Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी को लेकर हरभजन सिंह की बड़ी नसीहत, BCCI को भी किया आगाह

Harbhajan Singh react on India debut for Vaibhav Sooryavanshi: , पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह का मानना ​​है कि वैभव सूर्यवंशी को टेस्ट क्रिकेट में शामिल करना है तो उसे तराशना होगा.

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Harbhajan Singh big statement on Vaibhav Sooryavanshi

Harbhajan Singh on Vaibhav Sooryavanshi: दिग्गज क्रिकेटर हरभजन सिंह के अनुसार वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे जैसे युवा बल्लेबाजों को टेस्ट क्रिकेट के लिए सही सोच रखने की जरूरत होगी और वे यशस्वी जायसवाल को अपना आदर्श मान सकते हैं जो भारत के सभी प्रारूपों के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं. हरभजन ने जायसवाल को अगली पीढ़ी का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज कहने में जरा भी हिचकिचाहट महसूस नहीं की क्योंकि उनके पास सभी प्रारूप के लिए सही तकनीक मौजूद है. सचिन तेंदुलकर के 53वें जन्मदिन के मौके पर आयोजित ‘लीजेंड्स क्लब' के एक कार्यक्रम में हरभजन ने कहा, ‘‘उन्हें (आने वाले बल्लेबाजों को) अपनी जगह खुद बनानी होगी और इतना अचछा प्रदर्शन करना होगा कि टेस्ट क्रिकेट की टीम में शामिल होने के लिए उनकी दावेदारी मजबूत हो जाए. ''

वैभव सूर्यवंशी नहीं, यशस्वी जायसवाल हैं तीनों फॉर्मेट के खिलाड़ी

हरभजन ने कहा, ‘‘अगर इन सभी में से कोई सबसे बेहतरीन बल्लेबाजी कर रहा है, तो वह यशस्वी जायसवाल हैं और हम उनके बारे में तो बात भी नहीं कर रहे हैं. उनके पास टी20 और टेस्ट क्रिकेट, दोनों के लिए जरूरी चीजों का एकदम सही मेल है. उनके पास ऐसी सोच है कि वे एक सत्र तक गेंद छोड़ सकते हैं और अगले सत्र में रन बनाना शुरू कर सकते हैं. ''

उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की सोच रखने वाले बहुत कम खिलाड़ी होते हैं और जायसवाल ने अपनी जगह खुद बनाई है. मुझे लगता है कि जायसवाल, सूर्यवंशी और यहां तक कि ईशान किशन की भी सोच गेंद को जोर से मारने वाली है. लेकिन साथ ही आपको यह भी समझना होगा कि जब गेंद में मूवमेंट हो और हालात अलग हों तो आपके पास ऐसी तकनीक भी होनी चाहिए जिससे आप गेंद को डिफेंड कर सकें. ''

वैभव सूर्यवंशी को टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार करने हेतु उन्हें सही तरीके से तराशना होगा

हरभजन ने कहा कि भारत को सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों को टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार करने हेतु उन्हें सही तरीके से तराशना होगा. उन्होंने कहा, ‘‘आखिरकार वे सीख ही जाएंगे, चाहे उन्हें उतार-चढ़ाव का सामना ही क्यों नहीं करना पड़े. अगर कोई 15 साल का लड़का गेंद को जोर से मार सकता है तो वह उसे डिफेंड भी सकता है. यह सब सोच की बात है. अगर आप उसे मौका देंगे तो वह उस माहौल में खुद को ढाल लेगा. ''

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अगर आप उसे पहले दौरे के लिए इंग्लैंड भेजते हैं तो...

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अगर आप उसे पहले दौरे के लिए इंग्लैंड भेजते हैं, जहां गेंद स्विंग करेगी तो यह समझदारी की बात नहीं होगी. अगर हम चाहते हैं कि वह टेस्ट क्रिकेट खेले, तो हमें उसे तराशना होगा. '' पूर्व भारतीय स्पिनर ने कहा कि भारत में टेस्ट क्रिकेट के लिए बेहतर पिचें होना बहुत जरूरी है, जिससे सिर्फ बल्लेबाजों का ही आत्मविश्वास नहीं बढ़ेगा बल्कि इसका मतलब यह भी होगा कि स्पिनरों को आसानी से विकेट नहीं मिलेंगे.

उन्होंने काह, ‘‘टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता दी जानी चाहिए क्योंकि यहीं आपको बेहतरीन क्रिकेट और बेहतरीन क्रिकेटर मिलते हैं. टेस्ट क्रिकेट में आपको सबसे कड़ा मुक़ाबला देखने को मिलता है क्योंकि यह पांच दिनों तक चलता है और हर दिन चुनौती अलग होती है. ''

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इस महान स्पिन गेंदबाज ने कहा कि स्पिन गेंदबाजी की कला अब खत्म होती जा रही है. उन्होंने कहा, ‘‘स्पिन गेंदबाजी की कला अब खत्म होती जा रही है. मैं बहुत कम ही लोगों को गेंद स्पिन करते हुए देखता हूं. स्पिनरों का काम ही गेंद को स्पिन करना होता है और अगर आप गेंद को स्पिन नहीं कर रहे हैं तो आप बल्लेबाजों के लिए चीजें आसान बना रहे हैं. ''

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