- बिहार के 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में 80 गेंदों पर 175 रनों की धुआंधार पारी खेली.
- वैभव ने अपनी पारी में 15 चौके और 15 छक्के लगाए, जिससे उनके 175 रनों में से 150 रन बाउंड्री से आए.
- 1983 के वर्ल्ड कप में कपिल देव ने ज़िंबाब्वे के खिलाफ 175 रन बनाए थे, जो आज भी यादगार मानी जाती है.
Vaibhav Suryavanshi's 175 in the Under-19 World Cup final: जब भी भारत के पहले वर्ल्ड विजेता टीम की बात होती है, कप्तान कपिल देव के ज़िंबाब्वे के ख़िलाफ़ खेली गई 175 रनों की बात ज़रूर ज़ोर-शोर से होती है. साढ़े चार दशक पहले 1983 वर्ल्ड कप के दौरान कप्तान कपिल देव ने इंग्लैंड के टर्नब्रिज वेल्स में 175 रनों की जो पारी खेली वो आज भी सभी क्रिकेट प्रेमियों के ज़ेहन में ताज़ा है. 46 साल बाद, इस बार ज़िंबाब्वे में बिहार के 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने 175 रनों की धुंआधार पारी खेलकर महान कपिल देव की यादें ताज़ा कर दीं.
80 गेंद, 150 रन चौके-छक्कों से
अंडर-19 वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में तूफ़ान खड़ा कर दिया. वैभव सूर्यवंशी अपने 175 रनों की पारी में सिर्फ़ एक बार 97 से लेकर 100 के बीच थोड़ा संभलकर खेलते दिखे, उसके पहले और उसके बाद उनके तेवर का कोई जवाब नहीं दिखा.
100 के स्कोर के बाद 50 रन जोड़ने में तो उन्होंने सिर्फ़ 16 गेंदों का सामना किया. 80 गेंदों पर वैभव ने 175 रनों की जो पारी खेली उसमें 15 चौके और 15 छक्के लगाए. यानी 175 में से वैभव के 150 रन तो सिर्फ़ बाउंड्रीज़ के सहारे आये.
इससे बड़ी शाबाशी और क्या हो सकती है कि आपका विपक्षी आपके हुनर की सराहना करे, वो भी फ़ाइनल जैसे करो या मरो मुक़ाबले में. वैभव सूर्यवंशी जब आउट हुए तो विपक्षी टीम के सभी खिलाड़ियों ने उनसे हाथ मिलाकर उन्हें पैवेलियन की ओर विदा किया. और ये तस्वीरें यकीनन सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हैं.
1983 का कपिल देव का वर्ल्ड कप जिताऊ 175 रन
जून 18, 1983 को टर्नब्रिज वेल्स में ज़िंबाब्वे के ख़िलाफ़ कपिल देव की वो पारी टेलिविज़न के लिए भले ही रिकॉर्ड ना की गई हो. लेकिन दुनियाभर के क्रिकेट फ़ैन्स के ज़ेहन में वो पारी आज भी कौंधती रहती है. सिर्फ़ 17 रन पर भारत ने (सुनील गावस्कर, के. श्रीकांत, मोहिन्दर अमरनाथ, संदीप पाटिल और यशपाल शर्मा के) 5 विकेट गंवा दिए थे.
कपिल देव ने 138 रनों की उस पारी में 16 चौके और 6 छक्के लगाए. जिस दौर में टी-20 के मैच नहीं होते थे, कपिल देव ने उस मैच में 126.81 के स्ट्राइक रेट से 175 रन जोड़े और भारत का स्कोर रहा 266/8 (50 ओवर).
यही नहीं उस मैच में कपिल देव ने 11 ओवर में 2.90 की इकॉनमी से 32 रन खर्चे और एक विकेट भी अपने नाम किया. भारत ने ज़िंबाब्वे को 31 रनों से शिकस्त दी और फिर फ़ाइनल में वेस्ट इंडीज़ का जो हश्र किया वो अब भारत के सुनरहे क्रिकेट इतिहास का हिस्सा है.
बड़े मैच का बड़ा खिलाड़ी
14 साल के बिहार के समस्तीपुर के वैभव बचपन से ही अपने बड़े खिलाड़ी होने का अहसास पूरी दुनिया को करवाते रहे हैं. 14 साल की उम्र में टी-20 क्रिकेट में शतकीय पारी खेलने वाले वैभव ने ज़ाहिर तौर पर बतौर सबसे युवा शतकवीर होने का रिकॉर्ड बनाया है. वैभव ने ये कारनामा IPL में सिर्फ़ 35 गेंदों पर पिछले ही साल गुजरात के खिलाफ़ राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए बनाया.
वैभव ने अपने आईपीएल करियर की शुरुआत भी पहली गेंद पर छक्का लगाते हुए की थी. 14 साल को उस पहले गेंद के छक्के ने ही दुनिया भर की नज़रों में ला दिया था.
वैभव क्रिकेट में लगातार रिकॉर्ड की झड़ी लगाते जा रहे हैं और इतिहास के पन्ने उनका बेताबी से इंतज़ार करते नज़र आते हैं. मौजूदा वर्ल्ड कप में सबसे ज़्यादा 439 रन बनाकर उन्होंने इसे हमेशा के लिए भारत, अपने फ़ैंस और खुद अपने लिए यादगार बना दिया है.
अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में वैभव सूर्यवंशी: 7 मैच, 439 रन, 1 शतक, 3 अर्द्धशतक, औसत 62,71, चौके 41, छक्के 30
यह भी पढ़ें: T20 World Cup: भारत को बड़ा झटका, चोटिल हर्षित राणा हो सकते हैं पूरे टूर्नामेंट से बाहर- सूत्र














