हाल ही में स्पोर्ट्स ऑफिसर की नौकरी हासिल करने वाले टीम इंडिया के लेफ्टी बल्लेबाज रिंकू सिंह (Rinku Singh) ने उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शुक्रिया अदा किया है. एक दिन पहले ही राज्य सरकार ने एक कार्यक्रम में रिंकू सिंह को रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर पद पर नियुक्ति का ऐलान किया था. लेकिन इन दिनों इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) की तैयारियों में व्यस्तता के कारण रिंकू कार्यक्रम में हिस्सा लेने नहीं आ सके थे. बहरहाल, अब एक दिन बाद रिंकू ने इस बड़े पद पर नियुक्ति देने के बाद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो पोस्ट कर प्रदेश सरकार का शुक्रिया अदा किया है. रिंकू ने कार्यक्रम में भाग न लेने के लिए खेद भी प्रकट किया. उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी खेल नीति के तहत रिंकू को टी20 विश्व कप और इससे पहले एशिया कप खिताबी जीत में रिंकू की भूमिका के लिए उन्हें सम्मानित किया.
पोस्ट किए वीडियो में रिंकू ने कहा, 'मुझे रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर पद पर नियुक्त करने के लिए मैं प्रदेश सरकार और माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शुक्रिया अदा करता हूं. साथ ही, मैं मुझे तीन करोड़ रुपये से सम्मान करने के लिए भी मैं मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करता हूं. मैं आईपीएल टीम के साथ होने के कारण कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सका. मैं जल्द ही मुख्यमंत्री सर से नियुक्ति पत्र हासिल करूंगा और उनका आशीर्वाद लेने आऊंगा '
इतना वेतन होगा रिंकू का: सैलरी ब्रेक-अप (लेवल‑10 पे मैट्रिक्स)
रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर के रूप में रिंकू सिंह यूपी सरकार में क्लास‑2 गजेटेड अधिकारी के तौर पर शामिल होंगे. और सातवें वेतन आयोग के अनुसार रिंकू की बेसिक तन्ख्वाह लगभग 56,100 से लेकर 65,000 रुपये प्रतिमाह होगी.
ग्रॉस सैलरी: महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और अन्य भत्तों को मिलाकर रिंकू की मासिक टेक‑होम सैलरी लगभग ₹70,000 से ₹80,000 होने की उम्मीद है. उनकी सैलरी में मानक सरकारी इन्क्रीमेंट भी लागू होंगे.
वार्षिक सुविधाएं: हालांकि यह उनकी प्रति T20I मैच ₹3 लाख की फीस का एक छोटा हिस्सा है, लेकिन इस पद के साथ लंबी अवधि की स्थिरता, सरकारी बंगला (उपलब्धता के अनुसार) और एक समर्पित पेंशन योजना जैसी सुविधाएं रिंकू को मिलेंगी.
खत्म हुई शैक्षिक बाधा की बात!
रिंकू की इस नियुक्ति ने उस विवाद का अंत कर दिया, जो करीब पिछले एक साल से चला रहा रहा था. दरअसल साल 2025 की शुरुआत में रिंकू को बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) नियुक्त करने का प्रस्ताव उनकी शैक्षणिक योग्यता के कारण अटक गया था. इसके बाद अब रिंकू सिंह की भूमिका को खेल विभाग में स्थानांतरित करके उत्तर प्रदेश सरकार ने एक विशेष पदक विजेता प्रावधान का उपयोग किया है. इसके तहत पारंपरिक शैक्षणिक डिग्रियों की तुलना में अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों को प्राथमिकता दी जाती है. अब रिंकू अपने निर्धारित क्षेत्र में खेल स्टेडियमों की निगरानी और जमीनी स्तर की प्रतिभाओं की पहचान (स्काउटिंग) के लिए जिम्मेदार होंगे.













