IND vs PAK: अलग-अलग होटलों में रहेंगी दोनों टीमें, टिकट का दाम 2.5 लाख श्रीलंकाई रुपये पहुंचा

कोलंबो के हर नुक्कड़-चौराहे पर बुद्ध की मूर्ति और बौद्ध मंत्र- बुद्धं शरणं गच्छामि आपको दिखाई-सुनाई दे सकते हैं. श्रीलंका में तकरीबन 70% बौद्ध, 12% हिन्दू, 10% मुस्लिम और 5-7% ईसाई धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
भारत बनाम पाकिस्तान

भारत-पाक क्रिकेट की दुनिया में कहीं भी बात हो तो धर्म-कर्म, यज्ञ, हवन, मेला-माहौल, बॉलीवुड, गाने-खाने सबकी बात होती है. चाहे किन्हीं हालात में मैच होना तय हुआ हो, इसे लेकर खासकर कोलंबो में गर्माहट बढ़ती ही जा रही है. पारा चढ़ता जा रहा है. श्रीलंका के आर प्रेमदासा स्टेडियम के ठीक बाहर जहां से टीमें स्टेडियम में एंट्री करती हैं, कोने में एक सफेद संगमरमर की बुद्ध की प्रतिमा है. शायद सिर्फ़ ये प्रतिमा ही भारत-पाक मैच और टिकट तलाशते फ़ैन्स को निस्संग भाव से देख रही हैं. 

कोलंबो के हर नुक्कड़-चौराहे पर बुद्ध की मूर्ति और बौद्ध मंत्र- बुद्धं शरणं गच्छामि आपको दिखाई-सुनाई दे सकते हैं. श्रीलंका में तकरीबन 70% बौद्ध, 12% हिन्दू, 10% मुस्लिम और 5-7% ईसाई धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं. वैसे वर्ल्ड कप के दौरान इन सबका धर्म क्रिकेट बन गया है. वर्ल्ड कप का त्यौहार सब मिलकर ही मना रहे हैं.  

इस मूर्ति के ठीक सामने एक छोटा सा टिकट काउंटर भी है. प्रेमदासा स्टेटिडम की 35000 की क्षमता भारत-पाक महामुकाबले के लिए काफी छोटी पड़ गई है. स्टेडियम के बाहर कई क्रिकेट फैन्स बेबसी से टिकट तलाश रहे हैं.  

बिक गये हैं सारे टिकट

NDTV की टीम कोलंबो के काउंटर पर टिकट की पड़ताल करती है तो बताया जाता है कि सारे टिकट बिक चुके हैं. मगर फैन्स हैं कि मानते नहीं. टिकट काउंटर के बाहर बुज़ुर्ग मुनव्वर मिल जाते हैं जो भारत-पाकिस्तान मैच के लिए कोलंबो आये हैं. वो कहते हैं, 'पाकिस्तान से सिर्फ़ इसी मैच के लिए आया हूं. महंगे, ब्लैक में भी टिकट खरीदने को तैयार हूं. लेकिन टिकट नहीं मिल रहा.'

कोलंबो के ही रहने वाले जेनित बताते हैं, 'मैरे पिताजी चेन्नई के रहने वाले थे. मैं कोलंबो में ही रहता हूं. मैं तिलक वर्मा, सूर्या, अभिषेक, बुमराह, ईशान सबको देखना चाहता हूं. यहां काउंटर पर कह रहे हैं टिकट सोल्ड आउट.' 

टिकट काउंटर के बाहर दो-तीन घंटे से खड़े अकिल कहते हैं, 'मुझे एक टिकट 800 अमेरिकी डॉलर (72,000 भारतीय रुपये या करीब 2.5 लाख श्रीलंकाई रुपये) की मिल रही थी. इतना महंगा कैसे खरीद सकता हूं?' टिकटों को लेकर ये मारामारी 15 फ़रवरी तक अपने ऊफ़ान पर होगी.  

Advertisement

200 साल पुराना चर्च, सांप और बंदर

कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम की ओर जाते वक्त ITC होटल है- जहां भारतीय टीम और कॉमेन्टेटर्स का डेरा है, सिनामोन लाइफ़ होटल है- जहां पाकिस्तान और दूसरी टीमों का डेरा है और रामाडा होटल है जहां कई ब्रॉडकास्टर्स रुके हुए हैं. पाकिस्तान की टीम सिनामोन लाइफ़ होटल के 24वीं मंज़िल पर रह रही है. सुरक्षा बढ़ा दी गई है. 

रामाडा से प्रेमदासा स्टेडियम जाते वक्त एक छोटा से सफेद चर्च है. 1832 में बने इस खूबसूरत 200 साल पुराने चर्च के बाहर इक्का-दुक्का लोग ही मिलेंगे. लेकिन कुछ विदेशी क्रिकेट खिलाड़ी यहां भी तस्वीरें लेते दिख जाते हैं. 

Advertisement

चर्च से 20-25 मिनट की दूरी पर गॉल फेस का समुद्री किनारा भी कमाल का है. एकदम साफ़. अलग-अलग किस्म के सैलानी. और तभी एक बंदर वाले और एक सांप वाले लोगों को उनके करतब दिखाकर पैसा मांगते भी दिखते हैं. सांपवाला NDTV संवादताता विमल और रिका को किंग कोबरा और अजगर दिखाता है. बंदरवाला तमाशे दिखाकर माहौल तैयार कर रहा होता है. इस बीच भी लोगबाग भारतीय क्रिकेट टीम के कोलंबो आने की तारीख, वक्त और ख़बर पूछ रहे होते हैं. 

आसमान छूती हवाई टिकटों की कीमतें

प्रेमदासा स्टेडियम से पेट्टाह की ओर जाएं तो कई ट्रैवल एजेंट्स- मैच कनसल्टेंट बन गए हैं. दिल्ली से कोलंबो की इकॉनमी टिकट की कीमत 16-17000 से बढ़कर 1.10 लाख रुपये तक हो गई है. बिज़नेस क्लास की टिकट तो 2 लाख रुपये में बिक रही है. कोलंबो में सभी होटल को मिला दें तो तकरीबन 3500- 4000 कमरे हैं जो फुल हो गए हैं. एयरबीएनबी और छोटे-छोटे गेस्ट हाउस में कमरों की तलाश तेज़ हो गई है. 

इसे कहते हैं भारत-पाकिस्तान मैच का माहौल बनना. 15 फ़रवरी को दुनिया भर के कम से कम एक तिहाई आबादी की नज़रें कोलंबो में होनेवाले क्रिकेट मैच पर रहेंगी और पिच पर खेल रहे 22 खिलाड़ी तय करेंगे कि मैच के बाद किसे खुश होना है और कौन भारी मन से मैच को याद करेगा.

Advertisement

यह भी पढ़ें- IND vs NAM: बल्लेबाजों ने दिल्ली में आखिर ऐसा क्या किया, जिससे नाराज हो गए गौतम गंभीर? आंखें बयां कर रही हैं दर्द

Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | UP से बंगाल तक 'बाबरी' पर सियासी दंगल! Imran Masood Exclusive | Humayun Kabir
Topics mentioned in this article