IND vs SRI 2nd Test: सारांश जैन ने रचा इतिहास, भारत के 94 साल के इतिहास में 5 'स्पेशल' बॉलरों में हुए शामिल, जीवन की 5 बड़ी बातें

Saransh Jain's: सारांश जैन ने घरेलू क्रिकेट में खेल रहे तमाम युवा खिलाड़ियों के लिए एक बेहतरीन उदाहरण हैं कि कोशिश करने वाले की हार नहीं होती. लक्ष्य सामने रखकर मेहनत की जाए, तो लक्ष्य मिल ही जाता है

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
IND vs SL 2nd Test: सारांश जैन ने अपने डेब्यू टेस्ट में पहली पारी में 2 विकेट लिए
source: X

Saransh Jain's record: टीम इंडिया के नए ऑफ स्पिनर सारांश जैन (Saransh jain) युवा क्रिकेटरों के लिए एक बड़ा पॉजिटिव हैं कि कोशिश करने वाले की हार नहीं होती. प्रतिभा उनकी सीमित है, गेंदों को उतना घुमाव नहीं मिलता, जैसा पूर्व में भारत के पारंपरिक ऑफ स्पिनरों के पास रहा है, लेकिन घरेलू क्रिकेट में बिना थके लगे रहे, तो भारत के लिए टेस्ट जर्सी पहने में सफल हो ही गए. और अब  सारांश ने खुद को कोलंबो के सिहंली स्पोर्ट्स क्लब में दूसरे टेस्ट के चौथे दिन खास कारनामा करते हुए खुद को भारतीय टेस्ट इतिहास के ऐसे शीर्ष 5 गेंदबाजों में शामिल करा लिया, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा उम्र में अपने करियर का पहला विकेट लिया.  हालांकि, सारांश ने रिकॉर्डबुक के ये आंकड़े तीसरे दिन मंगलवार को ही बदल दिए थे, लेकिन वह बुधवार को भी वह एक और विकेट लेने में सफल रहे. कुल मिलाकर सारांश ने फेंके 20.4 ओवरों में 49 रन देकर 2 विकेट चटकाए. चलिए जान लीजिए कि भारत के करीब 94 साल के टेस्ट इतिहास में वो शीर्ष पांच गेंदबाज कौन हैं, जिन्होंने देश के लिए सबसे ज्यादा उम्र में पहला विकेट लिया. 

            गेंदबाज
विकेट के समय उम्रबनाम खास बात
रुस्तमजी जमशेदजी41 साल, 27 दिन इंग्लैंड, मुंबई, 1933बाएं हाथ के स्पिनर,  इकलौते टेस्ट में 137 रन देकर 3 विकेट लिए

आमिर इलाही

बनाम ऑस्ट्रेलिया, सिडनी, 1947ऑस्ट्रेलिया, सिडनी, 1947लेग स्पिनर, भारत के लिए खेलने के बाद बाद में पाकिस्तान चले गए
केकी तारापोर37 साल, 329 दिनबनाम वेस्टइंडीज, दिल्ली, 1948बाएं हाथ के स्पिनर, करियर में सिर्फ एक टेस्ट मैच खेला
श्यूट बनर्जी37 साल, 124 दिनबनाम वेस्टइंडीज, मुंबई, 1949तेज-मध्यम गति के गेंदबाज, मैच में शानदार 5 विकेट चटकाए
सारांश जैन33 साल, 145 दिनबनाम श्रीलंका, कोलंबो, 2026ऑफ-स्पिनर, 21वीं सदी में भारत के सबसे उम्रदराज टेस्ट डेब्यू करने वाले खिलाड़ी

सारांश जैन के जीवन की 5 बड़ी बातें

सारांश जैन का भारतीय टेस्ट टीम तक का सफर बेहद भावुक और प्रेरणादायी है. 33 वर्ष की उम्र में बिना किसी आईपीएल चकाचौंध के भारतीय टीम में शामिल होकर टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले इस खिलाड़ी के बारे में कुछ ऐसी अनकही और अनसुनी बातें जो उनके संघर्ष को बयां करती हैं:पारिवारिक सपने और बड़ा बलिदान

क्रिकेट विरासत का सपना 

सारांश के पिता सुबोध जैन स्वयं मध्य प्रदेश के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेल चुके थे. उनका सपना भारत के लिए खेलने का था, जो पूरा नहीं हुआ, तो उन्होंने यही सपना अपने बेटों में देखा.

बड़े भाई से ट्रांसफर हुआ सपना 

शुरुआत में सारांश के बड़े भाई को परिवार की मुख्य क्रिकेट उम्मीद माना जाता था. जब बड़े भाई का करियर आगे नहीं बढ़ पाया, तब पूरा ध्यान और उम्मीदें सारांश पर टिक गईं.

Advertisement

पिता की बीमारी और छुपाया गया सच 

जब सारांश अपने शुरुआती दिनों में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थे, तब भारत में उनके पिता को ओरल (मुंह का) कैंसर का पता चला और उनकी सर्जरी हुई. सारांश का खेल प्रभावित न हो, इसलिए परिवार ने यह बात उनसे तब तक छुपाई जब तक वे वापस घर नहीं लौट आए

चिट्ठी का वो अनमोल टुकड़ा

सर्जरी के बाद पिता सुबोध जैन ठीक से बोल नहीं पाते थे। उन्होंने कागज पर लिखकर सारांश को केवल अपने क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करने को कहा. पिता की वह लिखी हुई चिट्ठी आज भी सारांश के पास उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा के रूप में सुरक्षित है

Advertisement

सरकारी नौकरी का संघर्ष

घरेलू क्रिकेट के शुरुआती दिनों में जब क्रिकेट से पर्याप्त आय नहीं हो रही थी, तब सारांश ने सरकारी नौकरी करने का फैसला लिया. वे इंडिया पोस्ट (भारतीय डाक) में काम करते थे, जहां सुबह फाइलों और डाक को संभालते थे और शाम को सीधे नेट्स में पसीना बहाते थे.

Featured Video Of The Day
मांगुर मछलियों को क्‍यों खोज-खोजकर नष्‍ट कर रहा नागपुर प्रशासन?

Topics mentioned in this article
Saransh Subodh Jain
India
Sri Lanka
Sri Lanka Vs India 08/23/2026 Slin08232026272146
Cricket