- संजू सैमसन के पिता दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल थे, संजू ने दिल्ली में पढ़ाई और क्रिकेट कोचिंग की थी
- अंडर-13 में चयन न मिलने पर संजू के पिता ने दिल्ली पुलिस से VRS लेकर केरल जाकर संजू का क्रिकेट करियर आगे बढ़ाया
- संजू ने केरल की अंडर-13,16 और अंडर-19 टीमों की कप्तानी की और अच्छे प्रदर्शन के बाद अंडर-19 टीम में चुने गए
संजू सैमसन विश्व कप जीतने वाली टीम के प्लेयर ऑफ दी टूर्नामेंट रहे.सोचिए जिसको पहले टीम में जगह नहीं मिली.उनसे पहले ईशान किशन को मौका दिया गया. विकेटकीपर भी वही रहे मगर जब अभिषेक शर्मा के रन नहीं बने और ढेर सारे बाएं हाथ के बल्लेबाज टीम में हो गए. इनमें अभिषेक शर्मा,ईशान किशन,तिलक वर्मा,शिवम दुबे और अक्षर पटेल तब जाकर संजू सैमसन को टीम में लाया गया.लेकिन इससे इतर कम लोगों को ही पता होगा कि संजू का दिल्ली कनेक्शन भी है. उनके पिता दिल्ली पुलिस में थे.
दिल्ली पुलिस में थे संजू सैमसन
विकेटकीपर संजू सैमसन के पिता दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल थे. वो खुद फुटबॉल के खिलाड़ी थे और दिल्ली के लिए खेला.संजू दिल्ली में पढ़े और दिल्ली में क्रिकेट की कोचिंग भी की, लेकिन जब संजू का अंडर-13 में चयन नहीं हुआ तब संजू के पिता ने दिल्ली पुलिस से वीआरएस लिया और फुटबॉल खेलना भी छोड़ दिया. इसके बाद वह केरल चले गए.वहां पर संजू ने कई एकेडमी में ट्रेनिंग की और अंडर 13 का कप्तान बने और 937 बनाए फिर अंडर 16 और अंडर 19 की केरल टीम के लिए कप्तानी की.
एक मौका और बन गए चैंपियन
संजू को उनके प्रदर्शन के आधार पर संजू को अंडर 19 में चुना गया मगर अच्छा प्रदर्शन ना करने की वजह से अंडर 19 की विश्व कप से बाहर हो गए.बार बार मौका मिलने और मौका गंवाने की वजह से टीम से अंदर बाहर होते रहे मगर जब मौका मिला तो छोड़ा नहीं और इस विश्वकप की किंवदंती बन गए.विश्व कप के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट.संजू सेनसेशनल सैमसन आपको सलाम है.
यह भी पढ़ें- T20 World Cup 2026: फाइनल में 'धुरंधरों' का तूफान, इन 5 सबसे बड़ी वजहों ने भारत को फिर बनाया विश्व चैंपियन
प्रचंड फॉर्म में लौटे संजू
बीती रात अहमदाबाद क्रिकेट स्टेडियम में हुए फाइनलल मुकाबले में संजू सैमसन ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को धो दिया. वह शतक से तीसरी बार इस विश्वकप में चूक गए लेकिन 89 रनों की ताबड़तोड़ पारी ने कीवी टीम को नाकों चने चबवा दिए. सिक्स मारकर खाता खोलने वाले संजू ने 46 गेंदों में 89 रनों की अपनी बेशकीमती पारी में 5 चौके और 8 छक्के मारे. इंग्लैंड के खिलाफ मस्ट विन सेमीफाइनल गेम में 42 गेंदों में 89 और उससे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रन बनाने वाले संजू ने फिर एक बार अपने आपको साबित किया है.














