर बाद के मैचों में लय पाई तो उसकी सबसे बड़ी वजह यही ओपनिंग जोड़ी रही. दोनों बल्लेबाजों ने नई गेंद पर विरोधी टीमों को लगातार दबाव में रखा. गिल की टाइमिंग और साई की संयमित बल्लेबाजी ने गुजरात को कई मैचों में शानदार शुरुआत दिलाई.
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टॉप पोजिशन के चेज में लगे 'चेज मास्टर'
वहीं IPL 2025 में विजेता RCB के सबसे चर्चित चेहरे और चेज मास्टर विराट कोहली भी इस रेस में केवल 12 रनों के अंतर से (542 रन के साथ) तीसरे नंबर पर हैं और हमेशा की तरह हर बड़े मौके पर बड़ी इनिंग्स खेलते नजर आए. टूर्नामेंट में विराट का अंदाज बदला-बदला नजर आ रहा है और उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता दिख रही है, कई मैचों में अपने दम पर टीम को जीत की दहलीज तक ले कर गए. उम्र बढ़ने के बावजूद फिटनेस, फोकस और भूख में कोई कमी नहीं दिखी.
मजेदार बात ये भी है कि इस आईपीएल में 500 रन बना चुके किसी भी बल्लेबाज की तुलना में विराट का बैटिंग औसत अधिक है. वो 54.20 की औसत से IPL 2026 में बल्लेबाजी कर रहे हैं. सबसे खास बात तो ये कि विराट ने इसी टूर्नामेंट के दौरान धोनी का एक ऐसा नायाब रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है जिसकी आने वाले कई वर्षों तक टूटने की संभावना नहीं है. विराट अब सबसे अधिक IPL मैच खेलने वाले क्रिकेटर बन गए हैं. उन्होंने माही के 278 IPL मैच के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है.
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हेनरिक क्लासेन
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केएल राहुल और क्लासेन
दिल्ली के लिए खेल रहे केएल राहुल ने भी शानदार वापसी की है. 533 रन बनाकर उन्होंने आलोचकों को जवाब दिया है. लंबे समय से स्ट्राइक रेट को लेकर सवाल उठ रहे थे, लेकिन इस सीजन राहुल ने तेजी और स्थिरता दोनों का शानदार संतुलन दिखाया. विकेटकीपिंग के साथ बल्लेबाजी में भी उनका योगदान दिल्ली के लिए बेहद अहम साबित हुआ.
सनराइजर्स हैदराबाद के विस्फोटक बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन ने 508 रन बनाकर अपनी ताकत फिर साबित कर दी. स्पिनरों के खिलाफ उनका हमला इस सीजन भी विरोधी टीमों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बना रहा. डेथ ओवरों में क्लासेन जिस तरह गेंदबाजों पर टूटते हैं, उसने कई मैचों का रुख पलट दिया.
वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में केवल 36 गेंदों पर सबसे तेज शतक जमाया है
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ऑरेंज कैप की रेस में IPL का सबसे युवा बल्लेबाज
लेकिन जिस नाम ने सबसे ज्यादा चौंकाया, वो रहा वैभव सूर्यवंशी. 486 रन बनाकर इस युवा बल्लेबाज ने पूरे देश का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया. बड़े-बड़े गेंदबाजों के पहले ही गेंद पर छक्का जमाने से लेकर उनके सामने जिस आत्मविश्वास से वैभव बल्लेबाजी कर रहे हैं, उसने क्रिकेट एक्सपर्ट्स को भी प्रभावित किया है. इस टूर्नामेंट में वो 43 छक्के जमा चुके हैं और क्रिस गेल के किसी एक आईपीएल में सबसे अधिक छक्के जमाने के रिकॉर्ड से बस कुछ ही कदम दूर हैं. कई जानकारों का मानना है कि भारतीय क्रिकेट को एक नया सुपरस्टार मिल चुका है.
