Ranji Trophy Final: 'मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि' जम्मू कश्मीर के रणजी ट्रॉफी जीतने पर बोले बोले कप्तान पारस डोगरा

Jammu Kashmir Captain Paras Dogra Statement: हुबली के केएससीए हुबली क्रिकेट ग्राउंड में जिस पल का जम्मू कश्मीर के फैंस को सालों से इतंजार था, वो जब आया तो खिलाड़ी मैदान पर ही जश्न में डूब गए.

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Jammu Kashmir Captain Paras Dogra Statement
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  • जम्मू कश्मीर ने कर्नाटक के खिलाफ ड्रॉ मैच में पहली पारी की बढ़त के आधार पर पहली बार रणजी ट्रॉफी जीती.
  • कप्तान पारस डोगरा ने यह जीत अपने जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि करार दी और टीम के प्रदर्शन की प्रशंसा की.
  • जम्मू कश्मीर ने पहली पारी में 584 रन बनाए, जबकि कर्नाटक 293 रन पर आउट होकर फॉलोआन के लिए मजबूर हुआ.
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Jammu Kashmir Captain Paras Dogra Statement: हुबली के केएससीए हुबली क्रिकेट ग्राउंड में जिस पल का जम्मू कश्मीर के फैंस को सालों से इतंजार था, वो जब आया तो खिलाड़ी मैदान पर ही जश्न में डूब गए. शानिवार के खेल शुरू होने से पहले ही तय था कि जम्मू कश्मीर इतिहास रच देगी और वो दोपहर को जब कप्तान पारस डोगरा ने पारी घोषित की तो मैच भी ड्रॉ हुआ तो खिलाड़ी खुशी से झूम उठे. जम्मू कश्मीर पहली बार रणजी चैंपियन बनी तो क्या कोच और क्या कप्तान और क्या खिलाड़ी सभी के चेहरे बयां करने के लिए काफीी थे कि जम्मू ने किया हासिल किया है. 

वहीं जम्मू कश्मीर के जीतने के बाद जब कप्तान पासर डोगरा से सवाल हुआ कि यह जीत उनके लिए क्या मायने रखती है, तो इस पर उन्होंने कहा,"मैं आपको बता नहीं सकता. मैरे पास अभी शब्द नहीं है. इस समय, यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है और मैं इसके लिए बहुत आभारी हूं. सच कहूं तो, जेकेसीए के साथ रहना मेरे लिए सौभाग्य की बात है और यहां के खिलाड़ी शानदार रहे हैं. वे बेहतरीन हैं और यह सिर्फ 11 खिलाड़ियों की बात नहीं है, बल्कि 14-15 खिलाड़ियों की बात है, आप देखेंगे तो पाएंगे कि वे भी कमाल के हैं. उन्होंने अपना पूरा योगदान दिया है और बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है. वे मैच जीतने के लिए पूरी तरह से उत्सुक हैं और शुरुआत से ही उन्हें पूरा यकीन था कि हम जीतेंगे." पारस डोगरा ने अपने भविष्य के बारे में आगे बोलते हुए कहा,"देखते हैं. मुझे जश्न मनाने दीजिए. आगे क्या होता है, आप देखेंगे."

जम्मू कश्मीर ने शनिवार को कर्नाटक के खिलाफ ड्रॉ रहे फाइनल में पहली पारी की बढ़त के आधार पर पहली बार रणजी ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट का खिताब जीतकर 67 साल का इंतजार खत्म करके इतिहास में अपना नाम दर्ज कर दिया. जम्मू कश्मीर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 584 रन बनाए थे जिसके जवाब में कर्नाटक की टीम 293 रन ही बना पाई थी. इस तरह से जम्मू कश्मीर को 291 रन की बढ़त मिली और उसने कर्नाटक को फॉलोआन के लिए आमंत्रित करने की बजाय दूसरी पारी खेलने का फैसला किया.

मैच के पांचवें और अंतिम दिन जम्मू कश्मीर ने जब तक अपनी दूसरी पारी में चार विकेट पर 342 रन बनाए थे तब दोनों टीम के कप्तान मैच को ड्रॉ करने पर सहमत हो गए और इस तरह से जम्मू कश्मीर पहली बार चैंपियन बन गया. जम्मू कश्मीर ने सुबह अपनी दूसरी पारी चार विकेट पर 186 रन से आगे बढ़ाई. कामरान इकबाल और साहिल लोत्रा ने कर्नाटक को एक भी सफलता हासिल नहीं करने दी और नाबाद शतक लगाए.

जब मैच ड्रॉ करने पर सहमति बनी उस समय सुबह अपनी पारी 94 रन से आगे बढ़ाने वाले इकबाल 160 और लोत्रा 101 रन पर खेल रहे थे. लोत्रा ने सुबह अपनी पारी 16 रन से आगे बढ़ाई थी. इस तरह से जम्मू कश्मीर में अपनी कुल बढ़त 633 रन कर दी थी. यह जम्मू कश्मीर का पहला रणजी ट्रॉफी खिताब है, जो इस टीम के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है. जम्मू कश्मीर ने इस तरह से रणजी ट्रॉफी जीतने का 67 साल का लंबा इंतजार भी खत्म कर दिया.

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