मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित राजवाड़ा क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इंस्टाग्राम अकाउंट अनऑफिशियल हिमांशु पर शेयर किए गए इस वीडियो में व्हीलचेयर क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके खिलाड़ी गोलू चौधरी अपनी आर्थिक चुनौतियों के बारे में बताते नजर आ रहे हैं. इंटरव्यू के दौरान उन्होंने दावा किया कि उन्हें खेलने के लिए कोई भुगतान नहीं मिलता और टूर्नामेंट में जाने के लिए यात्रा खर्च भी खुद उठाना पड़ता है.
वीडियो में देखा जा सकता है कि दिवाली के सीजन में वह एक व्यस्त बाजार में जमीन पर रखे पोस्टर और सजावटी सामान बेच रहे हैं. वीडियो के अनुसार, गोलू चौधरी मध्य प्रदेश व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के एक्टिव कप्तान हैं और इंडियन व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के एक्टिव क्रिकेटर भी हैं. इसके बावजूद वह इंदौर के राजवाड़ा इलाके में त्योहार के दौरान पोस्टर बेचकर अपनी आजीविका चलाने की कोशिश कर रहे हैं.
'खुद ही करना पड़ता है खर्च'
वीडियो में गोलू चौधरी ने दावा किया कि व्हीलचेयर क्रिकेट खेलने के लिए उन्हें कोई नियमित भुगतान नहीं मिलता. उन्होंने यह भी कहा कि टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए यात्रा टिकट का इंतजाम भी खुद करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि हमारा दिव्यांग कोच रहता है. जब नहीं होता तब खुद ही टिकट लेकर सफर करते हैं. उन्होंने जमीन पर रखे सामान को लेकर कहा कि, वह उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दो-तीन दिनों में उनका पूरा सामान बिक जाएगा.
वायरल वीडियो ने उठाए समर्थन से जुड़े सवाल
वीडियो रिकॉर्ड करने वाले कंटेंट क्रिएटर Unofficial Himanshu ने खिलाड़ी की कहानी शेयर करते हुए खेल प्रतिभाओं को मिलने वाले आर्थिक समर्थन पर सवाल उठाए हैं. पोस्ट में कहा गया है कि यदि कोई खिलाड़ी राज्य और देश का प्रतिनिधित्व कर चुका है, तो उसके लिए बेहतर सहायता और अवसर सुनिश्चित किए जाने चाहिए.
सोशल मीडिया पर बढ़ी चर्चा
वीडियो पर आए कमेंट्स में बड़ी संख्या में लोगों ने गोलू चौधरी की संघर्षपूर्ण कहानी पर चिंता जताई और उनके लिए बेहतर समर्थन की मांग की. कई यूजर्स ने कहा कि देश और राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा और सुविधाएं मिलनी चाहिए. एक यूजर ने लिखा, ऐसे खिलाड़ियों की स्थिति देखकर दुख होता है. कई लोगों ने संबंधित खेल संगठनों और अधिकारियों को टैग करते हुए मामले पर ध्यान देने की अपील भी की.
वहीं कुछ यूजर्स ने गोलू चौधरी के जज्बे और आत्मसम्मान की सराहना की. एक कमेंट में लिखा गया, 'कोई काम छोटा नहीं होता, मेहनत करके अपना और परिवार का भरण-पोषण करने में कैसी झिझक? दुख इस बात का है कि देश का प्रतिनिधित्व करने के बाद भी उन्हें वह सम्मान और सुविधाएं नहीं मिल रहीं जिनके वे हकदार हैं.' एक अन्य यूजर, जिसने खुद को खिलाड़ी का परिचित बताया, ने लिखा कि 'गोलू भाई मध्य प्रदेश टीम और भारत के बेहतरीन ऑलराउंडरों में से एक हैं और उन्हें ज्यादा से ज्यादा समर्थन मिलना चाहिए ताकि वह आगे भी देश के लिए खेलते रहें.'
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