Prasidh Krishna V/S ri Lanka possible follow on: श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन श्रीलंका को बैकफुट पर भेजने का काम मानव सुथार ने नहीं, बल्कि पेसर प्रसिद्ध कृ्ष्णा ने किया. दूसरे दिन मानव के शुरुआत करने करने बाद उम्मीद की जा रही थी कि तीसरे दिन के पहले सेशन में वह श्रीलंका की हालत दूसरे दिन के आखिरी पलों जैसी ही पतली करेंगे, लेकिन लंच तक नाबाद रहे पसिंदू सूरियबंदरा (नाबाद 65) रन ने श्रीलंका को हत्थे से उखड़े से बचा लिया. बहरहाल, लंच के पहले सीजन में मेजबानों के पसीने छुड़ाए लंबू पेसर प्रसिद्ध कृ्ष्णा ने. पहल दिन लहिरु ऊदारा (1) को चलता कर भारत को शानदार शुरुआत देने वाले प्रसिद्ध कृष्णा ने दूसरे दिन सुबह रणनीति बदलते हुए 'अपनी ताकत' पर लौटने की रणनीति बनाई.
काम कर गई प्रसिद् की रणनीति
प्रसिद्ध कृ्ष्णा ने सिंहली स्पोर्टस क्लब की पिच, मौमस और मेजबान पेसर अंसिथा की रणनीति पर अमल करते हुए लंकाई बल्लेबाजों के खिलाफ शॉर्ट-पिच और बाउंसर से हमला बोलने की रणनीति बनाई. यही कृष्णा की ताकत रही है, लेकिन सफलता उन्हें कम मिली है. बहरहाल, तीसरे दिन कृ्ष्णा को इसका पूरा का पूरा फायदा मिला. पहले कंधे का इस्तेमाल कर उठाई गेंद से उन्होंने कामिल मिशारा को जुरेल के हाथों लपकवाया. वहीं, लंच से कुछ ही देर पहले जमकर खेल रहे कमिंदु (32) शॉर्ट-पिच गेंद पर पुल करने की कोशिश में जडेजा के हाथों लपके गए. इसी के साथ ही श्रीलंका ने 122 पर चौथा विकेट गंवा दिया. यह चार में से प्रसिद्ध कृष्णा का तीसरा विकेट रहा और वह अपनी बाउंसर और शॉर्टपिच रणनीति के साथ और खतरनाक दिखाई पड़ रहे हैं.
यहां से फॉलोऑन बचाना श्रीलंका के लिए बड़ा टेस्ट!
भारत के पहली पारी में बनाए 509 रन के जवाब में मेजबान टीम को फॉलोऑन टालने के लिए 304 रन बनाने थे. लेकिन लंच से पहले 2 विकेट और गंवाने के साथ ही श्रीलंका पर इसे बचाने का दबाव और ज्यादा बढ़ गया है. और अब यहां से उसे फॉलोऑन टालने के लिए 182 रन और बनाने हैं और उसके हाथ में 6 विकेट और हैं.