- रोहित का बचपन गरीबी में बीता और 12 साल की उम्र में क्रिकेट करियर के लिए बोरीवली आकर दादा-दादी के साथ रहने लगे.
- दिनेश लाड ने रोहित की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें स्वामी विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल में दाखिला दिलवाया था.
- रोहित ने 2005 में लिस्ट ए क्रिकेट में डेब्यू किया और 2007 में रणजी ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेलना शुरू किया
Rohit Sharma childhood photos: माथे पर टीका, पिता की गोद, पहली नजर में देखकर ही शायद ही कोई क्रिकेट फैन बता पाए कि यह प्यारा बच्चा कौन हैं. फैंस को शायद ही अंदाजा हो कि तस्वीर में दिख रहा मासूस बच्चा आगे चलकर 'मुंबई च राजा' बना, जिसने 22 गज की पिच पर राज किया और कई कीर्तिमान गढ़े. अगर आप भी नहीं पहचना पाए तो बता दें कि यह तस्वीर रोहित शर्मा की है. व्हाइट बॉल फॉर्मेट के दिग्गज रोहित शर्मा हाल ही में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां यह तस्वीर दिखाई गई तो रोहित के रिएक्शन ने सब कुछ बयां कर दिया. इस फोटो को देखते ही रोहित चहक उठे. उनके बगल वाली सीट पर उनती पत्नी रितिका सजदेह बैठी थीं और फोटो दिखाए जाने के बाद रोहित उन्हें इशारा करके कुछ बताते नजर आए. रोहित का रिएक्शन ऐसा था, जैसे एक पल को लगा कि उनका बचपन उनकी आंखों के सामने तैर सा गया. तस्वीर में रोहित की अपने पिता की गोद में है, जबकि उनके बगल में ही उनकी मां पूर्णिमा शर्मा खड़ी हैं.
गरीबी में बीता बचपन
रोहित शर्मा के पिता गुरुनाथ शर्मा, केयरटेकर का काम करते थे. उनकी आमदनी इतनी कम थी कि रोहित के पढ़ाई का खर्च उठाने में मुश्किल होती थी. ऐसे में रोहित जब 12 साल के थे, तब वह क्रिकेट में अपना करियर बनाने के लिए माता-पिता का साथ छोड़ बोरीवली आए, जहां वो अपने दादा-दादी और चाचा रवि के साथ रहते थे.
इस कैंप में रोहित पर नजर पड़ी दिनेश लाड की, जो वहां कोच की भूमिका निभा रहे थे. वह रोहित की ऑफ-स्पिन से प्रभावित हुए और उन्होंने रवि (रोहित के चाचा) को उन्हें स्वामी विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल में दाखिला लेने के लिए मना लिया. रोहित अपनी फीस माफ कराने में भी कामयाब रहे. इस बीच रोहित जल्द ही अपने दमदार खेल की बदौलत स्कूल मैनेजमेंट और स्थानीय क्रिकेट कम्युनिटी की नजरों में भी आ गए.
नेट सेशन में एक दिन देरी से पहुंचे दिनेश लाड ने जब रोहित को शैडो प्रैक्टिस करते हुए देखा, तबसे रोहित बल्लेबाजी पर भी काम करने लगे. दिनेश लाड ने ही रोहित से पारी की शुरुआत करवाई. हैरिस और जाइल्स शील्ड स्कूल क्रिकेट टूर्नामेंट में रोहित ने ओपनिंग करते हुए शानदार प्रदर्शन किया. रोहित को शुरुआत में आयु वर्ग क्रिकेट में सफलता नहीं मिली, लेकिन फिर उनकी किस्मत पलटी और उन्होंने मुंबई के चयन ट्रॉयल में कमाल दिखाया. इसके बाद तो रोहित ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
डोमेस्टिक से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का सफर किया तय
रोहित शर्मा ने 2005 में देवदध ट्रॉफी में वेस्ट जोन के लिए अपना लिस्ट ए डेब्यू किया था. पहले मुकाबले में वह आठवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए थे. इसके बाद उन्होंने न्यूजीलैंड ए के खिलाफ अपना फर्स्ट क्लाब डेब्यू किया था. 2006-2007 सीजन में रोहित ने मुंबई के लिए रणजी डेब्यू किया था और गुजरात के खिलाफ उन्होंने 205 रनों की दमदार पारी खेली थी. इसके अगले साल रोहित ने टीम इंडिया के लिए वनडे में डेब्यू किया था और फिर उसी साल उन्हें टी20 डेब्यू का मौका मिला था. जबकि इसके 6 साल बाद उन्होंने टेस्ट डेब्यू किया.
अब न्यूजीलैंड के खिलाफ दिखेंगे एक्शन में
करीब दो दशत लंबे करियर के बाद रोहित शर्मा ने टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट से संन्यास ले लिया और अब वह केवल वनडे फॉर्मेट में सक्रिय हैं. शानदार फॉर्म में चल रहे रोहित शर्मा अब न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज के दौरान एक्शन में दिखेंगे. फैंस को उम्मीद होगी कि रोहित ने जिस तरह से ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और उसके बाद विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया, वैसा ही वह कीवी टीम के खिलाफ करें.
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