India V/S Namibia: टीम इंडिया खेले जा रहे टी20 विश्व कप (T20 World Cup 2026) में अपना दूसरा वीरवार को नामीबिया के खिलाफ दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेलेगी. वास्तव में यह मुकाबला पाकिस्तान से पहले मैच के लिए भारत के लिए एक और अच्छा पूर्वाअभ्यास है. बहरहाल, इस से पहले मंगलवार को सहायक कोच रेयान टेन डोइशचेट ने डिटेल से कई पहलुओं पर डिटेल से जवाब दिए. यूएएस के खिलाफ एक समय भारत की स्थिति को लेकर पछे गए सवाल पर सहायक कोच ने कहा, 'सच कहूं तो 77 पर 6 की स्थिति में मैं कितना दबाव महसूस कर रहा था, ये सिर्फ मैं जानता हूँ. हमने सीखा कि हम थोड़ी बेहतर या समझदारी भरी बल्लेबाज़ी कर सकते थे. छोटी-छोटी साझेदारियां हमें 160 तक ले जा सकती थीं'.उन्होंने कहा, 'आधुनिक खेल में स्वभाव यह हो गया है कि पहली ही गेंद को मारो और अक्सर छक्के के लिए मारो. लेकिन कभी-कभार ऐसे मौके आते हैं, जब आपको खुद को थोड़ा संभालकर खेलने की ज़रूरत होती है. मुंबई की पिच ने थोड़ा खुद को ज्यादा बेहतर अमल में लाने और रणनीति में बदलाव की बात कह रही थी. खासकर जब हम पावरप्ले में विकेट खो रहे थे और 70 पर छह थे.'
टेन डोइशचेट ने बैटिंग में एप्रोच के बदलाव पर कहा, 'बल्लेबाज़ी का आत्मविश्वास हमारे कौशल और पिछले दो वर्षों की मेहनत से आता है. उन्होंने यह कई बार किया है और अच्छा परिणाम मिला है. यह उनके लिए असामान्य या मुश्किल बात नहीं है, लेकिन विकेट वैसा नहीं खेल रहे हैं, जैसा हमने सोचा था. हमें इनके अनुसार खुद को ढालना होगा. मुंबई में हम और बेहतर कर सकते थे, और इस पर हम बात करेंगे.' असिस्टेंट कोच ने तो यह भी कहा कि उनकी टीम की बॉलिंग स्ट्रेंथ बल्लेबाज़ों को जोखिम लेने की आज़ादी देती है. बैकअप प्लान का ज़िक्र सिर्फ इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इस टूर्नामेंट में पिचों ने गेंदबाज़ों को बढ़त दी है.
उन्होंने कहा, 'हमारे पास वर्ल्ड-क्लास गेंदबाज़ हैं, इसलिए बल्लेबाज़ों को गलती करने की आज़ादी है. इस फॉर्मेट में अगर आप हमेशा 250 के लिए मारेंगे, तो गलतियां होंगी ही होंगी और हमें उन्हें स्वीकार करना होगा. लेकिन पहले 5-6 दिनों में विकेट जैसी खेली हैं, उससे लगता है कि रणनीति में थोड़ा बदलाव ज़रूरी हो सकता है.'














