Venkatesh Iyer On RCB Icon Virat Kohli: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और विराट कोहली एक दूसरे के साथी हैं. आईपीएल के इतिहास में बेंगलुरु इकलौती ऐसी टीम है जिसके लिए कोहली ने मैदान पर पसीना बहाया है. जब से इस फ्रेंचाइजी की शुरुआत हुई, तब से लेकर आज तक दोनों का रिश्ता अटूट रहा है. हालांकि, पिछले दो साल इस सफर के सबसे सुनहरे पन्ने साबित हुए हैं. अठारह साल के एक लंबे और कड़े इंतजार के बाद साल 2025 में बेंगलुरु और कोहली ने पहली बार आईपीएल की ट्रॉफी उठाकर इतिहास रचा था. इसके बाद रविवार को गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में एक बार फिर इस टीम ने चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया, जिसमें स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने सबसे बड़ी और निर्णायक भूमिका निभाई.
ट्रॉफी को छूना एक बार फिर बहुत ही अच्छा लग रहा
आईपीएल का खिताब जीतने के बाद बेंगलुरु के स्टार खिलाड़ी वेंकटेश अय्यर ने NDTV के कंसल्टिंग एडिटर बोरिया मजूमदार से बातचीत करते हुए अपनी खिताबी जीत और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली के प्रभाव पर खुलकर बात की है. ट्रॉफी जीतने की खुशी जाहिर करते हुए अय्यर ने कहा कि ईमानदारी से कहूं तो ट्रॉफी को छूना एक बार फिर बहुत ही अच्छा लग रहा है. खासकर इसलिए भी कि आपको अपने साथियों का सम्मान मिल रहा है, जो वाकई बहुत खास है.
मुझे शुरू में मौका नहीं मिल रहा था, लेकिन...
टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में टीम में जगह न मिलने के सवाल पर अय्यर ने बताया कि हमारे लिए यह सीखने का एक जरिया (लर्निंग कर्व) रहा. मुझे शुरू में मौका नहीं मिल रहा था, लेकिन यह एक लंबा टूर्नामेंट है. ऐसे में मेरा काम सिर्फ अपने मौके का इंतजार करना था और जब मौका आए, तो उसके लिए पूरी तरह तैयार रहना था.
अगर कोहली मैदान पर होते हैं तो...
बातचीत के दौरान वेंकटेश अय्यर ने विराट कोहली की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि कोहली में गजब का भरोसा है, जो बहुत सारे अनुभव के बाद ही आता है. मैच के दौरान जिन मुश्किल हालात में हम होते हैं, वह उन हालात को पहले भी देख चुके होते हैं. यही वजह थी कि शुरुआत में कुछ विकेट गंवाने के बावजूद टीम पूरी तरह शांत थी. कोहली की मौजूदगी भर ही पूरी टीम का आत्मविश्वास बढ़ा देती है. अगर वह मैदान पर होते हैं, तो विपक्षी टीम के दिमाग में एक मानसिक लड़ाई चलती रहती है.
कोहली की प्रैक्टिस करने का भी एक खास तरीका
अय्यर ने आगे कहा कि कोहली की प्रैक्टिस करने का भी एक खास तरीका (मेथड) है. उनमें हमेशा एक गजब की ऊर्जा रहती है और वह अपनी टीम को कभी भी नीचे गिरते हुए नहीं देखना चाहते, जिससे टीम का हौसला हमेशा बुलंद रहता है. एक दिग्गज खिलाड़ी होने और इतना सब कुछ हासिल कर लेने के बाद भी वह हमेशा ऊर्जावान बने रहते हैं. उनमें हमेशा रनों की एक भूख रहती है, जिसे देखकर कोई भी दूसरा खिलाड़ी आराम से नहीं बैठ सकता. वह सिर्फ क्रिकेटरों के लिए ही नहीं, बल्कि जो भी उन्हें देख रहा होता है, उसके लिए एक प्रेरणा और रोल मॉडल हैं.
कोहली के स्वभाव और खेल की रणनीति पर बात करते हुए अय्यर ने उनके कोच राजकुमार शर्मा के बयान का भी जिक्र किया. कोच राजकुमार शर्मा का मानना है कि विराट बाहर से भले ही चनचल दिखते हैं, लेकिन वह असल में बहुत ही विनम्र हैं. मैदान पर बल्लेबाजी के दौरान विराट से हुई बातचीत को लेकर अय्यर ने खुलासा किया कि वह क्रीज पर ज्यादा बातचीत तो नहीं करते, लेकिन उनका संदेश बिल्कुल साफ होता है कि आप जो भी करें, उसे लेकर मन में स्पष्ट रहें. अगर आप डिफेंस भी करते हैं, तो उसमें भी एक आक्रामकता होनी चाहिए. अगर आप जानते हैं कि आपको मैदान पर क्या करना है, तो आप आधी लड़ाई वहीं जीत चुके होते हैं. विराट कोहली के साथ क्रीज पर बैटिंग करना वाकई एक खुशनुमा अनुभव है.











