- संजय मांजरेकर ने विराट कोहली के वनडे क्रिकेट को सबसे आसान फॉर्मेट बताया था, जिससे विवाद शुरू हुआ
- विकास कोहली ने सोशल मीडिया पर संजय मांजरेकर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तंज कसे और सवाल उठाए हैं
- मांजरेकर ने विराट कोहली की टेस्ट क्रिकेट से दूरी और वनडे में निरंतरता को लेकर निराशा जताई थी
पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर इन दिनों विराट कोहली के भाई विकास कोहली के निशाने पर हैं. विकास कोहली पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर के विराट कोहली पर दिए गए बयानों को लेकर ख़फ़ा नज़र आ रहे हैं. विकास कोहली ने सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म थ्रेड्स पर संजय मांजरेकर पर तंज कसते हुए उनसे सवाल कर दिए हैं. इंदौर में विराट कोहली ने अपने वनडे करियर का 54वां और अंतर्राष्ट्रीय करियर का 85वां शतक लगाया जिसके बाद विकास कोहली ने ये ताज़ा पोस्ट किया है.
'मिस्टर क्रिकेट!.... कहना आसान होता है..'
विकास ने थ्रेड पर पोस्ट किया है,"कौन जाने शायद मिस्टर क्रिकेट के पास क्रिकेट से सबसे आसान फ़ॉर्म के लिए कोई सुझाव हो... ऐसा करने के लिए आपको वहां होने की ज़रूरत होती है... ख़ैर... जैसा मैंने कहा कि कुछ करने से कहना ज़्यादा आसान होता है..."
दरअसल थोड़े दिनों पहले संजय मांजरेकर ने विराट कोहली और जो रूट की तुलना करते हुए कहा था कि वनडे क्रिकेट सबसे आसान फ़ॉर्मैट वाला क्रिकेट है. विकास कोहली ने पहले भी संजय मांजरेकर को लेकर भड़ास निकाली थी और कहा था,"कितना आसान फ़ॉर्मैट है, है कि नहीं, किसी ने कुछ दिनों पहले ज्ञान दिया था... कहना हमेशा कुछ करने से ज़्यादा आसान होता है."
मांजरेकर का वनडे करियर
अस्सी और नब्बे के दशक में खेलने वाले 60 साल के संजय मांजरेकर का वनडे करियर बतौर खिलाड़ी बहुत धमाकेदार नहीं कहा जा सकता है. भारत की 1983 के वर्ल्ड कप में जीत के बावजूद, उन दिनों टेस्ट क्रिकेट को वनडे से थोड़ी ज़्यादा अहमियत दी जाती थी और उनका टेस्ट करियर उनके वनडे करियर से कहीं बेहतर नज़र आता है.
संजय मांजरेकर का टेस्ट बनाम वनडे करियर
| संजय मांजरेकर का टेस्ट बनाम वनडे करियर | ||
| टेस्ट मैच | वनडे मैच | |
| 37 | मैच | 74 |
| 2043 | रन | 74 |
| 04 | शतक | 33.3 |
| 38.7 | औसत | 01 |
मांजरेकर बनाम विराट
ये सारी ‘तू-तू, मैं-मैं' संजय मांजरेकर की टिप्पणी के बाद शुरू हुई थी, जब मांजरेकर ने कहा था,"जब जो रूट टेस्ट क्रिकेट में नई ऊंचाइयां छू रहे हैं, मुझे विराट कोहली को लेकर ख़्याल आता है. वो टेस्ट क्रिकेट से दूर चले गए, और ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि रिटायर होने से पहले पांच साल वो संघर्ष करते रहे, उन पांच सालों में जब वो टेस्ट में 31 का औसत कर रहे थे, उन्होंने उससे उबरने की कोशिश नहीं की. इस बारे में फिर बात करूंगा कि वो क्या कर सकते थे."
मांजरेकर ने ये भी कहा था,"अगर विराट कोहली क्रिकेट छोड़कर चले जाते और सभी फ़ॉर्मैट से संन्यास ले लेते तो कोई बात नहीं थी. लेकिन उन्होंने वनडे क्रिकेट खेलना जारी रखा है जिससे मुझे निराशा होती है, क्योंकि मैं पहले भी कह चुका हूं कि किसी टॉप ऑर्डर बैटर के लिए ये सबसे आसान फ़ॉर्मैट (का क्रिकेट) है."
मांजरेकर बनाम सचिन तेंदुलकर
ये पहला मौक़ा नहीं है जब संजय मांजरेकर ने एक टॉप खिलाड़ी के ख़िलाफ़ जानेवाली तीखी टिप्पणी कर खुद को निशाने पर लाने का मौक़ा दिया है. सचिन तेंदुलकर 2007 से लेकर 2009 के बीच के दौरान अपने बेस्ट फ़ॉर्म में नहीं थे. तब संजय मांजरेकर ने ‘द टाइम्स ऑफ़ इंडिया' में सचिन को लेकर कहा था, “the elephant in the room that no one wants to talk about…” यानी उस शख़्सियत का खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम में है जिसके बारे में कोई बात नहीं करना चाहता. इस घटना के बाद मांजरेकर की खूब आलोचना हुई थी. लेकिन ये भी ज़रूर है कि मांजरेकर खुद सुर्ख़ियों में आ गए थे.
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