India vs Bangladesh Controversy: टी20 विश्व (T-20 World cup 2026) एक-एक दिन पग-पग अपने आयोजन की ओर बढ़ रहा है, लेकिन बांग्लादेश के भारत में न खेलने के अड़ियल रवैये के कारण मेगा इवटें से पहले ही एक अलग तरह का रोमांच पैदा हो गया है. ICC के पिछले दिनों से युद्ध स्तरीय प्रयास करने के बाद मामला सुलझने नहीं सका. और अब जल्द ही आईसीसी इस मुद्दे बांग्लादेश को लेकर तमाम विकल्पों या कोई एक अंतिम फैसला सुना सकता है. बहरहाल, अगर बांग्लादेश टी20 विश्व कप में नहीं खेलता है, तो उसे तीन बड़े नुकसान झेलने होंगे. चलिए तीनों के बारे में बारी-बारी से जान लीजिए
1. रैंकिंग पर पड़ेगा बड़ा असर
विश्व कप से हटने पर पर सबसे पहले बड़ा तात्कालिक झटका उसकी रैंकिंग को लगेगा. उसके मेगा इवेंट से हटने पर शामिल बाकी 19 टीमों को रैंकिंग अंक हासिल करने का मौका मिलेगा, जबकि बांग्लादेश की स्थिति जस की तस बनी रहेगी. इससे अगले T20 विश्व कप के लिए स्वतः क्वालीफिकेशन की उनकी संभावनाओं को गंभीर नुकसान पहुच सकता है. और यह लगातार ज्यादा प्रतिस्पर्धी होते जा रहे वैश्विक क्रिकेट ढांचे में किसी भी अंतरराष्ट्रीय टीम के लिए बहुत महंगा साबित हो सकता है.
2. झेलना होगा यह मोटा नुकसान
बांग्लादेश को दूसरा बड़ा नुकसान आर्थिक होगा. टूर्नामेंट से हटने की स्थिति में बीसीबी को आईसीसी से मिलने वाली 5 लाख अमेरिकी डॉलर की भागीदारी राशि छोड़नी पड़ेगी, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 5 करोड़ रुपये और बांग्लादेशी मुद्रा में करीब 6.67 करोड़ टका के बराबर है. बांग्लादेश की नाजुक वित्तीय स्थिति को देखते हुए आईसीसी से मिलने वाली यह तय रकम न मिलना उसके लिए बड़ा झटका होगा. साथ ही, बांग्लादेशी खिलाड़ियों को अपनी मैच फीस, परफॉरमेंस बोनस आदि से भी हाथ धोना पड़ेगा. इसको लेकर BCB पहले ही यह ऐलान कर चुका है कि वह खिलाड़ियों के नुकसान की भरपाई नहीं करेगा.
3. कई अल्पकालिक प्रतिबंध का खतरा
बांग्लादेश के विश्व कप से हटने की सूरत में ICC उस पर क्रिकेट खेलने पर अल्पकालिक प्रतिबंध के साथ ही वित्तीय जुर्माना भी लगा सकता है. यहां जुर्माने की कोई रकम तय नहीं है, लेकिन पूर्व में जिंबाब्वे और एसोसिएट्स देशों पर लगाए गए प्रतिबंधों के उदाहरण सामने हैं. प्रतिबंध के तहत ही तय अवधि के लिए बांग्लादेश से मैचों का आयोजन भी छीना जा सकता है.














