43 साल पहले 1983 वर्ल्ड कप का वो मैच, जब 17 रन पर ही भारत के टॉप 5 बल्लेबाज लौट गए थे पवेलियन, कपिल देव बने हीरो 

IND vs ZIM World Cup 1983: जिम्बाब्वे की टीम ने मुकाबले में बने रहने की पूरी कोशिश की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर उसे 235 रन पर ऑल आउट कर दिया. भारती टीम ने 60 ओवर में 266 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था.

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Indian Cricket History:

क्रिकेट के इतिहास में कुछ मुकाबले सिर्फ जीत और हार तक सीमित नहीं रहते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन जाते हैं. 18 जून 1983 को भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेला गया विश्व कप मैच भी ऐसा ही एक मुकाबला था. यह वही दिन था, जब कप्तान कपिल देव ने ऐसी ऐतिहासिक पारी खेली, जिसने न सिर्फ भारत को हार के मुंह से बाहर निकाला, बल्कि भारतीय क्रिकेट की तस्वीर भी बदल दी.

इंग्लैंड के टनब्रिज वेल्स मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में भारत की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही. जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह झकझोर दिया. महज 17 रन के स्कोर पर सुनील गावस्कर, के श्रीकांत, मोहिंदर अमरनाथ, संदीप पाटिल और यशपाल शर्मा जैसे पांच प्रमुख बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे. उस समय ऐसा लग रहा था कि भारत की पारी जल्द ही सिमट जाएगी.

ऐसे मुश्किल हालात में कप्तान कपिल देव ने मोर्चा संभाला. शुरुआत में उन्होंने विकेट बचाने पर ध्यान दिया, लेकिन जैसे ही उन्हें मौका मिला, उन्होंने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर जोरदार पलटवार शुरू कर दिया. मैदान के चारों ओर लगाए गए उनके शॉट्स ने मैच का पूरा रुख बदल दिया. कपिल देव ने 138 गेंदों पर नाबाद 175 रन बनाए, जिसमें 16 चौके और 6 छक्के शामिल थे. उस दौर में वनडे क्रिकेट में इतनी आक्रामक पारी खेलना अपने आप में असाधारण माना जाता था.

कपिल देव को रोजर बिन्नी और बाद में सैयद किरमानी का अच्छा साथ मिला. खासकर किरमानी के साथ उनकी साझेदारी ने भारत को संकट से बाहर निकाल दिया. एक समय 17 रन पर पांच विकेट गंवाने वाली टीम ने 60 ओवर में 266 रन का मजबूत स्कोर खड़ा कर दिया. यह उस विश्व कप की सबसे यादगार वापसी में से एक बन गई.

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लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम ने मुकाबले में बने रहने की पूरी कोशिश की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर उसे 235 रन पर ऑल आउट कर दिया. भारत ने यह मैच 31 रन से जीत लिया. इस जीत ने टीम का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा दिया और इसके बाद भारत ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. कुछ ही दिनों बाद कपिल देव की कप्तानी में भारतीय टीम ने लॉर्ड्स में वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार विश्व कप ट्राफी अपने नाम की.

इस ऐतिहासिक मुकाबले से जुड़ा एक दिलचस्प तथ्य भी है. जिस पारी को वनडे क्रिकेट की सबसे महान पारियों में गिना जाता है, उसका कोई आधिकारिक वीडियो फुटेज आज उपलब्ध नहीं है. दरअसल, उस दिन बीबीसी के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण मैच का प्रसारण नहीं हो सका. यही वजह है कि कपिल देव की 175 रन की पारी आज भी क्रिकेट की सबसे चर्चित, लेकिन सबसे कम देखी गई पारियों में शामिल है. यह पारी सिर्फ स्कोरबुक में दर्ज आंकड़ा नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के सुनहरे दौर की शुरुआत की कहानी है.

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