- भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे मैच में कोच गौतम गंभीर की रणनीति से चार विकेट से जीत हासिल की
- विराट कोहली ने महत्वपूर्ण 93 रन बनाए, जिससे भारत का स्कोर मजबूत हुआ और जीत की राह आसान हुई
- केएल राहुल को नंबर छह पर बल्लेबाजी कराने का फैसला सफल रहा, उन्होंने 21 गेंदों में नाबाद 29 रन बनाए
Gautam Gambhir, IND vs NZ 1st ODI: न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हरा दिया. भारत की जीत में विराट कोहली की 93 रन की पारी अहम रही, कोहली की पारी के दम पर भारतीय टीम ने जीत हासिल की. एक ओर जहां विराट की पारी ने मैच को जीताने में अहम भूमिका निभाई तो वहीं दूसरी ओर कोच गौतम गंभीर की एक खास रणनीति ने इस मैच को भारत के लिए बचा लिया. क्योंकि एक समय भारत के 6 विकेट 279 रन पर गिर गए थे और यहां से कीवी टीम मैच को जीतने के बारे में सोच रही थी. लेकिन कोच गंभीर की अहम रणनीति ने इस मैच में काम किया और भारत को जीत दिला दी.
नंबर 6 पर केएल राहुल को बल्लेबाजी कराने का फैसला सही साबित हुआ
विराट कोहली ने 93 रन की पारी खेली और 234 रन के स्कोर पर आउट हुए. यहां से भी मैच भारत के पाले में थी. लेकिन इसके बाद काइल जैमीसन ने कहर बरपाया और 4 विकेट लेकर भारत की पारी को लड़खड़ा किया. लेकिन गौतम गंभीर की चाल ने यहां काम किया और राहुल ने नंबर 6 पर बैटिंग करते हुए संयम के साथ भारत को जीत के दरवाजे पर पहुंचा दिया. यही नहीं मैच में हर्षित राणा ने भी बल्ले से कमाल किया और 29 रन की पारी खेली, राणा की पारी ने भी मैच को बचाने का काम किया. राहुल और राणा ने आखिरी समय में अहम पारी खेलकर भारत को 4 विकेट से जीत दिला दी. बता दें कि केएल राहुल ने 21 गेंद पर 29 रन की नाबाद पारी खेली और सुदंर के साथ मिलकर 7वें विकेट के लिए 27 रन की पार्टनरशिप कर भारत को जीत दिला दी.
बता दें कि बड़ौदा वनडे के दौरान, भारत जीत के करीब था लेकिन सुंदर के चोटिल होने के कारण रवींद्र जडेजा को भेजा गया, जबकि राहुल नंबर 6 पर बल्लेबाजी करने आए थे. शुरुआत में यह एक छूटा हुआ मौका लगा क्योंकि जडेजा जल्दी आउट हो गए और भारत का मिनी-कोलैप्स हो गया, जिसके बाद हर्षित राणा और राहुल की 37 रन की पार्टनरशिप ने उन्हें जीत के करीब पहुंचाया.
ब्रॉडकास्टर्स से बात करते हुए, केएल राहुल ने कहा कि "मिडिल-ऑर्डर में आने से उन्हें अपनी बैटिंग को समझने में बहुत मदद मिली है क्योंकि यह एक ऐसी भूमिका है जिसमें उन्हें शुरू से ही रन बनाने होते हैं"
राहुल ने अपनी बात आगे ले जाते हुए कहा
राहुल ने कहा कि "नंबर 6 पर बैटिंग करने में ओपनिंग करने की तुलना में ज़्यादा प्रेशर होता है क्योंकि एक गलती गेम को विपक्षी टीम के पक्ष में कर सकती है. उन्होंने कहा कि उन्हें यह चैलेंज रोमांचक लगता है और वह दिन के आखिर में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनकर खुश हैं."














