CSK vs SRH: संन्यास की अटकलों ने बढ़ाई धड़कनें!, चेपॉक के मैदान पर धोनी के इन 5 कारनामों को कभी नहीं भूलेंगे फैंस

MS Dhoni Five Great Feats at Chepauk, IPL 2026: चेन्नई को इस सीजन में अभी अपना आखिरी लीग मैच खेलना है और ऐसे में थाला को इस सीजन मैदान पर खेलते हुए देखने की आखिरी उम्मीद बची हुई है. आइये जानते हैं चेपॉक में धोनी के खास कारनामे.

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MS Dhoni Five Great Feats at Chepauk, IPL 2026:

MS Dhoni Five Great Feats at Chepauk, CSK vs SRH IPL 2026: चेपॉक की सूखी मिट्टी और पीली जर्सी के बीच एक ऐसा अटूट रिश्ता है, जिसे क्रिकेट इतिहास में हमेशा सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा. मौजूदा सीजन में पिंडलियों की चोट के कारण भले ही महेंद्र सिंह धोनी मैदान से दूर होटल के कमरों तक सीमित रहे हों और सीएसके के आखिरी घरेलू मैच में भी फैंस को उनके दीदार की उम्मीद नहीं दिख रही थी, लेकिन धोनी (MS Dhoni IPL Retirement) की मैदान में एंट्री हुई और चेपॉक में आखिरी घरेलू मुकाबले में वो टीम के साथ तस्वीर खिचाते नजर आये. इस मैदान के इतिहास से धोनी का नाम कभी अलग नहीं किया जा सकता. चेपॉक सिर्फ एक स्टेडियम नहीं, बल्कि 'थाला' धोनी का वो अभेद्य किला है जहां उन्होंने अपनी कप्तानी, विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी से विरोधी टीमों को घुटने टेकने पर मजबूर किया है. आइए नजर डालते हैं आईपीएल इतिहास में चेपॉक के मैदान पर दर्ज धोनी के उन 6 सबसे बड़े और यादगार कारनामों पर, जिन्होंने उन्हें चेन्नई का 'थाला' बनाया.

1. चेपॉक के किले पर बतौर कप्तान 44 से ज्यादा जीत का साम्राज्य

एमएस धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी करते हुए चेपॉक को आईपीएल इतिहास का सबसे खतरनाक घरेलू मैदान बना दिया. उन्होंने इस पिच की स्पिन-अनुकूल प्रकृति को भांपकर ऐसा चक्रव्यूह बुना कि विरोधी टीमें यहां आते ही ढह जाती थीं. धोनी के नाम चेपॉक में बतौर कप्तान 44 से अधिक आईपीएल मैच जीतने का एक ऐसा ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज है, जिसे तोड़ पाना किसी भी अन्य कप्तान के लिए नामुमकिन सा नजर आता है.

2. अपने ही घरेलू मैदान पर आईपीएल खिताब (2011)

साल 2011 का आईपीएल फाइनल चेपॉक के इतिहास का सबसे भावुक और गौरवशाली पल था. धोनी की अगुवाई में चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने होम ग्राउंड पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को मात देकर लगातार दूसरी बार ट्रॉफी उठाई थी. इसके साथ ही धोनी आईपीएल इतिहास के पहले ऐसे कप्तान बने, जिसने अपने घरेलू मैदान पर फाइनल मुकाबला जीतकर खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया और चेपॉक को जश्न के समंदर में डुबो दिया.

3. सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ क्लासिक फिनिशर (37 गेंदों में 67 रनों)  

आईपीएल 2013 में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेला गया मुकाबला धोनी की क्लासिक फिनिशर छवि का गवाह बना. एक बेहद मुश्किल और टर्निंग विकेट पर जब रन बनाना दूभर हो रहा था, तब धोनी ने महज 37 गेंदों पर नाबाद 67 रनों की विस्फोटक पारी खेली. आखिरी ओवरों में मैच को खींचकर ले जाना और छक्के के साथ टीम को जीत दिलाना इस कला का चेपॉक पर यह सबसे बेजोड़ प्रदर्शन था, जिसके लिए उन्हें 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया.

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4. विकेटों के पीछे 0.1 सेकंड का स्टंपिंग मास्टरक्लास

चेपॉक की टर्निंग और उछाल लेती पिचों पर विकेटकीपिंग करना दुनिया के सबसे मुश्किल कामों में से एक माना जाता है. लेकिन धोनी ने रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की स्पिन गेंदों पर विकेटों के पीछे जो फुर्ती दिखाई, उसने स्टंपिंग के मायने बदल दिए. चेपॉक की इसी जमीन पर धोनी ने महज 0.1 सेकंड की रफ्तार से स्टंपिंग करने के कारनामे किए, जिसने आईपीएल में विकेटकीपर के रूप में उनके रिकॉर्ड को सबसे मजबूत और अटूट बना दिया.

5. किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ डैथ ओवरों में तबाही (2019)

साल 2019 के एक मुकाबले में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ चेपॉक की पिच बेहद धीमी खेल रही थी. सीएसके की टीम रन बनाने के लिए संघर्ष कर रही थी, लेकिन धोनी ने आखिरी ओवरों में गियर बदला और केवल 23 गेंदों में नाबाद 37 रन कूट दिए. इस पारी की बदौलत चेन्नई ने एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया और मैच अपने नाम कर लिया. दबाव की स्थिति में आकर चेपॉक की धीमी पिच पर रन गति कैसे बढ़ानी है, यह धोनी ने इस मैच में बखूबी दिखाया था.

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