India vs South Africa: खेले जा रहे T20 World Cup 2026 के सुपर-8 राउंड में रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को दक्षिण अफ्रीका ने करोड़ों भारतीय फैंस को निराश करते हुए टीम सूर्यकुमार को 76 रन से हरा दिया. इसी के साथ ही करोड़ों भारतीय फैंस और टीम इंडिया का सुपर-8 राउंड में जीत के साथ आगाज करने का सपना चूर हो गया. इससे भी ज्यादा निराशा की बात हार का अंतर रहा, जो निश्चित रूप से टीम इंडिया के नेट रन-रेट पर खासा असर डालेगा. मतलब यह है कि अगर खुदा न खास्ता कोई एक मैच आगे फंसता है, तो इस सूरत में यह हार बहुत ही ज्यादा सालने वाली हो सकती है. कुछ देर शिवम दुबे (432 रन, 37 गेंद, 1 चौका, 3 छक्के) टिके जरूर, लेकिन यहां कुछ ऐसा चाहिए था, जो डेविड मिलर (David Miller) ने पहली पारी में दिखाया. साथ ही वह साथ भी चाहिए था, जो ब्रेविस ने दिया. यह नहीं ही हुआ, तो दुबे का यह प्रयास ऊंट के मुंह में जीरे जैसा साबित हुआ. और टीम इंडिया का बोरिया-बिस्तर 18.5 ओवरों में 111 रनों पर बंध गया. दक्षिण अफ्रीकी पेसर और स्पिनर दोनों ही भारतीय बल्लेबाजों के लिए जरूरत से ज्यादा भारी साबित हुए. लेफ्टी मार्को जानसेन ने चार, कॉर्बिन बॉश और लेफ्टी स्पिनर केशव महाराज ने तीन विकेट लिए.
भारत की पारी:
भारत की खराब शुरुआत
भारत को 188 रनों के पीछे के लिए यहां न केवल पावर-प्ले के शुरुआती छह ओवरों का फायदा उठाना अनिवार्य था, बल्कि ठोस साझेदारी भी हर हाल में जरूरी थी, लेकिन प्रचंड फॉर्म में चल रहे ईशान किशन (0) पहले ही ओवर में गए, तो फिर भारत का स्कोर जल्द ही 3 विकेट पर 26 और फिर 5 विकेट पर 51 रन हो गया. तस्वीर साफ हो गई और इन हालात के हिसाब से ही परिणीति हुई, लेकिन समग्र मैच के लिहाज से ऐसे अंत की उम्मीद भारतीय फैंस ने नहीं ही की थी. कुल मिलाकर शुरुआत खराब हुई, तो यही ऐसी हार की बड़ी वजह बन गई.
दक्षिण अफ्रीका की पारी:
खराब शुरुआत, पटरी से उतरी गाड़ी
टॉस जीतने के बाद दक्षिण अफ्रीकी ओपनरों ने पिच पर खासी रुककर आती गेंदों पर हमला करने की गलत रणनीति बनाई. और ऊपर से दोनों भारतीय पेसर अर्शदीप और जसप्रीत बुमराह के सुपर टप्पे, मिश्रण का तड़का लगाया, तो स्ट्रोक खेलना कहीं मुश्किल हो गया. यही वजह रही कि बुमराह के दूसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर अनुभवी डिकॉक का शॉट बहुत हद तक धूल में लट्ठ चलाने जैसा रहा. गेंद का टप्पा पीछे रह गया, तो वह बोल्ड हो गए. दक्षिण अफ्रीका लगे झटकों से संभला भी नहीं था कि शुरुआती छह ओवरों में जल्द ही एक के बाद एक और विकेट गिए कप्तान मार्कराम उड़ाने की कोशिश में सर्किल में हार्दिक के हाथों लपके गए, तो कुछ देर बाद ही लेफ्टी रियान रिकल्टन को बुमराह की स्लोअर समझ ही नहीं आई, जब तक समझ आती, तब तक काम हो चुका था. दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 3 विकेट पर 20 हो गया.
मिलर और ब्रेविस बने सहारा
हालात बहुत ही विकेट हुए, तो अनुभवी डेविड मिलर (63 रन, 35 गेंद, 7 चौके, 3 छक्के) ने अनुभव के साथ धैर्य और आक्रामकता दोनों का ही बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए जरूरत के समय बहुत ही बेहतरीन पारी खेली. नंबर-5 बल्लेबाज की इस फॉर्मेट में ऐसी पारी यदा-कदा दिखती है. दूसरे छोर पर मिलर को ब्रेविस (44 रन, 24 गेंद, 1 चौका, 3 छक्के) के रूप में अच्छा जोड़ीदार मिला. और इन दोनों ने चौथे विकेट के लिए 97 रन जोड़कर टीम को खराब शुरुआत से उबारते हुए पिच को देखते हुए एक अच्छे स्कोर की ओर धकेल दिया. ब्रेविस पचासे से चूके, लेकिन मिलर का किलर अंदाज जारी रहा.
स्टब्बस ने दिया मेहनत को अंजाम!
दक्षिण अफ्रीका के अच्छे स्कोर (पिच को देखते हुए, 187) की जो नींव मिलर और ब्रेविस रखी, उसे ट्रिस्टियन स्टब्बस (नाबाद 44 रन, 24 गेंद, 1 चौका, 3 छक्के) ने तूफानी अंदाज से मंजिल तक लगभग पहुंचा दिया. पारी के आखिरी ओवरों में स्टब्बस ने समापन लगातार दो छक्कों से किया, तो स्कोर भी कोटे के ओवरों में 7 विकेट पर 187 रन हो गया. भारत के लिए जसप्रीत बुमराह ने 3, अर्शदीप ने 2 और वरुण चक्रवर्ती और शिवम दुबे ने एक-एक विकेट लिया. लेकिन अच्छी शुरुआत के बाद दक्षिण अफ्रीका का इस स्कोर तक पहुंचना भारतीय बॉलिंग की नाकामी को बयां कर गया.
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