भुवनेश्वर कुमार IPL के इतिहास में सबसे अधिक 1915 डॉट बॉल डालने वाले गेंदबाज हैं
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पर्पल कैप की रेस में टॉप पर स्विंग के जादूगर
अब बात गेंदबाजों की. यहां सबसे ऊपर हैं अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार, जिन्होंने 24 विकेट लेकर साबित कर दिया कि स्विंग का जादू अभी खत्म नहीं हुआ. नई गेंद से विकेट निकालना हो या डेथ ओवरों में रन रोकने हों, भुवी हर भूमिका में फिट बैठे. उनकी लाइन-लेंथ और अनुभव ने कई युवा गेंदबाजों को भी सीख दी है कि टी20 सिर्फ गति का खेल नहीं, दिमाग का भी खेल है.
भुवी ने 23 रन देकर 4 विकेट चटकाए जो इस टूर्नामेंट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.
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रबाडा और अंशुल ठीक पीछे
दूसरे नंबर पर हैं दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा, जिन्होंने 21 विकेट लिए. रबाडा की रफ्तार और आक्रामकता ने बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया. पावरप्ले और डेथ दोनों में वह बेहद खतरनाक साबित हुए. खास बात ये रही कि बड़े बल्लेबाजों के खिलाफ भी उन्होंने दबाव नहीं झेला.
चेन्नई सुपर किंग्स के युवा गेंदबाज अंशुल कंबोज इस सीजन की सबसे बड़ी खोज बनकर उभरे हैं. 19 विकेट लेकर उन्होंने दिखा दिया कि भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजों की नई फौज तैयार हो रही है. अंशुल की गेंदबाजी में गति के साथ नियंत्रण भी देखने को मिला और यही उन्हें खास बनाता है.
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रेस में जोफ्रा आर्चर, प्रिंस यादव और राशिद खान भी
जोफ्रा आर्चर ने भी अपनी फिटनेस और रफ्तार से धमाकेदार वापसी की. 17 विकेट लेकर उन्होंने विरोधी बल्लेबाजों में डर पैदा किया. उनकी तेज बाउंसर और यॉर्कर अभी भी दुनिया के सबसे खतरनाक हथियारों में गिनी जाती हैं.
वहीं पंजाब के लिए खेल रहे प्रिंस यादव ने 16 विकेट लेकर अपनी पहचान बना ली. युवा भारतीय गेंदबाजों की इस नई लहर ने आईपीएल 2026 को और भी रोमांचक बना दिया है. राशिद खान भी 16 विकेट के साथ अपनी टीम के सबसे भरोसेमंद स्पिनर बने हुए हैं. हालांकि इस बार राशिद का जादू पहले जैसा पूरी तरह नहीं दिखा, लेकिन मुश्किल मौकों पर उन्होंने टीम को विकेट निकालकर जरूर दिए.
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युवा क्रिकेटरों की धूम
इस सीजन की सबसे बड़ी कहानी यही है कि अब आईपीएल सिर्फ विदेशी सितारों का मंच नहीं रहा. बेशक हेनरिक क्लासेन, रायन रिकल्टन, कगिसो रबाडा, जोफ्रा आर्चर और राशिद खान जैसे खिलाड़ियों ने अपना दम दिखाया है पर भारतीय युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने उनकी चर्चा को पीछे छोड़ दिया है.
भारतीय युवा खिलाड़ी लगातार जिम्मेदारी उठा रहे हैं और बड़े मैचों का दबाव संभाल रहे हैं. साई सुदर्शन, वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा और अंशुल कंबोज जैसे नाम इस बात का सबूत हैं कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य मजबूत हाथों में है.
दूसरी तरफ विराट कोहली, भुवनेश्वर कुमार और राशिद खान जैसे अनुभवी खिलाड़ी ये याद दिला रहे हैं कि क्लास कभी खत्म नहीं होता. यही अनुभव और युवा जोश का ब्लेंड IPL 2026 को पिछले कई सीजनों से ज्यादा रोमांचक बना रहा है.
अब जबकि प्लेऑफ का दौर बेहद करीब आ चुका है. ऐसे में ऑरेंज और पर्पल कैप की यह रेस और भी कांटे की टक्कर वाली हो जाएगी. ऑरेंज कैप की रेस में बहुत संभव है कि हर मैच नए दावेदार को नंबर-1 पर बिठाए. पर पर्पल कैप की रेस में भुवी को नंबर-1 के पायदान से उतारना किसी भी अन्य गेंदबाज के लिए मुश्किल होगा और यही IPL की सबसे बड़ी खूबसूरती है, जहां हर शाम कोई नया हीरो पैदा होता है.
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