पिछले महीने बांग्लादेश में हिंदुओं की निर्मम और वहशीपूर्ण तरीके से की गईं हत्या और वर्तमान में जारी इस तरह की घटनाओं के बाद पूरे देश भर में उपजे गुस्से और आईपीएल में बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तिफजुर रहमान को हटाने की मांग के आगे आखिरकार बीसीसीआई को झुकना पड़ा. और आखिरकार शनिवार को बोर्ड ने केकेआर को इस लेफ्टी पेसर को रिलीज करने फरमान फ्रेंचाइजी को जारी कर दिया. जाहिर है कि अब यह बांग्लादेशी गेंद इस साल इंडियन प्रीमियर लीग के संस्करण का हिस्सा नहीं बन पाएगा. लेकिन बोर्ड के इस बड़े फैसले के बाद अब एक और बड़ा सवाल पैदा हो गया है.
अब क्या फैसला लेगा बीसीसीआई?
मुस्तिफजुर रहमान को रिलीज करने का निर्देश देने के बाद निश्चित तौर पर यह मामला अब यहीं ही खत्म होने नहीं जा रहा. और इस फैसले के प्रतिफल आगे भी देखने को मिलेंगे. लेकिन अब यहां बीसीसीआई के सामने एक और बड़ा सवाल यह पैदा हो गया है कि क्या रहमान के फैसले के बाद बीसीसीआई इस साल प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार भारतीय टीम को बांग्लादेश दौर पर भेजेगा? यह सही है कि बांग्लादेश का दौर इस साल कई महीने बाद है, लेकिन यह सवाल बीसीसीआई का यहां से लगातार पीछा करता ही रहेगा. साफ है कि इस फैसले के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की भी प्रतिक्रिया होगी और बांग्लादेशी फैंस भी रिएक्ट करेंगे ही करेंगे. साथ ही, इस मामले को बांग्लादेश के राजनीतिक लोग भी अपनी द्रष्टि से देखेंगे ही देखेंगे. ऐसे में सवाल रुकेगा नहीं कि BCCI प्रस्तावित दौरे पर क्या फैसला लेने जा रहा है.
टीम इंडिया का यह है प्रस्तावित कार्यक्रम
इस साल के आखिर में या कहें सितंबर के महीने में भारतीय टीम को बांग्लादेश दौरे में 3 वनडे और इतने ही टी20 मैचों की सीरीज खेलनी है. वनडे मैच क्रमश: 1, 3 और 6 सितंबर को खेले जाएंगे, तो वहीं, टी20 मैच 9, 12 और 13 सितंबर को खेले जाएंगे. जाहिर है कि अब से लेकर सितंबर तक करीब 8-9 महीने का लंबा समय है, लेकिन जैसे हालात फिलहाल बांग्लादेश के चल रहे हैं. और जैसा बड़ा निर्णय बीसीसीआई ने जनमानस के दबाव के बाद लिया है, तो इसे देखते हुए बोर्ड इस प्रस्तावित दौरे के बारे में भी जल्द ही फैसला लेना होगा क्योंकि इस तरह के हालात के बाद बांग्लादेश जाना तो बिल्कुल भी संभव नहीं ही है.














