T20 World Cup 2026 में सेमीफाइनल का टिकट हासिल करने के लिए शनिवार को पल्लेकल में श्रीलंका के खिलाफ ओपनर साहिबजादा फरहान (100 रन, 60 गेंद, 9 चौके, 5 छक्के) ने तूफानी शतकीय पारी खेलकर पहली पाली में अपनी टीम के बड़े स्कोर में वह बहुत ही अहम योगदान दिया, जिसकी सबसे बड़े मौके पर जरूरी थी. पाकिस्तान को बैटिंग शुरू करने के बाद श्रीलंका के खिलाफ सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए श्रीलंका को कम से कम 65 रन के अंतर से हराना था. ऐसे में पाकिस्तानी ओपनरों को टीम को तूफानी शुरुआत देने के साथ ही अपनी टीम को मजबूत स्कोर देना था, जिससे अंतिम चार में पहुंचने के लिए 65 रनों का अंतर पाटा जा सके. और इसी को ध्यान में रखते हुए साहिबजादा फरहान और फखर जमां (84 रन, 42 गेंद, 9 चौके, 4 छक्के) ने श्रीलंकाई बॉलरों पर ऐसा हमला बोला कि तमाम फैंस चौंक उठे. साहिबजादा फरहान और फखर जमां ने मिलकर पहले विकेट के लिए 15.5 ओवरों में ही 176 रन जोड़ कर सभी को हैरान कर दिया. इसी दौरान साहिबजादा फरहान ने वह कारनामा कर दिखाया, जो टूर्नामेंट के करीब 19 साल के इतिहास में पहले कोई बल्लेबाज नहीं कर सका. इसी कड़ी में साहिबजादा ने कोहली के विराट रिकॉर्ड पर भी पानी फेर दिया
साहिबजादा आगे, कोहली पीछे
शतकीय पारी के साथ ही साहिबजादा फरहान टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में किसी एक संस्करण में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए. चलिए जान लीजिए कि टूर्नामेंट के इतिहास में किसी बल्लेबाज ने एक संस्करण में कब सबसे ज्यादा रन बनाए.
रन बल्लेबाज साल
323* साहिबजादा फरहान 2026
319 रन विराट कोहली 2014
317 टी. दिलशान 2009
303 बाबर आजम 2021
302 महेला जयवर्द्धने 2010
कारनामा करने वाले 19 साल में पहले बल्लेबाज
साहिबजादा ने इस पारी के साथ एक और मेगा रिकॉर्ड बना दिया, जो भारतीय बल्लेबाजों के लिए बड़ा चैलेंज है. साहिबजादा फरहान ने जड़े 60 गेंदों पर तूफानी शतक के साथ ही एक और मेगा रिकॉर्ड बना दिया, जो पहले टी20 वर्ल्ड कप के करीब 19 साल के इतिहास में पहले कभी नहीं ही बना. और यह रहा किसी एक संस्करण में दो शतक बनाना. एक शतक तो कई बल्लेबाजों ने बनाए हैं, लेकिन एक ही संस्करण में दो शतक बनाने का सुख साहिबजादा फरहान के नसीब में ही हो सका है. इससे पहले साहिबजादा ने इसी महीने की 18 तारीख को ग्रुप स्टेज में नामीबिया के खिलाफ 58 गेंदों पर बिना आउट हुए पूरे सौ रन की पारी खेली थी. और करीब दस दिन बाद ही सबसे बड़ी जरूरत के मौके पर सुपर-8 राउंड के मुकाबले में साहिबजादा ने 60 गेंदों पर एक और शतक जड़ते हुए वर्ल्ड कप के इतिहास में खुद को वेरी-वेरी स्पेशल बल्लेबाजों में शुमार करा लिया.














