On this day in 2012: 16 मार्च का महीना क्रिकेट से जुड़ी कई बड़ी घटनाओं के साथ इतिहास में दर्ज है. 16 मार्च भी क्रिकेट के लिए ऐसा ही एक ऐतिहासिक दिन है. भारत में क्रिकेट को एक धर्म की तरह माना जाता है और सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) किसी भगवान से कम नहीं हैं. सोलह मार्च, 2012 वह दिन है जब सचिन ने एशिया कप के एक मुकाबले में बांग्लादेश के खिलाफ खेलते हुये शेर-ए-बंगाल स्टेडियम, मीरपुर में सैकड़ा जड़कर एक अभूतपूर्व रिकार्ड अपने नाम किया था. दरअसल एकदिवसीय क्रिकेट में सचिन का यह 49वां शतक था और टेस्ट क्रिकेट में वह 51 शतक पहले ही लगा चुके थे. इस तरह मास्टर ब्लास्टर ने शतकों का शतक पूरा किया. भारत रत्न से सम्मानित सचिन यह कीर्तिमान रचने वाले दुनिया के अकेले बल्लेबाज हैं. इस मुकाम पर उनसे पहले कोई नहीं पहुंचा.
करना पड़ा था 1 साल 4 दिन का इंतजार..
सचिन तेंदुलकर के लिए 100वां इंटरनेशनल (Sachin Tendulkar 100th international ton) शतक का इंतजार काफी लंबा हो गया था. वनडे में उन्होंने अपना 48वां शतक 12 मार्च 2011 को साउथ अफ्रीका के खिलाफ नागपुर में जमाया था. इस शतक के बाद सभी को उम्मीद की थी कि सचिन जल्द ही अपना 100वां इंटरनेशनल शतक जमाने में सफल हो जाएंगे. लेकिन अपने वनडे करियर के 48वें शतक के बाद उन्होंने अपना 49वां शतक 1 साल और 4 दिन के बाद 16 मार्च 2012 को जमाया था. टेस्ट हो या वनडे फैन्स उनके द्वारा एक शतक जमाने का जल्दी से इंतजार कर रहे थे.
जब भी सचिन उस दौरान बल्लेबाजी करने आते तो फैन्स टीवी पर चुंबक की तरह चिपक जाते थे. लेकिन फैन्स और सचिन के लिए यह इतंजार एक साल से ज्यादा का रहा. जब सचिन ने अपने इंटरनेशनल करियर में 100 शतक जमाए तो उनके चेहरे पर संतुष्टि का भाव स्पष्ट देखा गया था. सचिन ने अपने हेलमेट पर बने तिरंगा को चूमा और फिर अपने इस शतक का जश्न मनाया था. 16 मार्च 2012 का वह दिन भारतीय क्रिकेट के इतिहास में गोल्डन अक्षरो में लिखा गया है.
इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक जमाने का रिकॉर्ड
सचिन इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक जमाने वाले बल्लेबाज हैं. तेंदुलकर के बाद रिकी पोंटिंग ने 71 शतक जमाए हैं. इसके अलावा विराट कोहली ने 70 शतक जमाए हैं. साउथ अफ्रीका के जैक कैलिस के नाम 63 शतक इंटरनेशनल क्रिकेट में दर्ज है. सचिन के इस रिकॉ़र्ड को तोड़ने के करीब सिर्फ विराट कोहली हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें 31 शतक जमाने होंगे. लेकिन क्या कोहली ऐसा कर पाएंगे, यह भविष्य के पन्नों में छिपा है, क्रिकेट पंडितों का मानना है कि विराट के लिए यह रिकॉर्ड तोड़ना मुश्किल है. (इनपुट भाषा से भी)